बिजनौर (ब्यूरो/ट्रैफिक डेस्क): नया साल, नया संकल्प और एक नई शुरुआत। वर्ष 2026 के आगमन पर जहां पूरा देश जश्न में डूबा था, वहीं उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में प्रशासन ने एक ऐसी पहल की शुरुआत की, जिसका मकसद लोगों की जान बचाना है। बिजनौर की जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर ने 1 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर से 'सड़क सुरक्षा माह' (Road Safety Month) का विधिवत शंखनाद कर दिया है।READ ALSO:-Bijnor School News: बिजनौर में शीतलहर का कहर! 2 जनवरी को 12वीं तक के सभी स्कूल बंद, DM ने जारी किया सख्त आदेश; शिक्षकों को भी मिली राहत
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सर्दियों के मौसम में बढ़ते सड़क हादसों और कोहरे (Fog) के कहर को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यह अभियान महज औपचारिकता नहीं होगा, बल्कि अगले 30 दिनों तक सड़कों पर इसका व्यापक असर दिखाई देगा।
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रैली को हरी झंडी: जागरूकता का आगाज
\r\n\r\nगुरुवार सुबह, नए साल की पहली किरण के साथ ही बिजनौर में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का माहौल बन गया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने एक विशाल जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, एनसीसी कैडेट्स और स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आम जनता को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और धीमी गति से वाहन चलाने का संदेश दिया।
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DM का संबोधन: "सिर्फ चालान से नहीं रुकेंगे हादसे"
\r\n\r\nकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बेहद गंभीर और विचारणीय बातें कहीं। उन्होंने कहा:
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\r\n\r\n\r\n"सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। हम कितने भी चालान काट लें या नाकेबंदी कर लें, जब तक वाहन चालक खुद अपनी और दूसरों की जान की परवाह नहीं करेंगे, हादसे नहीं रुकेंगे। सड़क दुर्घटनाओं में कमी तभी संभव है जब प्रशासन और संपूर्ण समाज (Society) मिलकर एक टीम की तरह काम करें। यह एक साझा जिम्मेदारी है।"\r\n
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उन्होंने आगे कहा कि अक्सर देखा जाता है कि घर का कोई सदस्य जल्दबाजी में हेलमेट लगाना भूल जाता है और परिवार के बाकी लोग उसे टोकते नहीं हैं। यही छोटी सी चूक बड़े हादसे का कारण बनती है।
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31 जनवरी तक क्या-क्या होगा? (Campaign Roadmap)
\r\n\r\nयह अभियान 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक पूरे एक महीने चलेगा। प्रशासन ने इसके लिए सप्ताह-वार कार्ययोजना तैयार की है:
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- \r\n पहला सप्ताह (जागरूकता): स्कूली बच्चों और युवाओं के माध्यम से लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाएगी। 'नियमों का पालन करें' की शपथ दिलाई जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n दूसरा सप्ताह (स्वास्थ्य जांच): ट्रक और बस ड्राइवरों के लिए निशुल्क नेत्र जांच शिविर (Eye Check-up Camps) लगाए जाएंगे, ताकि दृष्टि दोष के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके।\r\n \r\n
- \r\n तीसरा सप्ताह (प्रवर्तन/Enforcement): इस दौरान पुलिस और आरटीओ की टीमें सख्त चेकिंग अभियान चलाएंगी। बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग, और ड्रंक एंड ड्राइव (Drunk & Drive) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n चौथा सप्ताह (समीक्षा): ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र) का निरीक्षण और सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा की जाएगी।\r\n \r\n
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प्रशासन की चेतावनी: कोहरे में गलती की गुंजाइश नहीं
\r\n\r\nबिजनौर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क सुरक्षा माह 2026 के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि "सड़क पर लापरवाही अब स्वीकार नहीं होगी।" खासकर मौजूदा समय में पड़ रहे घने कोहरे को देखते हुए वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप (Reflector Tape) लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और गन्ने से लदे वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जो अक्सर रात के समय दुर्घटना का कारण बनते हैं।
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मंच पर मौजूद रहे ये जिम्मेदार अधिकारी
\r\n\r\nइस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम में जिले के यातायात और परिवहन प्रबंधन से जुड़े सभी शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया:
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- \r\n गौरीशंकर ठाकुर (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी - ARTO): उन्होंने बताया कि बिना फिटनेस और बिना बीमा वाले वाहनों के खिलाफ सख्त जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n अशोक कुमार (सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक - ARM, बिजनौर डिपो): उन्होंने रोडवेज बसों के चालकों को नियंत्रित गति में बस चलाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।\r\n \r\n
- \r\n रवि नैन (पुलिस अधीक्षक यातायात - SP Traffic): उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्टंट बाजी से बचें और अपनी जान जोखिम में न डालें।\r\n \r\n
- \r\n संचालन: कार्यक्रम का सफल संचालन शिव शंकर सिंह (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रशासन) द्वारा किया गया। उन्होंने अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और मीडिया से भी इस मुहीम में सहयोग की अपील की।\r\n \r\n
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बिजनौर के आंकड़ों पर एक नजर (क्यों जरूरी है यह अभियान?)
\r\n\r\nआंकड़े बताते हैं कि बिजनौर में हर साल सैकड़ों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। इनमें से अधिकतर मामले ओवर-स्पीडिंग, गलत दिशा में ड्राइविंग और हेलमेट न पहनने से जुड़े होते हैं। विशेषकर एनएच-74 (NH-74) और अन्य राज्य राजमार्गों पर सर्दियों के मौसम में एक्सीडेंट का ग्राफ बढ़ जाता है। इसी ग्राफ को नीचे लाने के लिए प्रशासन ने साल के पहले दिन ही यह बीड़ा उठाया है।
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आम जनता के लिए एडवाइजरी
\r\n\r\n'सड़क सुरक्षा माह' के तहत प्रशासन ने नागरिकों से निम्नलिखित अपील की है:
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- \r\n दोपहिया वाहन: चालक और पीछे बैठने वाला व्यक्ति (Pillion Rider), दोनों हेलमेट जरूर पहनें।\r\n \r\n
- \r\n चार पहिया वाहन: सीट बेल्ट लगाना न भूलें, चाहे आप शहर के अंदर ही क्यों न हों।\r\n \r\n
- \r\n मोबाइल का प्रयोग: ड्राइविंग करते समय मोबाइल पर बात करना या रील बनाना जानलेवा हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n कोहरे में सावधानी: अपनी गाड़ी की फॉग लाइट्स सही रखें और इंडिकेटर का इस्तेमाल करें।\r\n \r\n
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बिजनौर डीएम जसजीत कौर की यह पहल सराहनीय है। साल की शुरुआत अगर सुरक्षा के संकल्प के साथ हो, तो पूरा साल सुरक्षित बीतने की उम्मीद की जा सकती है। अब गेंद जनता के पाले में है— क्या बिजनौर वासी प्रशासन का साथ देकर अपने जिले को 'एक्सीडेंट फ्री' बनाएंगे? यह आने वाला वक्त बताएगा।
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'खबरीलाल' आपसे अपील करता है— "घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है, गाड़ी धीरे चलाएं, सुरक्षित घर जाएं।"
\r\n\r\nरिपोर्टिंग: अनिल कुमार शर्मा, खबरीलाल विशेष संवाददाता स्थान: धामपुर, बिजनौर (यूपी)
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