उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के अंतर्गत आने वाले धामपुर शहर के विकास को गति देने के उद्देश्य से आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शनिवार की दोपहर, पंडित रूद्र दत्त शर्मा पुस्तकालय के ऐतिहासिक एवं गरिमामयी प्रांगण में धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस बैठक ने धामपुर नगर के आगामी वित्तीय वर्ष की विकास रूपरेखा को न केवल तय किया, बल्कि जनता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा का मंच भी प्रदान किया। बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद धामपुर के लोकप्रिय एवं जनसरोकारों से जुड़े अध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह ने की। उनकी कुशल अध्यक्षता में शहर के चहुंमुखी विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तारीकरण पर लंबी और सार्थक मंत्रणा हुई।READ ALSO:-बिजनौर में यूपी पुलिस का कड़ा एक्शन: 4 घरों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाने वाला आरोपी एनकाउंटर में घायल, भागने की कोशिश में पैर में लगी गोली!
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लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण (Democratic Decentralization) और स्थानीय स्वशासन की मजबूती के लिए नगर पालिकाओं की बोर्ड बैठकें अत्यंत आवश्यक होती हैं। इसी कड़ी में आयोजित इस धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक में अधिशासी अधिकारी (Executive Officer - EO) रविशंकर शुक्ल, वरिष्ठ लिपिक पवन कुमार और पालिका के सभी वार्डों से निर्वाचित सभासदों (Ward Members) की शत-प्रतिशत उपस्थिति रही। बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित आय-व्यय (बजट) का प्रस्तुतीकरण और उसे पारित करना था। सभी सदस्यों ने एकजुटता का परिचय देते हुए जनहित के इस बजट को ध्वनि मत से मेजें थपथपाकर पारित कर दिया। (Internal link to related article: उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकायों के विकास और उनके बजट आवंटन की प्रक्रिया)
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पंडित रूद्र दत्त शर्मा पुस्तकालय: ज्ञान और विकास का संगम
\r\n\r\nइस बार की धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक का आयोजन स्थल अपने आप में विशेष रहा। पंडित रूद्र दत्त शर्मा पुस्तकालय धामपुर की एक ऐतिहासिक और बौद्धिक धरोहर है। आमतौर पर पालिका की बैठकें टाउन हॉल या पालिका के मुख्य कार्यालय के सभागार में होती हैं, लेकिन पुस्तकालय के शांत और गरिमामयी वातावरण में इस बैठक के आयोजन ने एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
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पुस्तकालय में बैठकर शहर के विकास का खाका खींचना यह दर्शाता है कि पालिका प्रशासन केवल भौतिक विकास (सड़क, नाली, खड़ंजा) तक ही सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह शहर के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास को भी उतनी ही तरजीह दे रहा है। सदस्यों ने इस बात की भी सराहना की कि ऐसे स्थानों पर बैठकें आयोजित होने से सार्वजनिक संपत्तियों और पुस्तकालयों के रखरखाव की ओर भी प्रशासन का ध्यान आकृष्ट होता है। पुस्तकालय परिसर में बैठक की व्यवस्था वरिष्ठ लिपिक पवन कुमार और पालिका के अन्य कर्मचारियों की देखरेख में बेहद सुचारू रूप से की गई थी।
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वार्डों की समस्याएं और सभासदों का मुखर रुख
\r\n\r\nनगर पालिका के बोर्ड की बैठक वह सबसे बड़ा और आधिकारिक मंच होता है जहां शहर के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाले सभासद अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं सीधे पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के सामने रखते हैं। आज की धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक में भी शहर के विभिन्न वार्डों की जमीनी हकीकत पर खुलकर चर्चा हुई।
