Anil Kumar Sharma, Special Correspondent-धामपुर / बिजनौर (खबरीलाल न्यूज़ डेस्क)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में किसानों के लिए खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाई टेंशन (High Tension) बिजली की लाइनें मौत का फंदा साबित हो रही हैं। धामपुर थाना क्षेत्र से बुधवार को एक ऐसी ही दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के ग्राम नसीरपुर बनवारी में गन्ने की फसल में कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहे एक 30 वर्षीय किसान (मजदूर) की हाई टेंशन तार की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हादसा इतना भयानक था कि युवक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इस हृदयविदारक घटना की खबर जैसे ही गांव वालों को लगी, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के परिवार में चीख-पुकार मची हुई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
\r\n\r\n
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नसीरपुर बनवारी निवासी 30 वर्षीय सुनील कुमार पुत्र विक्रम सिंह बुधवार को हमेशा की तरह अपने खेतों की देखभाल करने के लिए निकले थे। बिजनौर जिले में इन दिनों गन्ने की फसल तेजी से बढ़ रही है और उसमें कीड़ा लगने से बचाने के लिए किसान लगातार कीटनाशकों (Pesticides) का छिड़काव कर रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सुनील कुमार भी अपनी गन्ने की फसल को सुरक्षित रखने के लिए पीठ पर स्प्रे मशीन (Spray Machine) बांधकर खेत में दवाई का छिड़काव कर रहे थे। गन्ने की ऊंचाई अधिक होने के कारण स्प्रे मशीन के साथ एक लंबा लोहे / एल्युमिनियम का पाइप (लेंस) इस्तेमाल किया जाता है, ताकि दवा फसल के ऊपरी हिस्से तक पहुंच सके।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इसी दौरान एक भयानक चूक हो गई। खेत के ठीक ऊपर से बिजली विभाग की हाई टेंशन (HT) लाइन गुजर रही थी। गन्ने के घने खेत में काम करते समय सुनील को ऊपर लटकते तारों का अंदाजा नहीं हो पाया और स्प्रे मशीन का लंबा पाइप अचानक हाई टेंशन तार से टच (छू) हो गया। तार में प्रवाहित हो रहे 11 हजार या उससे अधिक वोल्टेज के करंट ने एक झटके में सुनील को अपनी चपेट में ले लिया। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि सुनील वहीं खेत में गिर पड़े और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

छिन गया परिवार का इकलौता सहारा, मची चीख-पुकार

\r\n\r\n
खेत के आस-पास काम कर रहे अन्य किसानों ने जब यह हादसा देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाया और घटना की सूचना सुनील के परिजनों तथा अन्य ग्रामीणों को दी। देखते ही देखते घटनास्थल पर गांव वालों की भारी भीड़ जमा हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जब सुनील के परिजन खेत पर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। गन्ने के हरे-भरे खेत के बीच उनके लाल का शव पड़ा हुआ था। मृतक की पत्नी और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि 30 वर्षीय सुनील बेहद मेहनती युवक था और अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाला अकेला (इकलौता) कमाने वाला सदस्य था। उसकी इस असामयिक और दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट भी खड़ा हो गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पुलिस और बिजली विभाग का एक्शन, शुरू हुई जांच
\r\n\r\n
हादसे की भयावहता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय पुलिस और विद्युत विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही धामपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
\r\n\r\n
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल का जायजा लिया और ग्रामीणों की मदद से शव को खेत से बाहर निकलवाया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा (Panchnama) की कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए बिजनौर जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे मौके पर: हादसे की सूचना मिलने के बाद विद्युत विभाग के अवर अभियंता (JE) और अन्य कर्मचारी व अधिकारी भी आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों में बिजली विभाग को लेकर भारी रोष देखा गया। अक्सर यह शिकायत रहती है कि खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइनें बहुत नीचे झूलती रहती हैं, जिन्हें विभाग समय रहते कसता नहीं है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि तारों की ऊंचाई मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

खेतों में लटकती 'मौत की लाइनें' और प्रशासन की अनदेखी (खबरीलाल डेस्क का नज़रिया)

\r\n\r\n
यह हादसा बिजनौर, धामपुर और पश्चिमी यूपी के समूचे गन्ना बेल्ट के लिए कोई नई बात नहीं है। हर साल ऐसे कई मामले सामने आते हैं जहां खेतों में काम करते समय किसान झूलते हुए बिजली के तारों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठते हैं या आग लगने से उनकी फसल राख हो जाती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
ग्रामीणों ने कई बार बिजली विभाग से मांग की है कि खेतों के बीच से गुजरने वाली जर्जर और झूलती हुई लाइनों को ऊंचा किया जाए और केबल वाले तार डाले जाएं, लेकिन विभागीय अनदेखी का खामियाजा अंततः गरीब किसानों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि मृतक सुनील के परिवार को तत्काल प्रभाव से भारी आर्थिक मुआवजा (Compensation) दिया जाए, क्योंकि वही परिवार का एकमात्र सहारा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
किसानों के लिए 'खबरीलाल' की विशेष सुरक्षा अपील
\r\n\r\n
गन्ने और अन्य ऊंची फसलों में काम करने वाले सभी किसान भाइयों से खबरीलाल अपील करता है कि:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    खेतों में लोहे या धातु के पाइप वाली स्प्रे मशीन का इस्तेमाल करते समय ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइनों का विशेष ध्यान रखें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    यदि आपके खेत के ऊपर तार बहुत नीचे झूल रहे हैं, तो तुरंत अपने उपकेंद्र या बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर (1912) पर शिकायत दर्ज कराएं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बारिश और नमी के मौसम में तारों के आस-पास काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें, क्योंकि नमी में करंट फैलने का दायरा बढ़ जाता है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
(धामपुर और बिजनौर जिले की हर अहम खबर, अपराध से जुड़ी अपडेट्स और स्थानीय समस्याओं की ग्राउंड रिपोर्ट सबसे पहले और विस्तार से पढ़ने के लिए जुड़े रहें खबरीलाल न्यूज़ पोर्टल के साथ।)
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें