उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जिले के धामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम नहटौर रेलवे फाटक के पास एक दर्दनाक ट्रेन हादसा हो गया है। यहां रेलवे ट्रैक पार कर रहे एक व्यक्ति की तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से कटकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि मृतक का शरीर क्षत-विक्षत हो गया। इस घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और घटनास्थल पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय पुलिस और रेलवे पुलिस (GRP) ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।READ ALSO:-बिजनौर में महिलाओं को मिलेगा त्वरित न्याय: राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया राहटकर 10 सितंबर को करेंगी 'महिला जनसुनवाई'
\r\n\r\n\r\n\r\n
हादसे का खौफनाक मंजर और अफरा-तफरी का माहौल
\r\n\r\nधामपुर का नहटौर रेलवे फाटक शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से दिन भर हजारों की संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल राहगीरों की आवाजाही रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय घटी जब एक अज्ञात व्यक्ति रेलवे ट्रैक को पार करने का प्रयास कर रहा था। उसी दौरान अचानक ट्रैक पर एक तेज रफ्तार ट्रेन आ गई। जब तक वह व्यक्ति कुछ समझ पाता या खुद को सुरक्षित स्थान पर ले जा पाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
तेज रफ्तार ट्रेन ने व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही व्यक्ति छिटक कर ट्रैक पर गिर गया और ट्रेन के पहियों के नीचे आ गया। मौके पर मौजूद लोगों के सामने ही यह दर्दनाक हादसा हुआ, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। घटना को देखकर राहगीर सहम गए और कुछ ही मिनटों में वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ट्रैक पर क्षत-विक्षत शव पड़ा होने के कारण कुछ देर के लिए वहां का माहौल बेहद तनावपूर्ण और गमगीन हो गया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
\r\n\r\nहादसे की सूचना वहां मौजूद किसी राहगीर ने तुरंत धामपुर कोतवाली पुलिस और रेलवे पुलिस फोर्स (RPF/GRP) को दी। किसी ट्रेन दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बिना किसी देरी के धामपुर थाना पुलिस की एक टीम और जीआरपी के जवान तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल को अपने घेरे में लिया और वहां जमा भीड़ को ट्रैक से दूर हटाया ताकि किसी अन्य हादसे को रोका जा सके। पुलिस ने रेलवे ट्रैक से शव के टुकड़ों को इकट्ठा किया और उसे एक चादर से ढककर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई कि क्या किसी ने इस व्यक्ति को हादसे से पहले देखा था या कोई उसे पहचानता है, लेकिन प्रारंभिक पूछताछ में कोई भी व्यक्ति मृतक की पहचान नहीं कर सका।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
शिनाख्त के लिए पुलिस का सघन अभियान
\r\n\r\nपुलिस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती मृतक की शिनाख्त करना है। हादसे में शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया है, जिसके कारण चेहरे से पहचान करना काफी मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने मृतक की तलाशी ली है ताकि उसकी जेब से कोई पहचान पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई मोबाइल फोन मिल सके, जिससे उसके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
शिनाख्त के प्रयासों को तेज करते हुए पुलिस ने मृतक के कपड़ों के रंग, उसकी शारीरिक बनावट और उम्र का अनुमान लगाते हुए आसपास के थानों में सूचना भिजवा दी है। इसके अलावा, धामपुर और आसपास के गांवों में भी यह जानकारी दी जा रही है कि यदि कोई व्यक्ति लापता है, तो उसके परिजन आकर शव की शिनाख्त कर सकते हैं। पुलिस सोशल मीडिया और स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स का भी सहारा ले रही है ताकि मृतक की पहचान जल्द से जल्द हो सके। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को मोर्चरी (पोस्टमार्टम हाउस) में रखवा दिया गया है, जहां 72 घंटों तक शिनाख्त के लिए इंतजार किया जाएगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
रेलवे ट्रैक पार करते समय लापरवाही बनती है जानलेवा
\r\n\r\nयह हादसा एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित करता है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय लोगों द्वारा बरती गई थोड़ी सी लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है। नहटौर फाटक जैसी जगहों पर अक्सर देखा जाता है कि जब ट्रेन के आने का समय होता है और फाटक बंद कर दिया जाता है, तब भी कई लोग जल्दबाजी में बंद फाटक के नीचे से निकलकर ट्रैक पार करने की कोशिश करते हैं। कई बार लोग कानों में ईयरफोन लगाकर रेलवे लाइन किनारे चलते हैं, जिससे उन्हें पीछे से आ रही ट्रेन के हॉर्न की आवाज सुनाई नहीं देती और वे दर्दनाक हादसे का शिकार हो जाते हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृतक व्यक्ति जानबूझकर बंद फाटक पार कर रहा था, या वह अनजाने में ट्रैक पर आ गया था, या फिर यह कोई और मामला है। पुलिस हर संभावित एंगल से इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जीआरपी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त उस ट्रैक से कौन सी ट्रेन गुजरी थी, ताकि ट्रेन के लोको पायलट से संपर्क करके घटना का सटीक विवरण प्राप्त किया जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रशासन की आम जनता से सख्त अपील
\r\n\r\nइस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने आम जनता से एक बार फिर सख्त अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ट्रैक पार करना एक दंडनीय अपराध होने के साथ-साथ जानलेवा भी है। नागरिकों को हमेशा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) या अंडरपास का ही उपयोग करना चाहिए। बंद फाटक को पार करने का जोखिम कभी नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि कुछ मिनटों की जल्दबाजी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों और युवाओं को रेलवे ट्रैक के आसपास ईयरफोन का इस्तेमाल न करने और सतर्क रहने की हिदायत दें।
\r\n\r\n\r\n\r\n
फिलहाल, धामपुर पुलिस और जीआरपी संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य मृतक की पहचान कर उसके परिवार वालों को इस दुखद घटना की सूचना देना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.