सड़कों पर दौड़ते बेलगाम भारी वाहन आए दिन किसी न किसी बेगुनाह की जिंदगी निगल रहे हैं। रफ्तार का नशा और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी एक बार फिर एक परिवार के लिए जिंदगी भर का नासूर बन गई है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले के रेहड़ थाना क्षेत्र में एक ऐसा हृदयविदारक और रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा (Road Accident) सामने आया है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। एक बेकाबू डंपर ने एक युवक को इतनी बेरहमी से कुचला कि उसका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल है। आइए, इस दर्दनाक घटनाक्रम को विस्तार से जानते हैं।READ ALSO:-शहनाई गूंजने से पहले उठी अर्थी: 3 दिन बाद थी भाई की शादी, छुट्टी लेकर घर आई 'बैंक मैनेजर' बहन ने लगाया मौत को गले
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रूह कंपा देने वाला हादसा: कैसे गई बलराज की जान?

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यह पूरी घटना रेहड़ थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-734 (NH-734) पर स्थित रेहड़ बस स्टैंड के पास की है। दहलावाला गांव का रहने वाला 32 वर्षीय बलराज सिंह गैस एजेंसी में काम करता था। रविवार की देर शाम, खाना खाने के बाद बलराज हमेशा की तरह टहलने के लिए घर से बाहर निकला था। वह अपने घर से बमुश्किल 300 मीटर की दूरी पर था और हाईवे पार करने की कोशिश कर रहा था।
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प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, उसी समय वहां से एक भारी-भरकम डंपर अंधाधुंध गति से गुजर रहा था। डंपर की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि चालक उस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। जब तक बलराज कुछ समझ पाता या खुद को बचा पाता, डंपर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
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डिवाइडर बना मौत का हथियार: टक्कर का इम्पैक्ट इतना भयानक था कि बलराज हवा में उछलकर हाईवे के किनारे लगे नुकीले लोहे के डिवाइडर पर जा गिरा। डंपर की गति और डिवाइडर की धार ने मिलकर ऐसा खौफनाक मंजर पैदा किया जिसकी कल्पना भी डरावनी है। लोहे के डिवाइडर से टकराने के कारण बलराज का सिर और एक पैर कटकर उसके धड़ से पूरी तरह अलग हो गया। मौके पर ही अत्यधिक खून बहने और शरीर के अहम अंग कटने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
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हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर दौड़े। वहां का वीभत्स नजारा देखकर लोगों की रूह कांप गई। सड़क खून से लाल हो चुकी थी और शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा था। इस बीच, अंधेरे और अफरातफरी का फायदा उठाकर आरोपी डंपर चालक अपने वाहन समेत मौके से फरार होने में कामयाब हो गया।
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पहचानना हुआ मुश्किल: सोमवार सुबह हुई शिनाख्त

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घटना के तुरंत बाद घबराए हुए लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। रेहड़ थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। घटनास्थल का नजारा पुलिसकर्मियों के लिए भी विचलित कर देने वाला था।
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सिर धड़ से अलग हो जाने और चेहरा बुरी तरह कुचल जाने के कारण शव की पहचान करना लगभग नामुमकिन हो रहा था। पुलिस ने रात में ही क्षत-विक्षत शव के टुकड़ों को इकट्ठा किया और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के गांवों में पूछताछ और छानबीन का अभियान चलाया। पूरी रात की मशक्कत के बाद, सोमवार सुबह आखिरकार कपड़ों और अन्य हुलिए के आधार पर मृतक की शिनाख्त दहलावाला निवासी बलराज सिंह के रूप में हुई। शिनाख्त होने के तुरंत बाद पुलिस ने नोएडा में रहने वाले उसके बड़े भाई सोमपाल सिंह को इस मनहूस खबर की सूचना दी।
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परिवार का दर्द: तीन भाइयों में सबसे छोटा था बलराज

