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बिजनौर/चांदपुर: उत्तर प्रदेश में सरकारी डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर लगाम लगाने के प्रयासों को धता बताते हुए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया बिजनौर जिले के चांदपुर में स्थित अपने 'नव जीवन नर्सिंग होम' में निजी तौर पर ओपीडी करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। यह खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ।READ ALSO:-बिजनौर में 8 दिन से 'रहस्यमय' ढंग से लापता हैं 2 छात्राएं, तलाश करने के बजाय परिजनों को ही थाने में बैठाने का आरोप; मां सदमे में अस्पताल पहुंची
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घटना रविवार (23 नवंबर 2025) को तब हुई जब संगीता जैन अग्रवाल ने अनियमितताओं की शिकायत पर चांदपुर में डॉ. तेवतिया के नर्सिंग होम का निरीक्षण किया।
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सीएमओ प्राइवेट प्रैक्टिस करते पकड़े गए

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राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल ने बताया कि उन्हें लगातार मुजफ्फरनगर के सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया के चांदपुर में प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की पुष्टि के लिए जब उन्होंने नव जीवन नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया, तो उन्हें डॉ. तेवतिया मरीजों को देखते हुए मिले।
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संगीता जैन अग्रवाल ने मीडिया को बताया:

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"मैंने दो महीने पहले भी इनके नर्सिंग होम पर निरीक्षण किया था और इन्हें प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाया था। तब मैंने इन्हें चेतावनी भी दी थी कि सरकारी पद पर रहते हुए निजी प्रैक्टिस करना नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद, आज (रविवार) वह फिर से अपने नर्सिंग होम पर सीएमओ प्राइवेट प्रैक्टिस करते पाए गए।"
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सरकारी नियमों के तहत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जैसे उच्च प्रशासनिक पदों पर तैनात डॉक्टरों को सरकारी ड्यूटी के समय या उसके बाहर भी किसी निजी अस्पताल या क्लिनिक में अभ्यास करने की सख्त मनाही होती है।
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पकड़े जाने पर भागे और बाथरूम में छिपे

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जैसे ही डॉ. सुनील तेवतिया ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल को अपने नर्सिंग होम में देखा, वे घबरा गए। मिली जानकारी के अनुसार, सीएमओ प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पकड़े जाने के डर से तुरंत अपनी कुर्सी छोड़कर भागे और अपने बाथरूम में घुस गए। उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और काफी देर तक बाहर नहीं निकले।
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यह घटना दर्शाती है कि सीएमओ न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, बल्कि पकड़े जाने पर उन्होंने अपनी पद की गरिमा के विपरीत व्यवहार किया। सरकारी अधिकारी के तौर पर, यह एक गंभीर मामला है जो उनकी प्रशासनिक ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल खड़े करता है। 
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पूर्व में भी मिली थी चेतावनी

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महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहला मौका नहीं है जब डॉ. तेवतिया को ऐसा करते पकड़ा गया है। उनकी पिछली चेतावनी को नजरअंदाज करना बताता है कि डॉ. तेवतिया लगातार सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
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संगीता जैन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेंगी। इस गंभीर अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन के लिए डॉ. तेवतिया पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। सीएमओ प्राइवेट प्रैक्टिस का यह मामला अब प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में बड़े विवाद का कारण बन सकता है।
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मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया बिजनौर के चांदपुर में अपने नव जीवन नर्सिंग होम में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन अग्रवाल द्वारा रंगे हाथों पकड़े गए। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर डॉ. तेवतिया भागकर बाथरूम में छिप गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। महिला आयोग सदस्य ने बताया कि दो महीने पहले भी उन्हें चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद वे सीएमओ प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे थे। इस मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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