बिजनौर (Bijnor News) के थाना नगीना देहात में डंपरों से अवैध वसूली के वायरल वीडियो मामले में एसपी बिजनौर ने कड़ा एक्शन लिया है। सीओ की जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि
Published at : 14 May 2026, 08:14 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 12:32 AM
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Bijnor Police Caught Extorting Money from Dumpers in Nagina Dehat Viral Video
बिजनौर (Bijnor News): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाले वायरल वीडियो प्रकरण में अब एक बड़ा और कड़ा अपडेट सामने आया है। थाना नगीना देहात क्षेत्र में रात के अंधेरे में डंपर चालकों से 'रवन्ने' के नाम पर अवैध वसूली करने के मामले में बिजनौर पुलिस प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की सरेआम वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद जिस तरह से आम जनता में आक्रोश था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे, उस पर विराम लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (SP), जनपद बिजनौर ने त्वरित और सख्त कदम उठाया है।Read also:-कानून का खौफ खत्म? बिजनौर में दबंगों ने बीच सड़क युवक पर बरसाईं बेल्टें, पीट-पीटकर किया अधमरा; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल
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एसपी बिजनौर का कड़ा एक्शन: आरोपी सिपाही सस्पेंड वायरल वीडियो के संज्ञान में आते ही महकमे में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई थी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) बिजनौर ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया। एसपी के स्पष्ट निर्देश थे कि भ्रष्टाचार के इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने तत्काल प्रभाव से क्षेत्राधिकारी (सीओ) नगीना को इस वायरल वीडियो की सत्यता परखने और घटना की प्रारंभिक जांच (Preliminary Investigation) कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
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सीओ नगीना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की पड़ताल की और चंद घंटों के भीतर ही अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट एसपी कार्यालय को सौंप दी। रिपोर्ट में वीडियो को सही पाया गया और उसमें दिख रहे पुलिसकर्मियों की शिनाख्त भी सुनिश्चित कर ली गई। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक महोदय ने बड़ा एक्शन लेते हुए ड्यूटी पर तैनात संबंधित पुलिसकर्मी (सिपाही) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। महकमे के इस कड़े रुख से पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और यह संदेश साफ हो गया है कि वर्दी की आड़ में अवैध वसूली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पीआरडी (PRD) जवान पर भी गिरेगी गाज: डीएम को भेजी गई रिपोर्ट जांच में एक और अहम खुलासा हुआ कि वीडियो में पुलिसकर्मी के साथ-साथ एक पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) का जवान भी ड्यूटी पर तैनात था और इस अवैध वसूली के खेल में उसकी भी संलिप्तता पाई गई है। चूंकि पीआरडी जवान सीधे तौर पर पुलिस विभाग के पूर्णकालिक कर्मचारी नहीं होते और उनका नियंत्रण प्रशासन (जिलाधिकारी) के अधीन होता है, इसलिए पुलिस अधीक्षक ने उसके खिलाफ सीधे निलंबन की कार्रवाई करने के बजाय एक वैधानिक प्रक्रिया अपनाई है।
एसपी कार्यालय की तरफ से संबंधित पीआरडी कर्मी के विरुद्ध आवश्यक और कठोर विभागीय कार्रवाई किए जाने के लिए जिलाधिकारी (DM) बिजनौर महोदया को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। माना जा रहा है कि डीएम के स्तर से भी जल्द ही इस पीआरडी जवान की सेवाएं समाप्त करने या उस पर भारी दंडात्मक कार्रवाई करने के आदेश जारी हो सकते हैं। इस कदम से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बचने का कोई रास्ता नहीं दिया जाएगा, चाहे वह किसी भी विभाग से संबद्ध हो।
