उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा के मंदिर में किस तरह से नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, इसकी बानोगी इस मामले में साफ देखी जा सकती है। धामपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कथित तौर पर दो अलग-अलग कॉलेजों से एक साथ डबल सैलरी लेने वाले तीन शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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​किन शिक्षकों पर गिरी गाज?

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​धामपुर पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान लोकेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार और पंकज कुमार के रूप में हुई है। ये तीनों शिक्षक लंबे समय से कथित रूप से नियमों के विरुद्ध जाकर दो अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से एक साथ वेतन (सैलरी) प्राप्त कर रहे थे। एक ही समय में सरकारी या सहायता प्राप्त योजनाओं के तहत दो जगहों से लाभ लेना कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
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​किन कॉलेजों से जुड़ा है पूरा फर्जीवाड़ा?

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​प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ये तीनों आरोपी शिक्षक मुख्य रूप से दो प्रमुख संस्थानों से जुड़े हुए थे:
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    ​राधेलाल मेमोरियल डिग्री कॉलेज, अफजलगढ़
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    ​सौभाग्यवती बाई महाविद्यालय, धामपुर
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​आरोप है कि इन शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति और उपस्थिति को इस प्रकार प्रबंधित किया हुआ था कि वे कागजों में दोनों ही कॉलेजों से नियमित रूप से वेतन का भुगतान प्राप्त कर रहे थे। जब इस बात की भनक कॉलेज प्रशासन को लगी, तो आंतरिक स्तर पर इसकी सुगबुगाहट शुरू हुई।
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​कॉलेज की प्राचार्य की शिकायत पर हुई कार्रवाई

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​इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब संबंधित कॉलेज की प्राचार्य ने मामले की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में विस्तार से बताया गया कि कैसे ये शिक्षक बिना नियमों का पालन किए दो अलग-अलग संस्थाओं से समानांतर वेतन उठा रहे हैं।
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​शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने प्राथमिक स्तर पर दस्तावेजों, अटेंडेंस रजिस्टर्स और बैंक ट्रांजैक्शंस की बारीकी से जांच की। जांच में जब यह बात पुख्ता हो गई कि दोनों जगहों से अवैध रूप से वेतन लिया जा रहा है, तो पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया।
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​एसपी केके बिश्नोई के निर्देश पर हुई तेज कार्रवाई

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​मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई (के.के. बिश्नोई) ने इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। एसपी के मार्गदर्शन में धामपुर पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर तीनों आरोपियों—लोकेन्द्र कुमार, मुकेश कुमार और पंकज कुमार—को गिरफ्तार कर लिया।
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​गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया और उन्हें सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने मामले की नजाकत को देखते हुए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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​आगे क्या होगी कार्रवाई?

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​पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ तीन शिक्षकों तक सीमित नहीं हो सकता। इसके पीछे एक बड़े सिंडिकेट या प्रशासनिक चूक की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में कॉलेज के कुछ अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी संलिप्त थे या नहीं। मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तेजी से जारी है।
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​शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में इस तरह की वित्तीय अनियमिताएं और भ्रष्टाचार न सिर्फ सरकारी खजाने को चपत लगाते हैं, बल्कि योग्य और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों का हनन भी करते हैं। बिजनौर पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे अन्य भ्रष्ट तत्वों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। देखना यह होगा कि इस जांच के दायरे में और कौन-कौन से चेहरे बेनकाब होते हैं।
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