शकील अहमद ब्यूरो चीफ बिजनौरI नूरपुर, बिजनौर: जैसे-जैसे त्योहारी सीजन की रौनक बाजारों पर चढ़ रही है, नूरपुर पुलिस ने इस जश्न को अपराध के ग्रहण से बचाने के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, क्षेत्राधिकारी (CO) चांदपुर की अगुवाई में थाने को ही 'व्यापार की चौपाल' में तब्दील कर दिया गया। इस अनूठी पहल, जिसे 'मिशन सेफ बाजार' का नाम दिया गया है, में शहर के व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और दिन-रात नकदी के साथ घूमने वाले कलेक्शन एजेंटों को बुलाकर सुरक्षा का एक ऐसा 'चक्रव्यूह' तैयार किया गया, जिसे तोड़ना अपराधियों के लिए नामुमकिन होगा।READ ALSO:-वो जिसका कोई नाम नहीं था... मेरठ में रामलीला की रोशनी तले एक गुमनाम बचपन का दर्दनाक अंत, कौन है इस मौत का जिम्मेदार?
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थाने में सजी 'व्यापार की चौपाल', सुरक्षा बनी सबसे बड़ी पंचायत
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यह कोई आम बैठक नहीं थी, बल्कि एक ऐसी पंचायत थी जिसका मुद्दा एक ही था - 'बाजार की सुरक्षा'। सीओ चांदपुर ने औपचारिकताओं से हटकर व्यापारियों और एजेंटों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा, "आप लोग इस शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम चाहते हैं कि आप सिर्फ एक व्यापारी या एजेंट नहीं, बल्कि पुलिस के 'सुरक्षा सारथी' बनें।" इस चौपाल का मकसद पुलिस और व्यापारिक समुदाय के बीच की दूरी को खत्म कर एक ऐसी टीम बनाना था जो अपराधियों की हर हरकत पर नजर रखे।
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CO का 'सुरक्षा मंत्र': "आपकी आंख-कान बनें, हम बनेंगे आपकी ढाल"
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क्षेत्राधिकारी ने व्यापारियों और खासकर कलेक्शन एजेंटों को सुरक्षा के कुछ ऐसे 'गुरुमंत्र' दिए जो उनके लिए रक्षा कवच का काम करेंगे। उन्होंने समझाया कि अपराधी हमला करने से पहले रेकी करते हैं, इसलिए:
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    नियम तोड़ें, सुरक्षित रहें: कभी भी एक ही रास्ते और एक ही समय पर कलेक्शन के लिए न निकलें। आपका अनियमित रूटीन अपराधियों के मंसूबों को फेल कर देगा।
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    डिजिटल बनें, रिस्क घटाएं: जितना संभव हो, कैश की जगह ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करें। कम कैश का मतलब है कम जोखिम।
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    'तीसरी आंख' का पहरा: अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों पर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे जरूर लगवाएं। यह सिर्फ आपके लिए नहीं, बल्कि पूरे बाजार की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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    शक पर एक्शन: अगर कोई व्यक्ति या वाहन बार-बार आपके आसपास दिखे या पीछा करता महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत उसकी फोटो या वाहन का नंबर लेकर पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल करें। आपकी एक कॉल एक बड़ी वारदात को टाल सकती है।
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सिर्फ निर्देश नहीं, संवाद भी: व्यापारियों ने खोलीं समस्याएं
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इस बैठक की खासियत यह रही कि यह एकतरफा संवाद नहीं था। व्यापार मंडल के सदस्यों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं। उन्होंने बाजार के कुछ अंधेरे कोनों, पार्किंग की अव्यवस्था और शाम के समय सुनसान रहने वाली गलियों में गश्त बढ़ाने की मांग की। कलेक्शन एजेंटों ने भी कुछ ঝুঁকিপূর্ণ इलाकों के बारे में पुलिस को जानकारी दी। सीओ ने सभी की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि बताए गए सभी पॉइंट्स पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा और बाजार में पुलिस की मौजूदगी पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी ढंग से दिखाई देगी।
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यह बैठक एक भरोसे के साथ समाप्त हुई - एक तरफ पुलिस का सुरक्षा का भरोसा, तो दूसरी तरफ व्यापारियों का सतर्क रहने का वादा।
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