बिजनौर/गाजियाबाद (UP News): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर अपने चिर-परिचित आक्रामक और 'जीरो-टॉलरेंस' वाले अंदाज में नजर आए हैं। सोमवार को बिजनौर जिले के अफजलगढ़ क्षेत्र स्थित आलमपुर गावड़ी पहुंचे सीएम योगी ने मंच से अपराध, गोहत्या, और विपक्ष की राजनीति पर तीखे प्रहार किए। गाजियाबाद में हाल ही में हुए 'सूर्या हत्याकांड' का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधियों और उनके संरक्षकों को कड़ा संदेश दिया।READ ALSO:-बिजनौर में CM योगी का ऐतिहासिक कदम: 1947 के 1645 विस्थापित परिवारों का 77 साल का वनवास खत्म, सौंपा जमीनों का मालिकाना हक
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सीएम योगी का यह दौरा न केवल कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सख्त चेतावनी देने के लिए था, बल्कि दशकों से न्याय की आस लगाए बैठे पाकिस्तान से आए हिंदू विस्थापितों को उनके अधिकार सौंपने के लिए भी ऐतिहासिक रहा। आइए, विस्तार से जानते हैं कि सीएम योगी ने मंच से क्या-क्या कहा और गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड में अब तक क्या एक्शन हुआ है।
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सूर्या हत्याकांड पर सख्त योगी: "सामने खर-दूषण हों तो शस्त्र उठाना होगा"

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गाजियाबाद में बकरीद के दिन हुई सूर्या नाम के युवक की निर्मम हत्या पर सीएम योगी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी और गुंडागर्दी की कोई जगह नहीं है।
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    अभिभावकों को दी नसीहत: सीएम ने सख्त लहजे में कहा, "अभी गाजियाबाद में दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी हुई। यह कतई बर्दाश्त नहीं है। अगर कोई अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा है, तो समझ लो वह बहुत बड़ी गलती कर रहा है।"
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    भगवान कृष्ण का दिया उदाहरण: मुख्यमंत्री ने अहिंसा और न्याय को परिभाषित करते हुए कहा, "अहिंसा और करुणा मानवता के भूषण (गहने) जरूर हैं, लेकिन अगर सामने खर-दूषण (राक्षस) खड़े हों, तो शस्त्र उठाना ही पड़ता है। भगवान श्री कृष्ण ने भी गीता में कहा था कि सज्जनों के लिए ही हम सज्जन बनें, दुर्जनों के लिए नहीं।"
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सूर्या हत्याकांड में अब तक का एक्शन और 'बुलडोजर' की तैयारी

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आपको बता दें कि गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में 28 मई (बकरीद के दिन) असद नाम के युवक ने सूर्या की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी।
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    एनकाउंटर: रविवार (31 मई) तड़के यूपी पुलिस ने हत्यारे असद को एक मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया।
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    गिरफ्तारी: पुलिस ने साजिश रचने के आरोप में असद के पिता नवाब सहित 3 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 5वें आरोपी की तलाश जारी है।
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    बुलडोजर एक्शन: अब असद के घर पर योगी सरकार का बुलडोजर चलने की तैयारी है। सोमवार को प्रशासन की टीम ने असद के घर पर अवैध कब्जे का नोटिस चस्पा कर दिया है। एसडीएम ने असद के पिता नवाब को 15 दिन के भीतर जवाब देने और खुद अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया है।
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'गोमाता' पर गरजे योगी: "गाय हमारी माता है, दोगलापन तुम्हारा है"

