धामपुर/बिजनौर (Health & Society Desk): स्वास्थ्य ही सच्ची संपदा है, और जब शिक्षा के मंदिरों में स्वास्थ्य सेवा का संगम होता है, तो समाज के विकास की एक नई और मजबूत नींव रखी जाती है। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के धामपुर क्षेत्र में स्थित श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पीपलसाना ने इसी पुनीत विचार को धरातल पर उतारते हुए एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य मेला और स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया।READ ALSO:-ब्रह्मांड का महा-संयोग: 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या और मिथुन संक्रांति का अद्भुत मिलन, जानें महा-पंचांग और सभी 12 राशियों का सटीक भविष्यफल!
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भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी (Indian Red Cross Society), जनपद बिजनौर के गरिमामयी तत्वावधान में आयोजित इस भव्य शिविर ने न केवल ग्रामीण और अर्ध-शहरी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मुफ्त में प्रदान कीं, बल्कि 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के सिद्धांत को भी पूरी तरह से चरितार्थ किया। इस आयोजन में जहां एक ओर 500 से अधिक रोगियों का सफल उपचार किया गया, वहीं दूसरी ओर सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत 250 से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें भविष्य की स्वास्थ्य सुरक्षा की बड़ी गारंटी भी दी गई।
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आइए, इस महा-आयोजन के हर पहलू, इसमें दी गई सुविधाओं, और इसे सफल बनाने वाले कर्मठ लोगों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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भव्य शुभारंभ और नई सड़क का ऐतिहासिक लोकार्पण
\r\n\r\nकार्यक्रम की शुरुआत पूरे विधि-विधान और उत्साह के साथ हुई। इस विशेष और जन-कल्याणकारी कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ क्षेत्र के लोकप्रिय और माननीय विधायक श्री ओम कुमार जी के प्रतिनिधि श्री शुक्ला जी, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के वरिष्ठ और समर्पित पदाधिकारी श्री टीकम सिंह सेंगर, तथा वरिष्ठ इंजीनियर श्री आशीष जी द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।
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उद्घाटन समारोह का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण आकर्षण एक नई सड़क का लोकार्पण रहा। अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) से श्री राम कॉलेज और अस्पताल परिसर तक जाने वाली नवनिर्मित सड़क का लोकार्पण किया गया।
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सड़क निर्माण का महत्व और दूरगामी परिणाम: किसी भी अस्पताल या शैक्षणिक संस्थान के लिए बेहतर कनेक्टिविटी जीवनरेखा के समान होती है। पहले हाईवे से कॉलेज तक पहुंचने में मरीजों, एंबुलेंस और विद्यार्थियों को जिस असुविधा का सामना करना पड़ता था, अब वह हमेशा के लिए खत्म हो गई है।
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- \r\n आपातकालीन चिकित्सा में वरदान: यह नई सड़क यह सुनिश्चित करेगी कि गंभीर रूप से बीमार या दुर्घटना के शिकार मरीजों को बिना किसी देरी (Golden Hour) के अस्पताल के आपातकालीन वार्ड तक पहुंचाया जा सके।\r\n \r\n
- \r\n छात्रों के लिए सुगमता: रोजाना कॉलेज आने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं के लिए अब आवागमन सुरक्षित और धूल-मुक्त हो गया है।\r\n \r\n
- \r\n क्षेत्रवासियों का विकास: इस सड़क के बनने से आसपास के गांवों का सीधा जुड़ाव मुख्य राजमार्ग से हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नई गति मिली है।\r\n \r\n
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विशेषज्ञों का जमावड़ा: हर मर्ज की मिली अचूक दवा
