धामपुर (बिजनौर): राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सर्वोपरि होती है और जब यह युवा शक्ति समाज सेवा के लिए आगे आती है, तो बदलाव की बयार बहनी निश्चित है। इसी उद्देश्य को चरितार्थ करते हुए, धामपुर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एसबीडी कॉलेज धामपुर (SBD College Dhampur) की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने ग्राम नौरंगाबाद में एक सराहनीय पहल की है। कॉलेज की छात्राओं द्वारा एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें न केवल ग्रामीणों को स्वास्थ्य और स्वच्छता का पाठ पढ़ाया गया, बल्कि एक जागरूकता रैली निकालकर पूरे गांव को स्वच्छता के प्रति संकल्पित भी किया गया।READ ALSO:-मेरठ में 'लव मैरिज' पर 'धर्मयुद्ध': 13 फरवरी को बजनी थी शहनाई, अब थाने पहुंची बात; चाचा ने दर्ज कराया धर्मांतरण का मुकदमा
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एसबीडी कॉलेज धामपुर एनएसएस शिविर का यह आयोजन सौभाग्यवती बाई दानी महिला महाविद्यालय (एसबीडी) की कर्मठ प्राचार्या डॉ. पूनम चौहान के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने ग्रामीण परिवेश में जागरूकता की एक नई मिसाल पेश की है।
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ग्राम नौरंगाबाद के पंचायत घर में शिविर का शुभारंभ

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कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम नौरंगाबाद के पंचायत घर में हुई, जहां एनएसएस की छात्राओं और कार्यक्रम अधिकारियों का ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। यह शिविर भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त अभियान 'कौशल विकास' और 'स्वच्छ भारत अभियान' के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया था।
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कॉलेज की प्राचार्या डॉ. पूनम चौहान ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनना चाहिए। उनके इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए, एनएसएस इकाई की छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ शिविर में भाग लिया।
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स्वास्थ्य और स्वच्छता: जागरूकता का मूल मंत्र
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शिविर का मुख्य आकर्षण ग्रामीणों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। आज के समय में, जब संचारी रोग और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सही जानकारी का अभाव एक बड़ी चुनौती है।
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इस एसबीडी कॉलेज धामपुर एनएसएस शिविर के दौरान छात्राओं ने ग्रामीणों को समझाया कि:
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    दैनिक स्वच्छता: कैसे अपने आसपास की सफाई रखकर हम मलेरिया, डेंगू और डायरिया जैसी बीमारियों से बच सकते हैं।
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    हाथ धोने का महत्व: खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोना क्यों जरूरी है।
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    पोषण और स्वास्थ्य: महिलाओं और बच्चों के लिए सही पोषण की आवश्यकता क्या है।
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कार्यक्रम अधिकारी मीनू शर्मा की उपस्थिति में छात्राओं ने बहुत ही सरल और प्रभावी तरीके से ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि 'कौशल विकास' के तहत सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं कैसे उनकी आजीविका को बेहतर बना सकती हैं और स्वस्थ शरीर ही किसी भी कौशल को सीखने की पहली सीढ़ी है।
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गांव की गलियों में गूंजे स्वच्छता के नारे: जागरूकता रैली
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शिविर के दूसरे सत्र में, राष्ट्रीय सेवा योजना की समस्त सेविकाओं ने कार्यक्रम अधिकारी मीनू शर्मा के निर्देशन में ग्राम नौरंगाबाद में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली। छात्राओं के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े प्रेरक नारे लिखे हुए थे।
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"स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत", "जन-जन का यह नारा है, स्वस्थ समाज हमारा है", और "गंदगी को दूर भगाना है, नौरंगाबाद को स्वच्छ बनाना है" जैसे नारों से पूरा गांव गूंज उठा। यह रैली गांव की मुख्य गलियों से होती हुई गुजरी। छात्राओं ने घर-घर जाकर लोगों को कूड़ा निस्तारण के सही तरीके बताए और उनसे अपील की कि वे अपने घर के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों को भी साफ रखें।
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इस रैली का प्रभाव यह हुआ कि कई ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और छात्राओं के इस प्रयास की सराहना की। बच्चों और युवाओं ने भी रैली में उत्साह दिखाया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जागरूकता का बीज सही जगह बोया गया है।
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राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का महत्व और छात्राओं की भूमिका

