Anil Kumar Sharma, Special Correspondent-धामपुर (बिजनौर न्यूज़ डेस्क): लोकतंत्र में प्रशासन की सबसे बड़ी सफलता यही मानी जाती है कि वह जनता की पहुंच में हो और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान हो। इसी उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) द्वारा हर महीने तहसीलों में 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में धामपुर तहसील (Dhampur Tehsil) के सभागार में आयोजित समाधान दिवस में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी।READ ALSO:-23 लाख सपनों की भावनात्मक जर्नी: NEET के दबाव और 'लातूर पैटर्न' की अनकही कहानी लेकर आ रही है वेब सीरीज "रैंकर्स", दमदार टीजर लॉन्च
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गांव-देहात और नगर क्षेत्र से आए सैकड़ों लोगों ने अपनी शिकायतें, परेशानियां और विवाद तहसील के आला अधिकारियों के सामने रखे। इस पूरे कार्यक्रम की कमान धामपुर की उप जिलाधिकारी (SDM) स्मृति मिश्रा और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से संभाली। आइए, इस पूरे आयोजन, इसमें आई शिकायतों के प्रकार और अधिकारियों द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों पर विस्तार से नज़र डालते हैं।
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आंकड़ों की जुबानी: धामपुर समाधान दिवस का रिपोर्ट कार्ड
\r\n\r\nकिसी भी प्रशासनिक शिविर की सफलता उसके द्वारा निपटाए गए मामलों के आंकड़ों से तय होती है। धामपुर तहसील में आयोजित इस समाधान दिवस का रिपोर्ट कार्ड कुछ इस प्रकार रहा:
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- \r\n कुल प्राप्त शिकायतें (Total Complaints Received): दिन भर चले इस शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 117 शिकायतें अधिकारियों की टेबल पर पहुंचीं।\r\n \r\n
- \r\n मौके पर निस्तारण (On-the-Spot Resolution): इनमें से 09 शिकायतें ऐसी थीं, जिनकी प्रकृति सामान्य थी या जिनका समाधान तुरंत किया जा सकता था। अधिकारियों ने इन 9 मामलों में तुरंत फैसला लेते हुए फरियादियों को मौके पर ही राहत प्रदान की।\r\n \r\n
- \r\n लंबित/प्रेषित शिकायतें (Forwarded Complaints): शेष बची 108 शिकायतों को उनकी गंभीरता और जांच की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों (जैसे- राजस्व, पुलिस, बिजली, जल निगम आदि) को प्रेषित (Forward) कर दिया गया है।\r\n \r\n
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SDM स्मृति मिश्रा के कड़े निर्देश: "लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी"
\r\n\r\nकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) स्मृति मिश्रा पूरे एक्शन मोड में नजर आईं। उन्होंने सभागार में मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों (BDO), तहसीलदारों और लेखपालों को सख्त हिदायत दी।
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SDM द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश:
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- \r\n समयबद्धता (Time-bound Action): जो 108 शिकायतें विभागों को भेजी गई हैं, उनका निस्तारण तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए। किसी भी फाइल को बेवजह अटका कर न रखा जाए।\r\n \r\n
- \r\n गुणवत्तापूर्ण समाधान (Quality Resolution): अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर (Paperwork) नहीं होना चाहिए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोपरि है। यदि कोई अधिकारी फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायत को बंद करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n स्थल निरीक्षण (Field Inspection): राजस्व और जमीन से जुड़े विवादों में लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों (Kanoongo) को आदेश दिया गया कि वे मौके पर (Ground Zero) जाकर दोनों पक्षों की मौजूदगी में निष्पक्ष पैमाइश करें और विवाद को हमेशा के लिए खत्म करें।\r\n \r\n
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CO अंजनी कुमार चतुर्वेदी का फोकस: "कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली"
\r\n\r\nसमाधान दिवस में पुलिस और कानून-व्यवस्था (Law & Order) से जुड़ी कई शिकायतें भी आईं। पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने थाना प्रभारियों (SHOs) और पुलिस कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
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- \r\n अवैध कब्जों पर सख्ती: उन्होंने कहा कि जमीन पर अवैध कब्जे के मामलों में पुलिस राजस्व टीम का पूरा सहयोग करे। अगर कोई दबंग या असामाजिक तत्व शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उस पर तुरंत कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाए।\r\n \r\n
- \r\n महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुनवाई: CO ने थानों की पुलिस को हिदायत दी कि जब भी कोई पीड़ित, विशेषकर महिलाएं या बुजुर्ग, थाने आएं तो उनकी बात संवेदनशीलता से सुनी जाए और उनकी FIR दर्ज करने में कोई हीलाहवाली न की जाए।\r\n \r\n
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किस तरह की शिकायतें लेकर पहुंची धामपुर की जनता?