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जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम की समस्या आगामी मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए कई सभासदों ने अपने वार्डों में जलभराव की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया। शहर के निचले इलाकों में जलनिकासी (Drainage system) की उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी गलियों में पानी भर जाता है। सभासदों ने मांग की कि बड़े नालों की तलीझाड़ सफाई समय रहते पूरी की जाए ताकि जनता को संक्रामक बीमारियों और आवागमन की दिक्कतों से बचाया जा सके।
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पेयजल आपूर्ति और पाइपलाइन गर्मी के मौसम के दस्तक देते ही पेयजल की समस्या भी एक बड़ा मुद्दा बन जाती है। कई वार्डों के सभासदों ने पुरानी और जर्जर हो चुकी पानी की पाइपलाइनों को बदलने और नए ट्यूबवेल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, और बोर्ड बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि शहर के किसी भी मोहल्ले में पानी का संकट न गहराने पाए।
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सड़क निर्माण और पथ प्रकाश (Streetlights) टूटी हुई सड़कें और गलियों में अंधेरा, आम जनता की सबसे बड़ी शिकायतों में से एक होते हैं। बैठक के दौरान सभासदों ने अपने-अपने वार्डों में क्षतिग्रस्त मार्गों के पुनर्निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाने, और खराब पड़ी एलईडी स्ट्रीट लाइटों (LED Streetlights) को तुरंत दुरुस्त कराने की मांग रखी।
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अध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह का कुशल नेतृत्व और समाधान
\r\n\r\nजब सभासदों ने एक-एक करके अपने वार्डों की समस्याओं का पुलिंदा खोला, तो अध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह ने पूरी गंभीरता और धैर्य के साथ हर एक सदस्य की बात को सुना। उन्होंने किसी भी मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया। उनकी कार्यशैली इस बात का प्रमाण थी कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर 'सबका साथ, सबका विकास' की तर्ज पर काम करने में विश्वास रखते हैं।
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अध्यक्ष रवि कुमार सिंह ने सभासदों द्वारा उठाई गई हर समस्या पर अधिशासी अधिकारी (EO) रविशंकर शुक्ल के साथ गहनता से विचार-विमर्श किया। उन्होंने मौके पर ही कई समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
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उन्होंने बोर्ड को आश्वस्त किया कि:
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- \r\n नालों की सफाई: सफाई निरीक्षकों (Sanitary Inspectors) की जिम्मेदारी तय की जाएगी और नालों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा।\r\n \r\n
- \r\n सड़कों का टेंडर: जिन मार्गों के निर्माण के प्रस्ताव लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द पास कराकर ई-टेंडरिंग (E-tendering) के माध्यम से कार्य शुरू कराया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n पारदर्शिता: पालिका में होने वाले हर कार्य में पूरी पारदर्शिता (Transparency) बरती जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के लिए पालिका में कोई जगह नहीं है, और विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।\r\n \r\n
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अध्यक्ष के इस सकारात्मक और त्वरित प्रतिक्रिया वाले रवैये ने सभी सभासदों को संतुष्ट कर दिया। सदन में जो गहमागहमी समस्याओं को लेकर शुरू हुई थी, वह अध्यक्ष के संतोषजनक जवाबों के बाद एक सहयोगात्मक माहौल में तब्दील हो गई।
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अधिशासी अधिकारी रविशंकर शुक्ल और प्रशासनिक अमले की भूमिका
\r\n\r\nस्थानीय निकाय के सुचारू संचालन में निर्वाचित प्रतिनिधियों (अध्यक्ष और सभासद) के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की भी अहम भूमिका होती है। धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक में अधिशासी अधिकारी (EO) रविशंकर शुक्ल ने शासन के दिशा-निर्देशों, नए शासनादेशों (Government Orders) और पालिका की वित्तीय स्थिति का पूरा ब्यौरा बोर्ड के सामने रखा।
