बिजनौर/उत्तर प्रदेश: सड़क हादसों और आगजनी की घटनाएं अक्सर रोंगटे खड़े कर देती हैं। एक ऐसा ही खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में देखने को मिला है। जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र में उस वक्त भारी अफरातफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब मुख्य मार्ग पर दौड़ रहे एक भारी-भरकम ट्रक टैंकर ने अचानक आग पकड़ ली। आग इतनी विकराल थी कि आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और दूर-दूर से आग की लपटें दिखाई देने लगीं। राहगीरों की सांसें अटक गईं। इस हादसे में टैंकर पूरी तरह से जलकर खाक हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।READ ALSO:-NSE का बड़ा धमाका: अब डिमैट खाते से खरीदें मात्र 100 मिलीग्राम 24-कैरेट सोना, 'इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड' ने खत्म की मेकिंग चार्ज और चोरी की टेंशन!
\r\n\r\n\r\n\r\n
हादसे की शुरुआत: कैसे भड़की चिंगारी?
\r\n\r\nप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक व्यस्त मार्ग पर हुई। एक ट्रक टैंकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। तभी अचानक वाहन के इंजन या केबिन के हिस्से में वायरिंग के अंदर शॉर्ट सर्किट (Short Circuit) हुआ।
\r\n\r\n\r\n\r\n
शुरुआत में केबिन से हल्का धुआं निकलना शुरू हुआ। आमतौर पर वाहन चलाते समय हल्का धुआं नजरअंदाज हो जाता है, लेकिन इस मामले में चंद सेकंड के भीतर ही चिंगारी ने भयंकर रूप अख्तियार कर लिया। हवा के संपर्क में आते ही आग तेजी से भड़क उठी और उसने पूरे केबिन को अपनी आगोश में ले लिया। आग की लपटें तेजी से टैंकर के पिछले हिस्से की तरफ बढ़ने लगीं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
चालक की सूझबूझ: 'कूदकर बचाई अपनी जान'
\r\n\r\nजैसे ही केबिन में आग की लपटें तेज हुईं और धुआं भरने लगा, ट्रक चालक को स्थिति की गंभीरता का एहसास हो गया। उसे समझ आ गया कि अगर वह कुछ और सेकंड अंदर रहा, तो वह जिंदा जल जाएगा। बिना एक पल की देरी किए, चालक ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
उसने जलते हुए ट्रक का दरवाजा खोला और अपनी जान की परवाह किए बिना बाहर छलांग लगा दी। चालक के कूदते ही कुछ ही पलों में पूरा केबिन आग का गोला बन गया। यदि चालक ने कूदने में थोड़ी भी देरी की होती, तो एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सड़क पर मची भारी अफरातफरी और दहशत का माहौल
\r\n\r\nबीच सड़क पर धू-धू कर जलते इस विशालकाय ट्रक टैंकर को देखकर वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों में भारी दहशत फैल गई।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n ट्रैफिक हुआ ठप: आग की भयानकता को देखते हुए दोनों ओर से आ रहे वाहनों के पहिए थम गए। लोगों ने सुरक्षा के लिहाज से अपने वाहनों को काफी दूर ही रोक लिया, जिसके चलते सड़क पर लंबा जाम लग गया।\r\n \r\n
- \r\n विस्फोट का डर: चूंकि वह एक टैंकर था, इसलिए वहां मौजूद लोगों के मन में यह खौफ बैठ गया था कि कहीं टैंकर में कोई ज्वलनशील पदार्थ (जैसे पेट्रोल, डीजल या गैस) न भरा हो। अगर ऐसा होता, तो एक बड़ा धमाका हो सकता था जो आस-पास के इलाके को भी भारी नुकसान पहुंचा सकता था। इसी डर के कारण कोई भी जलते ट्रक के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
फायर ब्रिगेड का त्वरित एक्शन: कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
\r\n\r\nघटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग (Fire Brigade) को दी गई। स्थिति की नजाकत को समझते हुए चांदपुर थाने की पुलिस टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाते हुए चंद मिनटों में ही घटनास्थल पर पहुंच गईं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
फायर फाइटर्स ने तुरंत मोर्चा संभाला। आग इतनी प्रचंड थी कि पानी की बौछारें भी शुरुआत में बेअसर साबित हो रही थीं। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से घेरकर टैंकर पर फोम और पानी का छिड़काव शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत और कई पानी के टैंकरों को खाली करने के बाद आखिरकार इस भीषण आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका।
\r\n\r\n\r\n\r\n
लाखों का नुकसान: टैंकर जलकर हुआ राख
\r\n\r\nभले ही आग बुझा ली गई हो, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि ट्रक टैंकर का केबिन और उसका एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से जलकर लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुका था। इंजन, टायर, और वाहन के सभी महत्वपूर्ण कलपुर्जे पिघल कर खाक हो गए थे। वाहन मालिक को इस हादसे में लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
पुलिस ने क्रेन की मदद से जले हुए टैंकर के मलबे को सड़क से किनारे हटवाया और यातायात को सुचारू रूप से दोबारा शुरू कराया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि टैंकर में वास्तव में क्या भरा हुआ था और शॉर्ट सर्किट किन कारणों से हुआ।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वाहनों में शॉर्ट सर्किट: एक गंभीर चेतावनी
\r\n\r\nबिजनौर की यह घटना उन सभी वाहन चालकों और मालिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपने वाहनों के रखरखाव (Maintenance) में लापरवाही बरतते हैं। खासकर गर्मियों के मौसम में या लगातार लंबे सफर पर रहने वाले भारी वाहनों में शॉर्ट सर्किट का खतरा काफी बढ़ जाता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हादसों से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n नियमित सर्विसिंग: ट्रकों और भारी वाहनों की वायरिंग की समय-समय पर किसी अनुभवी मैकेनिक से जांच करवानी चाहिए। कोई भी तार खुला या कटा हुआ नहीं होना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n ओवरलोडिंग से बचें: केबिन के अंदर बिजली के उपकरणों (जैसे एक्स्ट्रा लाइट, पंखे या म्यूजिक सिस्टम) का ओवरलोड बैटरी और वायरिंग पर भारी दबाव डालता है, जो शॉर्ट सर्किट का मुख्य कारण बनता है।\r\n \r\n
- \r\n फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र): हर कमर्शियल वाहन और कार में एक चालू हालत का फायर एक्सटिंग्विशर होना अनिवार्य है। कई बार शुरुआत में लगी छोटी आग को इसके जरिए बुझाकर बड़े हादसे को टाला जा सकता है।\r\n \r\n
- \r\n नकली पार्ट्स से परहेज: वायरिंग या फ्यूज बदलते समय हमेशा असली (Original) और ब्रांडेड पार्ट्स का ही इस्तेमाल करें। सस्ते तारों का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
चांदपुर का यह हादसा गवाही देता है कि सड़क पर एक छोटी सी तकनीकी खामी (शॉर्ट सर्किट) कितनी जल्दी जानलेवा रूप ले सकती है। ट्रक चालक की किस्मत अच्छी थी कि वह समय रहते वाहन से बाहर आ गया। पुलिस और प्रशासन लगातार वाहन मालिकों से अपील कर रहे हैं कि वे कमर्शियल वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट और वायरिंग की नियमित जांच को गंभीरता से लें, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.