बिजनौर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के थाना नांगल क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह अहम गिरफ्तारी 28 अप्रैल 2026 को हुई है। पुलिस ने इस पूरे मामले में इंस्टाग्राम के माध्यम से संचालित हो रहे एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ताजा मामले में गिरफ्तार किए गए अभियुक्त का नाम सुहेल उर्फ साहिल है। बिजनौर पुलिस को सुहेल के पास से एक अवैध तमंचा और कई जिन्दा कारतूस बरामद हुए हैं। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना आकिब बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके युवाओं को गुमराह कर रहा था। पुलिस की यह कार्रवाई नवंबर 2025 में दर्ज हुए एक मुकदमे का हिस्सा है, जिसमें सोशल मीडिया पर लाइव आकर खतरनाक हथियारों का प्रदर्शन किया गया था। इस त्वरित गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि कानून व्यवस्था को तोड़ने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।Read also:-LPG Gas Rules 2026: 1 मई से रसोई गैस की बुकिंग और डिलीवरी में होने जा रहे हैं 6 बड़े बदलाव, आम आदमी की रसोई पर पड़ेगा सीधा असर
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इंस्टाग्राम पर हथियारों का प्रदर्शन और बिजनौर पुलिस की जांच
\r\n\r\nइस पूरे मामले की शुरुआत 23 नवंबर 2025 को हुई थी। उस समय इंस्टाग्राम पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में आकिब नाम का एक युवक अपनी इंस्टाग्राम आईडी से लाइव आकर खतरनाक हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन कर रहा था। इस लाइव सेशन में कई अन्य लोग भी जुड़े हुए थे। इस विवादित वीडियो को मैजुल नामक एक अन्य आरोपी ने अपनी प्रोफाइल पर पोस्ट किया था। बिजनौर पुलिस ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया और थाना नांगल पर मु0अ0सं0 156/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152/61(2) (क), आर्म्स एक्ट और धारा 69 (ए) आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। शुरुआत में इस मामले को गुमराह करने की कोशिश की गई थी, लेकिन यूपी एटीएस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त जांच के बाद यह बात सामने आई कि यह एक बहुत बड़ा राष्ट्र विरोधी नेटवर्क है। बिजनौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया था, जो लगातार इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही हैं।
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'खिलौना बंदूक' से असली आतंकी साजिश तक का सफर
\r\n\r\nशुरुआती दौर में जब नवंबर 2025 में यह वीडियो सामने आया था, तब इसे महज एक खिलौना बंदूक बताकर मामले को हल्का करने का प्रयास किया गया था। लेकिन बाद में जांच एजेंसियों के कड़े हस्तक्षेप के बाद केस की फाइल को दोबारा खोला गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो में दिख रहे हथियार असली थे और उनका मकसद खौफ फैलाना था। इसके बाद प्रशासन पूरे एक्शन मोड में आ गया और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां शुरू कर दी गईं। इस साजिश के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हुए पाए गए हैं। बिजनौर पुलिस अब तक इस मामले में कई महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ चुकी है और लगातार फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है। सुहेल की हालिया गिरफ्तारी भी इसी विस्तृत जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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सुहेल उर्फ साहिल की गिरफ्तारी और हैरान करने वाली बरामदगी
\r\n\r\nदिनांक 28 अप्रैल 2026 को बिजनौर पुलिस ने ग्राम जालपुर, थाना नागल निवासी सुहेल उर्फ साहिल पुत्र असलम को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। सुहेल की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है क्योंकि उसके पास से जो संदिग्ध चीजें बरामद हुई हैं, वे चौंकाने वाली हैं। जांच टीम के अनुसार, सुहेल के पास से एक अवैध तमंचा (315 बोर), 6 जिन्दा कारतूस (315 बोर), और 2 जिन्दा कारतूस (5.56 एमएम) बरामद हुए हैं। इसके साथ ही बिजनौर पुलिस ने उसका एक वीवो (VIVO) कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसमें कई अहम डिजिटल सबूत मौजूद हैं। इस बरामदगी के आधार पर सुहेल के खिलाफ दर्ज पूर्व मुकदमे में धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की वृद्धि की गई है। 5.56 एमएम के कारतूस आमतौर पर इंसास (INSAS) राइफल जैसे अत्याधुनिक सैन्य हथियारों में इस्तेमाल होते हैं, जो इस पूरे मामले को और भी ज्यादा संवेदनशील बना देते हैं।
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इंसास राइफल के कारतूसों की बरामदगी से उठे गंभीर सवाल