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अधिशासी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के लिए जो भी प्रस्ताव सदन द्वारा पारित किए जाएंगे, उन पर त्वरित गति से तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति (Technical and Financial Sanction) प्राप्त कर काम शुरू कराया जाएगा। इसके अलावा, वरिष्ठ लिपिक पवन कुमार ने बैठक के सभी कार्यवृत्त (Minutes of the Meeting) को दर्ज किया और प्रशासनिक पत्रावलियों को सदन के पटल पर रखा। प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी और अधिकारियों के सटीक जवाबों ने बैठक को और अधिक उद्देश्यपूर्ण बना दिया।
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वर्ष 2026-27 का अनुमानित आय-व्यय बजट: एक विस्तृत विश्लेषण
\r\n\r\nआज की धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक का सबसे ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब बैठक के समापन अवसर पर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पालिका का अनुमानित आय-व्यय (Income and Expenditure Budget) प्रस्तुत किया गया। किसी भी नगर पालिका के लिए बजट पास होना उसके साल भर के विकास कार्यों की जीवनरेखा (Lifeline) होता है।
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बजट में क्या-क्या होता है शामिल? एक नगर पालिका के बजट में मुख्य रूप से दो हिस्से होते हैं - आय (Income) और व्यय (Expenditure)।
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- \r\n आय के स्रोत (Sources of Income): पालिका की आय के मुख्य स्रोतों में हाउस टैक्स (House Tax), वाटर टैक्स (Water Tax), दुकानों का किराया, लाइसेंस फीस, होर्डिंग व विज्ञापन से होने वाली आय, और सबसे महत्वपूर्ण—राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) तथा 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) से मिलने वाला अनुदान शामिल होता है।\r\n \r\n
- \r\n व्यय के मद (Heads of Expenditure): पालिका इस पैसे को सफाई कर्मचारियों और स्टाफ के वेतन, पेंशन, शहर की साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण (Solid Waste Management), सड़क व नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था, पार्कों के सौंदर्यीकरण और आपातकालीन सेवाओं पर खर्च करती है।\r\n \r\n
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बजट प्रस्तुतीकरण और ध्वनि मत से पारित होना अधिशासी अधिकारी और लेखा विभाग द्वारा तैयार किए गए इस 2026-27 के अनुमानित बजट को जब अध्यक्ष रवि कुमार सिंह ने पटल पर रखा, तो सभी सदस्यों ने इसका स्वागत किया। बजट में शहर के मूलभूत ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया था।
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चूंकि अध्यक्ष ने पहले ही सभी सदस्यों की शंकाओं का समाधान कर दिया था और वार्डों के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित करने का भरोसा दिलाया था, इसलिए बजट को लेकर सदन में कोई गतिरोध नहीं हुआ। जैसे ही बजट को पास करने का प्रस्ताव रखा गया, सदन में मौजूद सभी सभासदों ने मेजें थपथपाकर (Thumping the tables) और एक स्वर में ध्वनि मत (Voice Vote) से इस अनुमानित आय-व्यय के बजट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। यह धामपुर की राजनीति में एक मजबूत और एकजुट बोर्ड की निशानी है।
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बिजनौर और धामपुर: विकास के पथ पर बढ़ते कदम
\r\n\r\nधामपुर, बिजनौर जिले का एक प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यहां की शुगर मिल (Dhampur Sugar Mills) पूरे एशिया में जानी जाती है। ऐसे में शहर की बढ़ती आबादी और शहरीकरण (Urbanization) के दबाव को संभालने के लिए नगर पालिका की जिम्मेदारी बहुत बढ़ जाती है। (Internal link to related article: उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियां और स्मार्ट सिटी मिशन)
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धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक में पास हुए बजट से यह उम्मीद जगी है कि अब शहर की सूरत बदलेगी। उत्तर प्रदेश सरकार भी लगातर 'स्वच्छ भारत मिशन' (Swachh Bharat Mission) और अमृत योजना (AMRUT Yojana) के तहत शहरों को साफ-सुथरा और आधुनिक बनाने के लिए भारी फंड दे रही है। धामपुर नगर पालिका का यह नया बजट शासन की इन योजनाओं को धरातल पर उतारने में एक 'रोडमैप' का काम करेगा।