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सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर गोमाता की फोटो लगाकर बकरीद की बधाई देने वालों को भी आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही उन्होंने गाय को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने की मांग करने वालों को भी करारा जवाब दिया।
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    "पीढ़ियां याद रखेंगी अंजाम": योगी ने चेतावनी देते हुए कहा, "मैं उनको बोलना चाहता हूं, यूपी में गोहत्या का मतलब समझते हो न क्या होगा? अगर जान रहे हो तो फिर अपने चेले-चपाटों को समझा लो। गोमाता के साथ किसी भी तरह की कोई हिमाकत की तो तुम्हारी कई-कई पीढ़ियां अंजाम याद करेंगी।"
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    "मां को प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं": गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की कांग्रेस और विपक्ष की मांग पर सीएम ने कहा, "गाय हमारी माता है। क्या मां-बेटे के बीच यह घोषित करने की जरूरत पड़ती है कि यह तुम्हारी मां है? ये हमारे संस्कार हैं। पशु तो तुम्हारी बुद्धि है, जो तुम हमारी गोमाता को पशु बोलते हो। आक्रांताओं को हमें कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है, जैसे गंगा हमारी माता है, वैसे ही गोमाता स्वघोषित राष्ट्रमाता है।"
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पाकिस्तान-बांग्लादेश और मौलानाओं की चुप्पी पर प्रहार

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सीएम योगी ने राष्ट्रवाद और पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों (हिंदुओं) पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कुछ धर्मगुरुओं (मौलवियों) की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।
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    "कभी निंदा क्यों नहीं करते?": योगी ने पूछा, "आज से 6 महीने पहले जब बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हुआ था, तब एक भी मौलाना नहीं बोला। बांग्लादेश में पहले 22 फीसदी हिंदू थे, वो अब सिर्फ 7 फीसदी रह गए हैं। पाकिस्तान में 14 फीसदी हिंदू थे, अब 2 फीसदी रह गए हैं। ये मौलाना कभी जुम्मे की नमाज में यह घोषणा क्यों नहीं करते कि पाकिस्तान भारत का दुश्मन है और घटिया काम कर रहा है?"
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    लखनऊ से दागेंगे ब्रह्मास्त्र: भारत की बढ़ती ताकत का अहसास कराते हुए सीएम ने कहा, "पाकिस्तान में हिंदू, सिख, जैन भाइयों के साथ जो अन्याय हुआ, हम पाकिस्तान के मुंह पर तमाचा मारने के लिए आए हैं। अब अगर भारत के खिलाफ दुस्साहस करोगे, तो लखनऊ से ही ऐसी ब्रह्मास्त्र मिसाइल दागेंगे कि तुम्हारा अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।"
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1947 के विस्थापितों को न्याय: 1645 परिवारों को मिला मालिकाना हक

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भाषण और सख्त चेतावनियों के बीच सीएम योगी ने बिजनौर के अफजलगढ़ (आलमपुर गावड़ी) में एक बहुत बड़ा मानवीय और ऐतिहासिक कार्य भी किया।
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    7 दशकों का इंतजार खत्म: उन्होंने 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय विस्थापित होकर बिजनौर में बसे 1645 हिंदू परिवारों और 50 पूर्व सैनिकों को उनकी जमीन के पट्टे (भूमिधरी अधिकार) सौंपे।
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    लखीमपुर खीरी का जिक्र: इससे पहले अप्रैल में सीएम योगी ने लखीमपुर खीरी में भी बांग्लादेश से आए 331 विस्थापित परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र बांटे थे। यह कदम सरकार की 'सबका साथ, सबका विकास' नीति को दर्शाता है।
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विकास और निष्पक्ष रोजगार पर जोर

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अपने दौरे के अंत में मुख्यमंत्री ने बिजनौर के विकास कार्यों का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि आज बिजनौर में शानदार मेडिकल कॉलेज खुल गया है। हाइवे और रेलवे के नए प्रोजेक्ट चल रहे हैं। रोजगार के मुद्दे पर पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "पहले पुलिस भर्ती में बस 'चाचा-भतीजा' का खेल होता था। आज बिजनौर से हजारों नौजवान बिना किसी सिफारिश के पुलिस में भर्ती हुए हैं। अब यूपी में कोई माई का लाल युवाओं की निष्पक्ष भर्ती को रोक नहीं सकता।"
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सीएम योगी का बिजनौर दौरा स्पष्ट रूप से यह संदेश दे गया है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई माफी नहीं है, जबकि दशकों से उपेक्षित विस्थापितों और आम नागरिकों के हकों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी।
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