\r\n\r\nग्रामीण अंचलों में अक्सर विशेषज्ञ चिकित्सकों (Specialist Doctors) की कमी देखी जाती है। इसी कमी को पूरा करने के लिए श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेज ने एक ही छत के नीचे एलोपैथी, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और योग के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया था। स्वास्थ्य मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज का पहले सघन परीक्षण (Screening) किया गया और फिर उन्हें संबंधित विशेषज्ञ के पास भेजा गया।
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1. आयुर्वेद और जीवनशैली परामर्श
\r\n\r\nभारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद आज पूरी दुनिया में अपनी वैज्ञानिकता का लोहा मनवा रही है। इस शिविर में विवेक कॉलेज आयुर्वेदिक साइंस एवं हॉस्पिटल, बिजनौर की ओर से प्रख्यात आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. प्रीति और डॉ. ममता ने अपनी सराहनीय सेवाएं दीं। उन्होंने रोगियों की नाड़ी देखकर वात, पित्त और कफ दोषों का परीक्षण किया। मरीजों को जोड़ों का दर्द, गैस्ट्रिक समस्याएं, त्वचा रोग और मौसमी बीमारियों के लिए बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधियां और सटीक परामर्श प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि कैसे रसायनों से दूर रहकर प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
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2. प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) और योग
\r\n\r\nआजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां (जैसे बीपी, शुगर, थायराइड) तेजी से बढ़ रही हैं। इनका सबसे अच्छा इलाज प्राकृतिक चिकित्सा और योग में है। इस विभाग की जिम्मेदारी डॉ. नरेंद्र सिंह और श्रीमती सुनीता ने बखूबी निभाई। उन्होंने शिविर में आए लोगों को बताया कि 'हमारा भोजन ही हमारी औषधि होनी चाहिए'। उन्होंने जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा और दैनिक योग अभ्यासों के बारे में बहुमूल्य जानकारी दी, जिससे बिना किसी दवा के स्वस्थ जीवन जिया जा सके।
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3. नेत्र परीक्षण और निःशुल्क चश्मा वितरण (Eye Care Campaign)
\r\n\r\nआंखें प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार हैं। बढ़ती उम्र के साथ मोतियाबिंद (Cataract), दूर-पास की दृष्टि कमजोर होना जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नसीम अहमद तथा डॉ. अनुराग सिसोदिया ने अपनी टीम के साथ अत्याधुनिक मशीनों से सैकड़ों मरीजों की आंखों की गहन जांच की।
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- \r\n मुफ्त चश्मा वितरण: जिन मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों की नजर कमजोर पाई गई, उन्हें तुरंत उनके नंबर के अनुसार निःशुल्क चश्मे (Free Spectacles) वितरित किए गए। मुफ्त चश्मा पाकर कई गरीब बुजुर्गों के चेहरे पर जो मुस्कान खिली, वह इस मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।\r\n \r\n
- \r\n जरूरतमंद मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए भी उचित सलाह और आगे की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।\r\n \r\n
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4. टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन पहल
\r\n\r\nटीबी (Tuberculosis) आज भी भारत के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को गति देते हुए इस शिविर में टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार एवं डॉ. यशवंत सिंह ने विशेष रूप से अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने पुरानी खांसी, सीने में दर्द और वजन कम होने जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जांच की। साथ ही, ग्रामीणों को जागरूक किया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, नियमित दवाइयों के सेवन से इसे पूरी तरह हराया जा सकता है।
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गरीबों का सहारा: 250 आयुष्मान कार्ड का सफल पंजीकरण
\r\n\r\nस्वास्थ्य मेले का एक अन्य सबसे बड़ा और प्रभावशाली पहलू 'आयुष्मान भारत योजना' (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना - PMJAY) के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण रहा। भारत सरकार की यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो गरीब और कमजोर आय वर्ग के परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है।