\r\n\r\nसुहेल के पास से 5.56 एमएम के दो जिंदा कारतूस मिलना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बहुत बड़ा मुद्दा है। बिजनौर पुलिस की गहन पूछताछ में सुहेल ने खुलासा किया कि ये कारतूस उसे किसी अन्य अभियुक्त ने दिए थे, जबकि 315 बोर का तमंचा और 6 कारतूस उसे जुल्फिकार उर्फ राका ने उपलब्ध कराए थे। आपको बता दें कि जुल्फिकार उर्फ राका को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सैन्य ग्रेड के कारतूसों की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि क्या इस गिरोह के तार हथियारों की तस्करी करने वाले किसी अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच से इस बारे में और भी कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
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इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश
\r\n\r\nइस पूरे सिंडिकेट का काम करने का तरीका बेहद शातिर और खतरनाक था। बिजनौर पुलिस की पूछताछ में सुहेल ने बताया कि वह इंस्टाग्राम के माध्यम से जुल्फकार उर्फ राका के संपर्क में आया था। जुल्फकार के जरिए ही उसकी सीधी पहचान मास्टरमाइंड आकिब से हुई। आकिब सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो और कॉल के माध्यम से युवाओं का ब्रेनवॉश करने का काम करता था। वह युवाओं को भड़काऊ और उग्र विचारधारा से प्रभावित कर उन्हें अवैध व राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करता था। आकिब अपने लाइव सेशन में कई अन्य व्यक्तियों के नाम और उनके फोटो/वीडियो भी दिखाता था, जो सुहेल के मोबाइल से भी बरामद हुए हैं। बिजनौर पुलिस के मुताबिक, इन खतरनाक लाइव सेशन में मैजुल, उवैद मलिक, समीर उर्फ रुहान, जलाल हैदर, आजाद, जुल्फकार और आरिफ मलिक जैसे लोग भी अपनी-अपनी इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ते थे।
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पैसों और ऊंचे पदों का दिया जाता था प्रलोभन
\r\n\r\nजांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह द्वारा भोले-भाले युवाओं को विभिन्न स्थानों पर विस्फोट करने, आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर दहशत फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाया जाता था। इसके एवज में युवाओं को बड़ी धनराशि देने का लालच दिया जाता था। इतना ही नहीं, आपराधिक टास्क को पूरा करने पर उन्हें संगठन में उच्च भूमिका और पद देने का प्रलोभन भी मिलता था। बिजनौर पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि आखिर इन गतिविधियों के लिए फंडिंग कहां से आ रही थी। युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का यह खेल बहुत ही सुनियोजित तरीके से चल रहा था। अब साइबर सेल इस गिरोह से जुड़े अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी कड़ी निगरानी कर रही है।
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मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी
\r\n\r\nसुहेल उर्फ साहिल की गिरफ्तारी से पहले बिजनौर पुलिस और यूपी एटीएस की संयुक्त टीम इस मामले में आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की सूची इस प्रकार है:
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- \r\n उवैद मलिक पुत्र रहीश (निवासी: मौ० शाह चन्दन, थाना चांदपुर, हाल निवासी: नगीना देहात)\r\n \r\n
- \r\n जलाल हैदर\r\n \r\n
- \r\n समीर उर्फ रूहान\r\n \r\n
- \r\n मैजुल पुत्र शौकीन (निवासी: ग्राम सौफतपुर, थाना नांगल) - जिसे हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था।\r\n \r\n
- \r\n जुल्फिकार उर्फ राका\r\n \r\n
- \r\n आरिफ मलिक\r\n \r\n
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कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस गिरोह के दो मुख्य आरोपी, आकिब (निवासी: सठला, मवाना, मेरठ) और आजाद (निवासी: मुकीमपुर जमात, मण्डावर) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। जांच में पता चला है कि आजाद वर्तमान में सऊदी अरब में छिपा हुआ है। इन दोनों भगोड़े आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी कर दिया गया है।
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राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर कड़ा प्रहार
\r\n\r\nअंत में, सुहेल की यह ताजा गिरफ्तारी साबित करती है कि बिजनौर पुलिस राष्ट्र की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी मॉड्यूल को आसानी से पनपने नहीं देगी। सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं का ब्रेनवॉश करने और उन्हें अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले इस नेटवर्क पर पुलिस का यह प्रहार बेहद सराहनीय कदम है। हालांकि, मास्टरमाइंड आकिब और आजाद की अंतिम गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सकेगा। बिजनौर पुलिस लगातार आगे की कानूनी कार्यवाही में जुटी हुई है और आम जनता से भी अपील करती है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसी किसी भी भड़काऊ या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 112 या स्थानीय थाने को दें। समाज की सतर्कता और प्रशासन की मुस्तैदी से ही साइबर आतंकवाद जैसे खतरों को मात दी जा सकती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.