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राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का आदर्श वाक्य है "मैं नहीं, आप" (Not Me But You)। यह वाक्य निस्वार्थ सेवा की भावना को दर्शाता है। एसबीडी कॉलेज की छात्राओं ने इस आदर्श को अपने कार्यों में उतारा है।
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कॉलेज की कार्यक्रम अधिकारी मीनू शर्मा ने बताया कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य छात्राओं के व्यक्तित्व का विकास करना और उन्हें समाज की वास्तविकताओं से रूबरू कराना है। जब एक छात्रा ग्रामीण परिवेश में जाकर काम करती है, तो उसमें नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव जागृत होता है।
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इस शिविर के माध्यम से छात्राओं ने सीखा कि:

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    संवाद कौशल: अनजान लोगों से कैसे बात करनी है और अपनी बात कैसे समझानी है।
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    समस्या समाधान: ग्रामीण समस्याओं को समझना और उनके छोटे-छोटे समाधान खोजना।
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    सहानुभूति: समाज के वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता रखना।
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कौशल विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण

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शिविर के दौरान भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त अभियान 'कौशल विकास' पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं ने ग्रामीणों को बताया कि आज के दौर में हुनरमंद होना कितना जरूरी है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी, जिनसे वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
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स्वास्थ्य जागरूकता को कौशल विकास से जोड़ते हुए बताया गया कि एक स्वस्थ व्यक्ति ही बेहतर तरीके से काम कर सकता है और देश की प्रगति में योगदान दे सकता है। एसबीडी कॉलेज धामपुर एनएसएस शिविर ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
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प्राचार्या डॉ. पूनम चौहान का विजन
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सौभाग्यवती बाई दानी महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पूनम चौहान ने हमेशा छात्राओं को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है। उनका मानना है कि बेटियां ही समाज में सच्चे बदलाव की संवाहक हैं। उनके मार्गदर्शन में कॉलेज लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, जिससे बिजनौर जनपद में जागरूकता का प्रसार हो रहा है।
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इस सफल आयोजन के लिए प्राचार्या ने एनएसएस इकाई, कार्यक्रम अधिकारी मीनू शर्मा और सभी स्वयंसेविकाओं को बधाई दी। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जन-कल्याणकारी कार्यों को जारी रखने का आश्वासन दिया।
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ग्राम नौरंगाबाद में आयोजित यह एक दिवसीय शिविर और जागरूकता रैली केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक शुरुआत है। एसबीडी कॉलेज धामपुर एनएसएस शिविर ने साबित कर दिया है कि शैक्षणिक संस्थान चारदीवारी के भीतर सीमित न रहकर समाज के विकास में सक्रिय भागीदार बन सकते हैं। छात्राओं द्वारा फैलायी गई जागरूकता निश्चित रूप से ग्रामीणों की जीवनशैली में सुधार लाएगी और उन्हें स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाएगी।
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इस तरह के प्रयास न केवल 'स्वच्छ भारत' के सपने को साकार करते हैं, बल्कि 'सशक्त भारत' की नींव भी रखते हैं। उम्मीद है कि नौरंगाबाद के निवासी इन सीखों को अपने जीवन में अपनाएंगे और अन्य गांवों के लिए भी एक उदाहरण बनेंगे।
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धामपुर स्थित एसबीडी कॉलेज (SBD College Dhampur) की एनएसएस इकाई ने प्राचार्या डॉ. पूनम चौहान के मार्गदर्शन में ग्राम नौरंगाबाद में एक दिवसीय शिविर और जागरूकता रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम अधिकारी मीनू शर्मा के नेतृत्व में छात्राओं ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और कौशल विकास योजनाओं के प्रति जागरूक किया। छात्राओं ने रैली निकालकर "स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत" का संदेश दिया, जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की।
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