बिजनौर (23 अगस्त 2026): श्रावण मास (सावन) में चल रही पवित्र कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) अब अपने चरम पर पहुंच गई है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों का जनसैलाब बिजनौर जनपद की सड़कों पर उमड़ पड़ा है। चारों ओर 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंज रहे हैं। इसी बीच, कांवड़ियों की भारी भीड़, यातायात के बढ़ते दबाव और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिजनौर जिला प्रशासन ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है।READ ALSO:-बिजनौर में सनसनी: गंग नहर में तैरती मिली अज्ञात युवक की सड़ी-गली लाश, शिनाख्त में जुटी पुलिस\r\n
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जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर के स्पष्ट निर्देशों के बाद, बिजनौर के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना ने रविवार शाम एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए सोमवार, 24 अगस्त 2026 को जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिन का पूर्ण अवकाश घोषित कर दिया है।
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किस-किस पर लागू होगा यह आदेश? (School Closure Details)
\r\n\r\nप्रशासन द्वारा जारी किए गए इस आदेश का दायरा बहुत व्यापक रखा गया है ताकि किसी भी क्षेत्र के बच्चों को परेशानी का सामना न करना पड़े। बीएसए सचिन कसाना के आदेश के मुताबिक, जनपद बिजनौर की सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी छोटे-बड़े शिक्षण संस्थान सोमवार को पूरी तरह से बंद रहेंगे।
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इन विद्यालयों में रहेगी छुट्टी:
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- \r\n सभी सरकारी व परिषदीय विद्यालय: (प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय)\r\n \r\n
- \r\n अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय (Aided Schools)\r\n \r\n
- \r\n सभी मान्यता प्राप्त वित्तविहीन एवं निजी (Private) स्कूल\r\n \r\n
- \r\n सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालय\r\n \r\n
- \r\n मदरसा बोर्ड (Madrasa Board) और अन्य सभी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान\r\n \r\n
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आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश प्री-प्राइमरी (कक्षा नर्सरी/KG) से लेकर कक्षा 12 तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए प्रभावी रहेगा।
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एक नज़र में: बिजनौर अवकाश अपडेट
\r\n\r\n| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n जानकारी \r\n | \r\n
| \r\n अवकाश की तिथि \r\n | \r\n \r\n 24 अगस्त 2026 (सोमवार) \r\n | \r\n
| \r\n कारण \r\n | \r\n \r\n कांवड़ यात्रा में भीड़ और ट्रैफिक डायवर्जन \r\n | \r\n
| \r\n किनके लिए \r\n | \r\n \r\n प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी छात्र \r\n | \r\n
| \r\n शामिल बोर्ड \r\n | \r\n \r\n यूपी बोर्ड, CBSE, ICSE, मदरसा आदि \r\n | \r\n
| \r\n आदेशकर्ता \r\n | \r\n \r\n DM जसजीत कौर / BSA सचिन कसाना \r\n | \r\n
छुट्टी घोषित करने के पीछे के मुख्य कारण (The Reason Behind the Decision)
\r\n\r\nबिजनौर जिला प्रशासन के लिए कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना एक बड़ी जिम्मेदारी है। 24 अगस्त (सोमवार) को स्कूल बंद रखने के फैसले के पीछे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सुरक्षात्मक कारण हैं:
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- \r\n यातायात का भारी दबाव (Traffic Congestion): कांवड़ यात्रा के अंतिम दिनों में मार्गों पर शिवभक्तों की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। बिजनौर से होकर गुजरने वाले मुख्य हाईवे और संपर्क मार्गों पर कांवड़ियों के जत्थे लगातार गुजर रहे हैं, जिससे सामान्य यातायात बुरी तरह प्रभावित है।\r\n \r\n
- \r\n रूट डायवर्जन (Route Diversion): कांवड़ियों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए प्रशासन ने कई मुख्य मार्गों पर भारी और हल्के वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। ट्रैफिक को दूसरे रास्तों (Diverted routes) पर मोड़ा गया है। ऐसे में स्कूल बसों और वैन का संचालन लगभग असंभव हो गया था।\r\n \r\n
- \r\n बच्चों की सुरक्षा (Student Safety): यदि सोमवार को स्कूल खुले रहते, तो सुबह और दोपहर के समय सड़कों पर स्कूली बच्चों, बसों और ई-रिक्शा की भारी भीड़ हो जाती। इससे न केवल कांवड़ियों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती, बल्कि छोटे बच्चों के ट्रैफिक जाम में घंटों फंसे रहने या दुर्घटना का शिकार होने का अंदेशा भी बना रहता।\r\n \r\n
- \r\n कानून-व्यवस्था बनाए रखना (Law & Order): भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने और पुलिस-प्रशासन का पूरा ध्यान कांवड़ यात्रा की सुरक्षा पर केंद्रित रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।\r\n \r\n
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प्राइवेट स्कूलों को BSA की सख्त चेतावनी
\r\n\r\nअक्सर देखा जाता है कि सरकारी आदेशों के बावजूद कुछ निजी (Private) स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी करते हैं और 'एक्स्ट्रा क्लास' (Extra Classes) या 'टेस्ट' का बहाना बनाकर बच्चों को स्कूल बुला लेते हैं।
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इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कसाना ने बेहद सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और विद्यालय प्रबंधकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
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\r\n\r\n\r\n"यह आदेश जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी और सार्वजनिक विद्यालयों पर बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू होगा। यदि किसी भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस आदेश की अवहेलना कर सोमवार को स्कूल खोला गया, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी और स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति भी की जा सकती है।"\r\n
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अभिभावकों ने ली राहत की सांस
\r\n\r\nजिला प्रशासन के इस फैसले से बिजनौर के हजारों अभिभावकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। रविवार सुबह से ही अभिभावकों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप्स (WhatsApp Groups) और सोशल मीडिया पर यह चर्चा चल रही थी कि सोमवार को बच्चों को स्कूल कैसे भेजेंगे। कई रास्तों पर बैरिकेडिंग लग चुकी है और ई-रिक्शा चालकों ने भी कांवड़ भीड़ के कारण स्कूल की ड्यूटी जाने में असमर्थता जता दी थी। ऐसे में रविवार शाम को छुट्टी का आधिकारिक आदेश आते ही अभिभावकों की चिंता दूर हो गई।
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आम जनता के लिए प्रशासन की अपील
\r\n\r\nजिलाधिकारी जसजीत कौर और पुलिस अधीक्षक (SP) ने जनपद के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी किए गए यातायात निर्देशों (Traffic Advisory) का पालन करें। जब तक बहुत आवश्यक न हो, चार पहिया वाहनों से मुख्य मार्गों पर यात्रा करने से बचें। कांवड़ियों के सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने वाहनों की गति धीमी रखें और पुलिस का सहयोग करें।
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फिलहाल, सोमवार को बिजनौर के सभी स्कूल बंद रहेंगे। मंगलवार से स्कूलों का संचालन उनके सामान्य समय सारिणी के अनुसार होने की उम्मीद है, बशर्ते प्रशासन द्वारा कोई नया आदेश जारी न किया जाए।
Sabse pehle comment karne wale banein.