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बलराज की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। बलराज तीन भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था। वह अपने परिवार का एक अहम सहारा था और स्थानीय गैस एजेंसी में काम करके घर की आर्थिक मदद करता था।
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पारिवारिक पृष्ठभूमि:

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    बड़ा भाई (सोमपाल सिंह): परिवार के सबसे बड़े बेटे सोमपाल सिंह नोएडा के एक प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं और वहीं अपने परिवार के साथ रहते हैं। भाई की मौत की खबर मिलते ही वह बदहवास हालत में बिजनौर के लिए रवाना हो गए।
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    मझला भाई (खूब सिंह): दूसरा भाई खूब सिंह पेशे से मजदूर है और गांव में ही रहता है। पारिवारिक विवादों के चलते खूब सिंह का उनकी पत्नी से तलाक हो चुका है, जिसके कारण वह पहले से ही मानसिक तनाव में रहते हैं।
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    मृतक (बलराज सिंह): बलराज ने अभी शादी नहीं की थी। वह गांव में रहकर ही अपने हिस्से की जिम्मेदारियां निभा रहा था।
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खुशियों पर लगा ग्रहण: घर में होनी थी दो चचेरी बहनों की शादी

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इस हादसे का सबसे क्रूर और रुला देने वाला पहलू यह है कि बलराज के घर में इन दिनों जश्न और खुशियों का माहौल था। बलराज खुद अपने परिवार में हो रही शादियों के कारण गैस एजेंसी से छुट्टी लेकर घर पर रुका हुआ था।
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पड़ोस में रहने वाली महिला राजो देवी ने रोते हुए बताया कि बलराज बहुत ही सीधा और मिलनसार युवक था। वह अक्सर देर शाम टहलकर घर वापस आ जाता था। रविवार को भी घरवालों ने उसका काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन वह वापस नहीं आया और सोमवार सुबह सीधा उसकी मौत की खबर आई।
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राजो देवी ने बताया कि इसी हफ्ते बलराज के घर में दो-दो शादियां थीं:

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    30 अप्रैल (मंगलवार): बलराज की एक चचेरी बहन मोनी का आज (मंगलवार) लगन टीका और शादी का कार्यक्रम तय था।
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    8 मई: दूसरी चचेरी बहन जयमाला की शादी भी 8 मई को होनी है।
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शादी के कार्ड बांटे जा चुके थे, घर में मेहमानों का आना शुरू हो गया था, और मंगल गीत गाए जा रहे थे। बलराज खुद इन शादियों की तैयारियों में जी-जान से जुटा हुआ था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। डंपर के एक झटके ने शादी वाले घर को श्मशान जैसी खामोशी और मातम में बदल दिया। जिन हाथों से बहन की डोली उठानी थी, आज उसी भाई की अर्थी उठने जा रही है।
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पुलिस की कार्रवाई: डंपर चालक की तलाश तेज

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इस जघन्य और दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस प्रशासन भी सख्त कार्रवाई के मूड में है। रेहड़ थाने के थानाध्यक्ष (SHO) राजीव कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, "रविवार रात को हाईवे पर हुए हादसे में बलराज नामक युवक की डंपर की चपेट में आने से मौत हुई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।"
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पुलिस ने अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। फरार डंपर और उसके चालक का सुराग लगाने के लिए पुलिस हाईवे और आसपास के टोल प्लाजा व ढाबों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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बिजनौर का यह सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारे हाईवे सिस्टम और बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों के आतंक का एक जीता-जागता और डरावना उदाहरण है। लोहे के खुले और नुकीले डिवाइडर कैसे जानलेवा साबित हो सकते हैं, यह भी इस घटना से स्पष्ट होता है। जब तक भारी वाहनों की गति सीमा पर सख्त नियंत्रण और हाईवे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होंगे, तब तक न जाने कितने बलराज यूं ही सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते रहेंगे और हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छिनती रहेंगी। इस दुखद घड़ी में पूरे इलाके की संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।
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