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अक्सर देखा जाता है कि जानकारी या संसाधनों के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के कई पात्र लोग अपना आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पाते हैं। श्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेज के प्रबंधन ने इस समस्या को समझते हुए स्वास्थ्य मेले में एक विशेष काउंटर स्थापित किया था।
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- \r\n शिविर की बड़ी उपलब्धि: मेले के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटरों और सरकारी समन्वयकों की मदद से लगभग 250 गरीब और पात्र रोगियों के आयुष्मान कार्ड (Ayushman Cards) मौके पर ही बनाए गए।\r\n \r\n
- \r\n इस कदम से अब ये 250 परिवार भविष्य में किसी भी बड़ी बीमारी के इलाज के खर्च की चिंता से मुक्त हो गए हैं। यह सीधे तौर पर समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने का एक बेहतरीन प्रयास था।\r\n \r\n
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रक्तदान - महादान: युवाओं ने दिखाया उत्साह और पेश की मिसाल
\r\n\r\nइस स्वास्थ्य मेले के साथ-साथ एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर (Voluntary Blood Donation Camp) का भी आयोजन किया गया था। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की टीम की देखरेख में आयोजित इस शिविर में कॉलेज के युवाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय समाजसेवियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
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रक्तदान का महत्व: रक्त का निर्माण किसी फैक्ट्री में नहीं किया जा सकता; यह केवल एक इंसान ही दूसरे इंसान को दे सकता है। दुर्घटना के शिकार लोगों, थैलेसीमिया के मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बड़ी सर्जरी के दौरान रक्त की अत्यधिक आवश्यकता होती है। शिविर में रक्तदान करने वाले युवाओं के चेहरों पर समाज सेवा का जो भाव था, वह देखने लायक था। चिकित्सकों ने बताया कि रक्तदान करने से न केवल दूसरों की जान बचती है, बल्कि रक्तदाता के शरीर में नई कोशिकाओं (New Cells) का निर्माण होता है, जिससे हार्ट अटैक और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है। इस शिविर में एकत्रित किया गया रक्त ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा गया है, जो भविष्य में कई अनमोल जिंदगियां बचाने के काम आएगा।
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500 से अधिक रोगियों का हुआ मुफ्त इलाज और दवा वितरण
\r\n\r\nसुबह से लेकर शाम तक चले इस विशाल स्वास्थ्य मेले में कुल 500 से अधिक रोगियों का सफल उपचार किया गया। पर्चा बनवाने से लेकर, डॉक्टरों के परामर्श, ब्लड शुगर और बीपी जैसी सामान्य जांचें, और फिर दवाइयां लेने तक—सब कुछ मरीजों के लिए पूरी तरह से निःशुल्क (Free of Cost) रखा गया था। महंगी अंग्रेजी दवाइयां, आयुर्वेदिक टॉनिक और अन्य आवश्यक औषधियां मरीजों को बिना एक भी रुपया लिए वितरित की गईं। गरीब और असहाय मरीजों के लिए यह मेला किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं था, जो पैसे के अभाव में अपना इलाज नहीं करा पाते हैं।
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मैनेजमेंट और पूरी टीम का अभूतपूर्व योगदान: इनके बिना संभव नहीं था यह महायज्ञ
\r\n\r\nकिसी भी इतने बड़े और सफल आयोजन के पीछे एक मजबूत नेतृत्व और एक समर्पित टीम की दिन-रात की मेहनत होती है। इस पूरे कार्यक्रम की सफलता का श्रेय श्री राम ग्रुप की दूरदर्शी मैनेजमेंट और उनके परिश्रमी स्टाफ को जाता है।
