बिजनौर। उत्तर प्रदेश में अपराधियों और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन का 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके समाज में नफरत फैलाने, धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने और देश का माहौल बिगाड़ने वालों पर यूपी पुलिस की पैनी नजर है। इसी कड़ी में बिजनौर जिले की नांगल पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है।READ ALSO:-आसमान से बरस रही आग: यूपी के 60 जिलों में लू का 'रेड अलर्ट', हीट स्ट्रोक से कानपुर में गई जान; जानिए कब होगी बारिश?
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नांगल थाना पुलिस ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों (Anti-National Activities) में लिप्त होने, इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ लाइव वीडियो बनाकर दहशत फैलाने और एक बड़ी आपराधिक साजिश रचने के आरोप में दो और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इन आरोपियों ने जो खौफनाक खुलासे किए हैं, उसने सुरक्षा एजेंसियों की भी नींद उड़ा दी है। रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने से लेकर साधु-संतों को निशाना बनाने तक की इनकी खौफनाक प्लानिंग थी। आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि आखिर यह पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और पुलिस ने इसका पर्दाफाश कैसे किया।
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पुलिस के हत्थे चढ़े 2 नए गुर्गे: जुल्फिकार और आरिफ की गिरफ्तारी
\r\n\r\nबिजनौर पुलिस काफी समय से सोशल मीडिया पर चल रही संदिग्ध गतिविधियों को मॉनिटर कर रही थी। इसी जांच के दौरान पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े दो और अहम किरदारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
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- \r\n जुल्फिकार उर्फ राका: पुत्र राशिद, निवासी ग्राम साहबपुरा रतन, थाना किरतपुर, जनपद बिजनौर।\r\n \r\n
- \r\n आरिफ मलिक: पुत्र युसुफ, निवासी ग्राम खाईखेड़ी, थाना नजीबाबाद, जनपद बिजनौर।\r\n \r\n
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इन दोनों की गिरफ्तारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह गिरोह सिर्फ एक-दो लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई जिलों और यहां तक कि विदेशों से भी जुड़े हुए हैं।
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कैसे शुरू हुआ यह पूरा मामला? (इंस्टाग्राम का वो वायरल वीडियो)
\r\n\r\nइस पूरे खौफनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुआ। पिछले दिनों फोटो और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' (Instagram) पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था।
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- \r\n हथियारों का खुला प्रदर्शन: इस वीडियो में आकिब नाम का एक युवक अपनी इंस्टाग्राम आईडी से लाइव आया था। लाइव वीडियो में वह खुलेआम घातक हथियारों (Weapons) का प्रदर्शन कर रहा था और उसके साथ कुछ अन्य संदिग्ध लोग भी दिखाई दे रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n मैजुल ने किया था पोस्ट: पुलिस की साइबर सेल ने जब इस वीडियो की गहराई से जांच की, तो पता चला कि इस भड़काऊ और दहशत फैलाने वाले वीडियो को 'मैजुल' नाम के एक व्यक्ति ने अपनी प्रोफाइल पर शेयर किया था।\r\n \r\n
- \r\n मुकदमा दर्ज: मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना नांगल में तत्काल प्रभाव से नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (IT Act) की संबंधित संगीन धाराओं के तहत आकिब, मैजुल और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।\r\n \r\n
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जांच में सामने आए 4 मुख्य किरदार और सऊदी अरब का 'कनेक्शन'
\r\n\r\nजैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी, इस मामले की परतें खुलने लगीं। विवेचना के दौरान इस खतरनाक गैंग के चार मुख्य सदस्यों के नाम सामने आए:
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- \r\n मैजुल: पुत्र शौकीन (निवासी सौफतपुर, थाना नांगल)।\r\n \r\n
- \r\n आकिब: पुत्र नासिर (निवासी सहला, मवाना, जनपद मेरठ)।\r\n \r\n
- \r\n आजाद: पुत्र नासिर (निवासी मुकीमपुर जमात उर्फ इनामपुर, थाना मण्डावर)।\r\n \r\n
- \r\n उवैद मलिक: पुत्र रहीश (निवासी शाह चन्दन, थाना चांदपुर)।\r\n \r\n
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जेल में 4 आरोपी, 2 के खिलाफ 'लुकआउट नोटिस': पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते इस गैंग के उवैद मलिक, मैजुल, जलाल हैदर और समीर उर्फ रुहान को पहले ही गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। लेकिन मामले का मुख्य मास्टरमाइंड आकिब और उसका साथी आजाद पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, क्योंकि जांच में पुष्टि हुई है कि वे दोनों वर्तमान में सऊदी अरब (Saudi Arabia) में छिपे हुए हैं। पुलिस ने इन दोनों के देश छोड़कर भागने या किसी भी एयरपोर्ट से भारत में प्रवेश करते ही गिरफ्तार करने के लिए 'लुकआउट नोटिस' (Lookout Notice) जारी कर दिया है।