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स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) पर फोकस
\r\n\r\nबजट पारित होने के साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर एक नया खाका तैयार किया गया है। आज के समय में कूड़ा निस्तारण शहरों की सबसे बड़ी समस्या है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन (Door-to-door garbage collection) को शत-प्रतिशत लागू करना और कूड़ा निस्तारण प्लांट को सुचारू रूप से चलाना पालिका की प्राथमिकता में शामिल है। अध्यक्ष रवि कुमार सिंह ने कई बार इस बात को दोहराया है कि धामपुर को प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में लाना उनका सपना है, और यह बजट उस सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम वित्तीय उपकरण साबित होगा।
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लोकतंत्र का चौथा स्तंभ: पत्रकारों का आभार ज्ञापन
\r\n\r\nकिसी भी सरकारी संस्था और आम जनता के बीच पुल का काम मीडिया और पत्रकार करते हैं। स्थानीय निकाय की हर एक योजना और बोर्ड की कार्यवाही को जन-जन तक पहुंचाने में पत्रकारों की भूमिका अहम होती है।
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धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक के सफलतापूर्वक संपन्न होने और बजट के सर्वसम्मति से पास होने के बाद, अध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह ने एक बेहद शिष्टाचार पूर्ण कदम उठाया। उन्होंने बैठक में कवरेज के लिए उपस्थित शहर के सभी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों, छायाकारों (Photographers) और संवाददाताओं का विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त किया।
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अध्यक्ष ने कहा कि मीडिया का सकारात्मक सहयोग और उनकी रचनात्मक आलोचना पालिका को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती है। इसके साथ ही, उन्होंने बैठक को सफल बनाने, अनुशासित तरीके से अपनी बात रखने और शहर के विकास के लिए एकजुटता दिखाने के लिए पालिका के सभी निर्वाचित सदस्यों (सभासदों) और पालिका के कर्मचारियों का भी हृदय से आभार व्यक्त किया।
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कुल मिलाकर, पंडित रूद्र दत्त शर्मा पुस्तकालय में संपन्न हुई यह धामपुर नगर पालिका बोर्ड बैठक शहर के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी। जहां एक तरफ देश के कई निकायों में बैठकों के दौरान भारी हंगामा और राजनीति देखने को मिलती है, वहीं धामपुर नगर पालिका ने समन्वय, संवाद और सर्वसम्मति की एक उत्कृष्ट मिसाल पेश की है। अध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व, अधिशासी अधिकारी रविशंकर शुक्ल के प्रशासनिक अनुभव और सभी सभासदों की सकारात्मक सोच के कारण ही वर्ष 2026-27 का अनुमानित आय-व्यय बजट बिना किसी अवरोध के पारित हो सका।
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अब धामपुर की जनता को उम्मीद है कि कागजों पर बना यह बजट जल्द ही जमीन पर विकास के रूप में दिखाई देगा। टूटी सड़कें बनेंगी, नालियां साफ होंगी, रातें रोशन होंगी और धामपुर एक 'स्मार्ट' और 'स्वच्छ' नगर के रूप में अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा। नगर पालिका परिषद धामपुर का यह एकजुट बोर्ड इस बात का स्पष्ट संकेत है कि जब जनप्रतिनिधि जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हैं, तो विकास के रास्ते की हर बाधा खुद-ब-खुद दूर हो जाती है।
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जनपद बिजनौर के धामपुर में नगर पालिका बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक पंडित रूद्र दत्त शर्मा पुस्तकालय में अध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ईओ रविशंकर शुक्ल सहित सभी सभासद मौजूद रहे। सभासदों ने जलभराव, सड़क और सफाई जैसी वार्डों की समस्याएं रखीं, जिनका अध्यक्ष ने संतोषजनक समाधान किया। बैठक के अंत में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुमानित आय-व्यय बजट पेश किया गया, जिसे सभी सदस्यों ने मेज थपथपाकर ध्वनि मत से पारित कर दिया। अंत में अध्यक्ष ने पत्रकारों और सभासदों का आभार व्यक्त किया।
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