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क्या था पूरा मामला? (फ्लैशबैक) विदित हो कि एक दिन पूर्व ही बिजनौर के थाना नगीना देहात (Thana Nagina Dehat) क्षेत्र का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स) पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता था कि रात के समय सुनसान सड़क पर ड्यूटी पर तैनात कुछ सुरक्षाकर्मी वहां से गुजरने वाले खनन सामग्री (रेत, बजरी आदि) से भरे डंपरों को रोक रहे थे।
खनन विभाग के नियमों के अनुसार इन डंपरों के पास वैध 'रवन्ना' (Transit Pass) होना चाहिए। लेकिन वीडियो में नजर आ रहा था कि ये पुलिसकर्मी रवन्ना चेक करने की आड़ में डंपर चालकों से कथित रूप से नकद पैसे ('सुविधा शुल्क' या 'एंट्री फीस') वसूल रहे थे। चालक अपनी गाड़ी रोकते, पुलिसकर्मियों के पास आते, हाथ में कुछ थमाते और फिर वहां से निकल जाते। किसी राहगीर या स्थानीय व्यक्ति ने छिपकर इस पूरी घटना का वीडियो अपने कैमरे में कैद कर लिया था, जिसने बाद में इंटरनेट पर तहलका मचा दिया।
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भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का बड़ा संदेश अक्सर देखा जाता है कि ऐसे मामलों में जांच के नाम पर लंबी प्रक्रिया चलती है और कई बार मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। लेकिन बिजनौर पुलिस के आला अधिकारियों ने इस बार जो फुर्ती दिखाई है, वह काबिले तारीफ है। मात्र 24 घंटे के भीतर वीडियो का संज्ञान लेना, सीओ स्तर के अधिकारी से जांच कराना और फिर सीधे निलंबन की कार्रवाई कर देना—यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप बिजनौर पुलिस भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए कृतसंकल्प है।
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इस त्वरित कार्रवाई से आम जनता में पुलिस के प्रति एक सकारात्मक संदेश गया है। लोगों का कहना है कि जब उच्चाधिकारी इसी तरह से कड़े फैसले लेंगे, तभी निचले स्तर पर तैनात कर्मियों के अंदर कानून का खौफ पैदा होगा और वे वर्दी का दुरुपयोग करने से डरेंगे। वहीं, इस घटना ने डंपर और ट्रक चालकों को भी राहत दी है, जो अक्सर ऐसी अवैध वसूली का शिकार होते हैं।
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@Shakeel57767846 बिजनौर (Bijnor News) के थाना नगीना देहात में डंपरों से अवैध वसूली के वायरल वीडियो मामले में एसपी बिजनौर ने कड़ा एक्शन लिया है। सीओ की जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि पीआरडी जवान के खिलाफ डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है। pic.twitter.com/4xjSg7errs
आने वाले समय में सघन चेकिंग अभियान की उम्मीद इस घटना के बाद उम्मीद की जा रही है कि बिजनौर पुलिस जिले भर में चल रहे रात्रि गश्त और पिकेट ड्यूटी की और अधिक बारीकी से मॉनिटरिंग करेगी। वरिष्ठ अधिकारी अब थानों के प्रभारियों (एसएचओ) पर भी यह जिम्मेदारी तय कर सकते हैं कि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली न होने पाए। अगर भविष्य में ऐसा कोई मामला दोबारा सामने आता है, तो केवल ड्यूटी पर तैनात सिपाही ही नहीं, बल्कि संबंधित थाने के बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।
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फिलहाल, निलंबित पुलिसकर्मी के खिलाफ आगे की विभागीय जांच (Departmental Enquiry) शुरू कर दी गई है और डीएम बिजनौर के आदेशों का इंतजार किया जा रहा है कि पीआरडी जवान पर कब अंतिम फैसला आता है। बिजनौर का यह वसूली कांड अब उन सभी भ्रष्ट कर्मचारियों के लिए एक कड़ा सबक बन गया है, जो सोचते थे कि रात के अंधेरे में उनके काले कारनामे कभी कैमरे की नजर में नहीं आएंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.