शकील अहमद ब्यूरो चीफI बिजनौरI नूरपुर, उत्तर प्रदेश — बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। खेतों से गुजर रहे एक जर्जर हाईटेंशन तार की चपेट में आने से वीरेंद्र सिंह चौहान (50) की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बिजनौर-मुरादाबाद रोड पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया।READ ALSO:-50 साल पुरानी 'आग' फिर भड़की: पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में हाई कोर्ट बेंच के लिए वकीलों का 'न्यायिक बहिष्कार'
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क्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nअसदपुर धमरौली गाँव के किसान वीरेंद्र सिंह चौहान मंगलवार की सुबह अपने खेत में पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। उनके खेत के ठीक ऊपर से एक पुरानी, जर्जर हाईटेंशन बिजली की लाइन काफी नीचे लटकी हुई थी। आशंका है कि इसी लाइन में दौड़े करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
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जब कई घंटे बाद भी वीरेंद्र वापस नहीं लौटे, तो उनके परिवार के लोग उन्हें खोजने के लिए खेतों में पहुँचे। वहाँ उन्होंने वीरेंद्र को मृत अवस्था में पाया, जिसके बाद पूरे गाँव में मातम छा गया।
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आक्रोशित भीड़ ने किया 'महाजाम'
\r\n\r\nकिसान की मौत की खबर आग की तरह फैल गई, और देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए। मौके पर पहुँचे पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों को लोगों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से विभाग को इस खतरनाक और नीचे लटकी हुई लाइन को ठीक करने के लिए सूचित किया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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गुस्साए लोगों ने न्याय की मांग करते हुए बिजनौर-मुरादाबाद रोड पर जाम लगा दिया। वे इस बात पर अड़ गए कि जब तक मृतक के परिवार को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलता और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव को नहीं उठाने देंगे।
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अधिकारियों की लंबी जद्दोजहद और आश्वासन
\r\n\r\nजाम की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुँचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अडिग रहे। आखिरकार, एसडीएम नितिन तेवतिया, सीओ दीपक कुमार, और बिजली विभाग के अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
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वीरेंद्र सिंह चौहान अपने पीछे अपनी पत्नी सरोज और दो बेटों अंकित कुमार और अनिल कुमार को छोड़ गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग की लापरवाही और सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.