बिजनौर/नूरपुर (Bijnor News): 77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) के पावन अवसर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जहां एक ओर सरकारी कार्यालयों और पुलिस लाइन में ध्वजारोहण की औपचारिकताएं निभाई गईं, वहीं नूरपुर (Noorpur) की सड़कों पर 'जय जवान, जय किसान' के नारे गूंज उठे। नूरपुर में आयोजित भव्य समारोह में करीब 150 से 175 ट्रैक्टरों के साथ एक विशाल तिरंगा यात्रा (Tiranga Yatra) निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की अलख जगा दी।READ ALSO:-बिजनौर में खौफनाक मंजर: नहटौर ब्लॉक में 'आग का गोला' बनी चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी, चालक ने फिल्म स्टाइल में कूदकर बचाई जान
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इस आयोजन ने न केवल स्थानीय लोगों के दिलों में राष्ट्रप्रेम का संचार किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि देश का अन्नदाता (किसान) राष्ट्रीय पर्वों को मनाने में किसी से पीछे नहीं है।
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नूरपुर की सड़कों पर दिखा 'मिनी भारत'

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नूरपुर में 26 जनवरी की सुबह का आगाज ही एक अलग उत्साह के साथ हुआ। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद लोगों के जोश में कोई कमी नहीं थी। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। ध्वजारोहण के बाद जैसे ही राष्ट्रगान की धुन बजी, वहां मौजूद हर शख्स का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
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इसके तुरंत बाद, वह पल आया जिसका सभी को इंतजार था। लगभग 150 से 175 ट्रैक्टरों का काफिला जब तिरंगे के साथ सड़कों पर उतरा, तो वह दृश्य देखने लायक था। ट्रैक्टरों पर सवार युवा, बुजुर्ग और किसान हाथों में तिरंगा लिए 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारे लगा रहे थे।
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150-175 मीटर लंबी तिरंगा यात्रा: एकता का प्रतीक

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इस आयोजन की एक और बड़ी विशेषता वह विशाल तिरंगा था, जिसे यात्रा के दौरान प्रदर्शित किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, देशभक्ति नारों के बीच लगभग 150 से 175 मीटर लंबी पैदल तिरंगा यात्रा भी इस जुलूस का हिस्सा रही। सैकड़ों हाथों ने एक साथ इस विशाल तिरंगे को थाम रखा था, जो देश की एकता और अखंडता का एक सशक्त संदेश दे रहा था।
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यात्रा नूरपुर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से होकर गुजरी। छतों पर खड़े स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस राष्ट्रीय पर्व के रंग में रंगा नजर आया।
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संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ट्रैक्टर रैलियां अक्सर किसान आंदोलनों का प्रतीक रही हैं, लेकिन इस बार का मौका पूरी तरह से राष्ट्र को समर्पित था। यात्रा के समापन स्थल पर एक सभा का आयोजन किया गया, जहां क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
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वक्ताओं ने भारतीय संविधान (Indian Constitution) की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "हमारा संविधान ही हमें एक सूत्र में पिरोता है और हमारे अधिकारों की रक्षा करता है।" सभा के दौरान मौजूद सैकड़ों किसानों और युवाओं को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। सभी ने एक स्वर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
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पश्चिमी यूपी में ट्रैक्टर यात्रा का ट्रेंड

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बिजनौर और उसके आसपास के इलाकों (जैसे धामपुर, नहटौर) में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड निकालना अब एक परंपरा सी बनती जा रही है। इससे पहले भी किसान संगठनों ने दिल्ली और स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस वर्ष भी, नूरपुर के अलावा जिले के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट ट्रैक्टर रैलियों की खबरें मिली हैं, जो यह दर्शाती हैं कि ग्रामीण भारत में गणतंत्र दिवस का उत्साह अब शहरों से कम नहीं है।
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मुख्य विशेषताएं एक नजर में:

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    स्थान: नूरपुर, बिजनौर (Noorpur, Bijnor)
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    अवसर: 77वां गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026)
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    प्रमुख आकर्षण: 150-175 ट्रैक्टरों का काफिला
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    प्रतिभागी: किसान, युवा, गणमान्य नागरिक और ग्रामीण
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    विशेष: 150-175 मीटर लंबा तिरंगा और संविधान रक्षा संकल्प
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प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था

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इतने बड़े आयोजन को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। बिजनौर पुलिस (Bijnor Police) ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि आम राहगीरों को कोई परेशानी न हो। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ।
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नूरपुर में आयोजित यह Tractor Tiranga Yatra सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि बदलते भारत की एक तस्वीर है। यह दिखाता है कि गांव और किसान मुख्यधारा से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। 150 से 175 ट्रैक्टरों की यह गर्जना और सैकड़ों लोगों का संविधान के प्रति समर्पण, बिजनौर के इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को और प्रबल करते हैं।
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बिजनौर के नूरपुर में 77वें गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक जश्न मनाया गया। यहां 150 से 175 ट्रैक्टरों के साथ एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें किसानों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान 150-175 मीटर लंबे तिरंगे ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। यह आयोजन पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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