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नेतृत्वकर्ता (The Visionaries): श्री राम ग्रुप के प्रबंधक डॉ. एन.पी. सिंह (Dr. NP Singh) और निदेशक डॉ. शिखा सिंह (Dr. Shikha Singh) के कुशल मार्गदर्शन में ही यह विशाल आयोजन मूर्तरूप ले सका। शिक्षा के साथ-साथ समाज को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं देने का उनका यह विजन क्षेत्र में बहुत सराहा जा रहा है। इसके साथ ही, डॉ. ममता सिंह, डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. सुबोध शर्मा और श्री योगेंद्र योगी ने पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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समर्पित अस्पताल स्टाफ (The Backbone): अस्पताल में आने वाले 500 से अधिक मरीजों की भीड़ को अनुशासित तरीके से संभालने, उनका रजिस्ट्रेशन करने और उन्हें सही डॉक्टर तक पहुंचाने में अस्पताल के स्टाफ— त्रिवेंद्र राणा, जय, अंकुर कौशिक, कुलदीप, वर्षा, और लक्ष्मी ने बिना थके पूरे दिन काम किया। उनकी मुस्कुराहट और सेवा भाव ने मरीजों का आधा दर्द वैसे ही कम कर दिया।
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कॉलेज फैकल्टी का सराहनीय सहयोग: शिक्षण कार्य के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी श्री राम कॉलेज की फैकल्टी हमेशा आगे रहती है। इस आयोजन में फैकल्टी सदस्यों— सलोनी चौहान, तनु ज्योति, चंचल सैनी, वर्षा सैनी, इकरा, राजन, प्रिया चौहान, तनु चौहान, सचिन कुमार, और हरि कृष्ण के साथ-साथ अन्य सभी कर्मचारियों ने वॉलंटियर्स (Volunteers) के रूप में अपना शानदार और विशेष योगदान दिया। पानी पिलाने से लेकर व्हीलचेयर पकड़ने तक, हर काम में यह टीम सबसे आगे खड़ी नजर आई।
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अतिथियों ने की भूरि-भूरि प्रशंसा: 'शिक्षा और स्वास्थ्य का ऐसा संगम दुर्लभ है'
\r\n\r\nकार्यक्रम के समापन सत्र के दौरान, उपस्थित अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में श्री राम ग्रुप के जन कल्याणकारी कार्यों की जमकर सराहना की।
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- \r\n डॉ. एन.पी. सिंह को शुभकामनाएं: अतिथियों ने विशेष रूप से डॉ. एन.पी. सिंह द्वारा धामपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाई जा रही क्रांति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के व्यावसायिक युग में जब चिकित्सा एक व्यापार बन गई है, ऐसे में इतना बड़ा निःशुल्क स्वास्थ्य मेला लगाना एक बहुत बड़ा और साहसिक कदम है। उन्होंने डॉ. सिंह के उज्जवल भविष्य और निरंतर इसी तरह की समाज सेवा करते रहने के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं।\r\n \r\n
- \r\n चिकित्सकों और स्टाफ का सम्मान: शिविर में अपनी निःस्वार्थ सेवाएं देने वाले सभी डॉक्टरों (डॉ. प्रीति, डॉ. ममता, डॉ. नसीम, डॉ. अशोक आदि), नर्सों, फार्मासिस्टों और रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोगियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।\r\n \r\n
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निष्कर्ष: समाज सेवा की दिशा में एक मील का पत्थर
\r\n\r\nश्री राम ग्रुप ऑफ कॉलेज एंड हॉस्पिटल, पीपलसाना, धामपुर द्वारा आयोजित यह स्वास्थ्य मेला और रक्तदान शिविर महज एक इवेंट नहीं था, बल्कि यह समाज के अंतिम व्यक्ति (Antyodaya) तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का एक महायज्ञ था।
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जब कोई गरीब व्यक्ति आंखों पर नया चश्मा लगाकर दुनिया को साफ देख पाता है, जब किसी बेसहारा के हाथ में 5 लाख के मुफ्त इलाज का 'आयुष्मान कार्ड' आता है, और जब कोई नौजवान किसी अनजान की जान बचाने के लिए अपना खून दान करता है—तो एक स्वस्थ, सशक्त और सुंदर राष्ट्र का निर्माण होता है।
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भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और श्री राम ग्रुप की यह संयुक्त पहल उत्तर प्रदेश के अन्य शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गई है। यह आयोजन यह सिद्ध करता है कि यदि संस्थान और समाज मिलकर एक नेक नीयत से काम करें, तो कोई भी समस्या बड़ी नहीं होती। धामपुर और पीपलसाना के क्षेत्रवासी इस अभूतपूर्व सेवा के लिए श्री राम कॉलेज प्रबंधन के हमेशा आभारी रहेंगे। उम्मीद है कि भविष्य में भी संस्था द्वारा इस प्रकार के जन-कल्याणकारी आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति पैसे या जानकारी के अभाव में इलाज से वंचित न रहे।
Sabse pehle comment karne wale banein.