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पूछताछ में हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे
\r\n\r\nआज गिरफ्तार किए गए जुल्फिकार उर्फ राका और आरिफ मलिक से जब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने कई चौंकाने वाले राज उगले।
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आरिफ मलिक का कबूलनामा: 'क्रिमिनल ग्रुप' और फायरिंग की साजिश अभियुक्त आरिफ ने पुलिस को बताया कि उसने स्थानीय स्तर पर आपराधिक प्रवृत्ति वाले भटके हुए युवाओं का एक 'गैंग' (Group) बना रखा था।
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- \r\n सऊदी अरब में बैठे आकिब की नजर इस गैंग पर थी। आकिब इस गैंग में शामिल होकर अपना दबदबा बनाना चाहता था।\r\n \r\n
- \r\n आरिफ के मुताबिक, पिछले साल (फरवरी) में आकिब ने जानबूझकर आरिफ के घर पर फायरिंग करवाई थी, ताकि वह अपनी दहशत फैला सके और इस क्रिमिनल ग्रुप से जुड़ सके।\r\n \r\n
- \r\n आरिफ ने इस गंभीर घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी और बाद में वह सोशल मीडिया के माध्यम से आकिब के सीधे संपर्क में आ गया और उसके इशारों पर काम करने लगा।\r\n \r\n
- \r\n जब पुलिस की धरपकड़ शुरू हुई, तो आकिब ने सऊदी अरब से वाट्सएप (WhatsApp) के जरिए आरिफ को अलर्ट किया और जुल्फिकार से कहकर सारे भड़काऊ फोटो-वीडियो और चैट्स डिलीट करने को कहा ताकि पुलिस को कोई सुबूत न मिले।\r\n \r\n
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जुल्फिकार उर्फ राका का कबूलनामा: तमिलनाडु का 'नाई' और कट्टरता का जहर दूसरा आरोपी जुल्फिकार उर्फ राका पिछले 2 सालों से दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में एक नाई (Barber) का काम करता है। वह भी सोशल मीडिया के जरिए ही मुख्य आरोपी आकिब के संपर्क में आया था। आकिब वहां बैठे-बैठे जुल्फिकार जैसे युवाओं का 'ब्रेनवाश' (Brainwash) कर रहा था।
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क्या थी देश को दहलाने की बड़ी साजिश?
\r\n\r\nइन दोनों गुर्गों ने पुलिस पूछताछ में जो अंतिम खुलासा किया है, वह बेहद खतरनाक है और यह बताता है कि यह गैंग सिर्फ हथियारों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं था। सऊदी अरब से आकिब निम्नलिखित खौफनाक मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में था:
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- \r\n धार्मिक कट्टरता और नफरत: आकिब लगातार सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो डालकर एक विशेष समुदाय के युवाओं को भड़काने और धार्मिक कट्टरता फैलाने का काम कर रहा था।\r\n \r\n
- \r\n साधु-संतों को निशाना बनाना: पूछताछ में साफ हुआ है कि इस गैंग के निशाने पर (Target) बहुसंख्यक हिंदू समाज और विशेष रूप से साधु-संत थे। वे इनके खिलाफ नफरत फैलाकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान: गैंग का मकसद देश में दंगे जैसी स्थिति पैदा करना था। इसके लिए वे एक विशेष समुदाय के वाहनों को आग के हवाले करने की बातें करते थे।\r\n \r\n
- \r\n रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश: सबसे डरावनी बात यह सामने आई कि यह राष्ट्र विरोधी गैंग भारतीय रेलवे को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। वे ट्रेनों को डिरेल करने या 'रेलवे ट्रैक को भारी क्षति' पहुंचाने की प्लानिंग पर बात करते थे, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सके।\r\n \r\n
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पुलिस की आगे की कार्रवाई और कड़ा संदेश
\r\n\r\nबिजनौर पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब इस गैंग के बैंक खातों, विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) और इनके संपर्क में आए अन्य युवाओं की भी सघन जांच कर रही है। साइबर सेल की टीम डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटी है ताकि सऊदी अरब में बैठे मास्टरमाइंड आकिब के खिलाफ और पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
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प्रशासन की अपील: पुलिस ने आम जनता और युवाओं के परिजनों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें। इंटरनेट पर हथियारों का प्रदर्शन करना, भड़काऊ पोस्ट शेयर करना या किसी ऐसे ग्रुप का हिस्सा बनना सीधे तौर पर जेल के दरवाजे खोल सकता है। राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और इससे खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.