\r\n\r\nतहसील दिवस में आने वाली शिकायतों का विश्लेषण करें, तो इससे धामपुर क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का एक 'एक्स-रे' (X-Ray) सामने आता है। जो 117 शिकायतें प्राप्त हुईं, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से जुड़े मामले सबसे ज्यादा थे:
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- \r\n राजस्व विभाग (Revenue Department) - सर्वाधिक मामले:\r\n\r\n
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- \r\n खेतों की मेड़बंदी (Boundaries) और रास्तों का विवाद।\r\n \r\n
- \r\n सार्वजनिक संपत्तियों (जैसे- तालाब, चकरोड, ग्राम समाज की जमीन) पर अवैध अतिक्रमण।\r\n \r\n
- \r\n खतौनी में नाम सुधार और वरासत (Inheritance) दर्ज कराने में देरी।\r\n \r\n
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- \r\n पुलिस विभाग (Police Department):\r\n\r\n
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- \r\n पड़ोसियों के बीच मारपीट और जमीनी विवाद में दबंगई की शिकायतें।\r\n \r\n
- \r\n थानों में सुनवाई न होने या जांच में देरी के आरोप।\r\n \r\n
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- \r\n विद्युत विभाग (Electricity Department):\r\n\r\n
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- \r\n गलत और मनमाने बिजली के बिल आना।\r\n \r\n
- \r\n गांवों में जर्जर तार और ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायतें, जिन्हें समय पर बदला नहीं जा रहा है।\r\n \r\n
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- \r\n विकास एवं आपूर्ति विभाग (Development & Supply):\r\n\r\n
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- \r\n राशन कार्ड (Ration Card) से नाम कट जाना या कोटेदारों द्वारा कम राशन देना।\r\n \r\n
- \r\n प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) की किश्त रुकना।\r\n \r\n
- \r\n गांवों में नालियों की सफाई और जलभराव की समस्या।\r\n \r\n
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क्या होता है बची हुई 108 शिकायतों का? (The Process)
\r\n\r\nजो 108 शिकायतें आज मौके पर हल नहीं हो पाईं, उनकी एक पूरी 'चेन ऑफ कमांड' (Chain of Command) होती है। इन शिकायतों को उत्तर प्रदेश सरकार के IGRS (Integrated Grievance Redressal System) या जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कर दिया जाता है। हर शिकायतकर्ता को एक रजिस्ट्रेशन नंबर (Reference ID) दिया जाता है। अधिकारियों को इन शिकायतों को सुलझाने के लिए अधिकतम 7 से 15 दिन का समय मिलता है। यदि इस अवधि में अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करते हैं, तो पोर्टल पर वह शिकायत 'डिफॉल्टर' (Defaulter) श्रेणी में आ जाती है, जिसकी निगरानी सीधे लखनऊ स्तर से की जाती है। इसी जवाबदेही के कारण 'समाधान दिवस' आम जनता के लिए एक शक्तिशाली हथियार बन चुका है।
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जनता की प्रतिक्रिया: "सुनवाई से मिली संतुष्टि"
\r\n\r\nआम दिनों में किसी बड़े अधिकारी (जैसे SDM या CO) से मिलना एक आम आदमी के लिए काफी मुश्किल होता है। लेकिन संपूर्ण समाधान दिवस एक ऐसा मंच है जहां गरीब से गरीब व्यक्ति बिना किसी बिचौलिए (Middleman) के सीधे आला अधिकारियों को अपनी परेशानी बता सकता है।
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धामपुर तहसील से बाहर निकलते हुए कई फरियादियों के चेहरे पर राहत नजर आई। जिन 9 लोगों के मामले मौके पर ही सुलझा दिए गए, उन्होंने प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। अन्य फरियादियों ने भी इस बात पर संतोष (Satisfaction) व्यक्त किया कि SDM साहिबा और CO साहब ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और मातहत अधिकारियों को उनके सामने ही फटकार लगाते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिया।
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धामपुर तहसील में आयोजित यह समाधान दिवस प्रशासनिक चुस्ती और जन-सरोकार का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। 117 में से 9 शिकायतों का त्वरित समाधान यह दर्शाता है कि अगर प्रशासन चाहे तो लालफीताशाही (Red Tapism) को खत्म किया जा सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिन 108 शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजा गया है, उन पर निचले स्तर के अधिकारी कितनी ईमानदारी और फुर्ती से काम करते हैं। धामपुर प्रशासन का यह प्रयास निश्चित तौर पर जनता और सरकार के बीच विश्वास (Trust) को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
Sabse pehle comment karne wale banein.