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बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले (Bijnor News) में गुरुवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टला, लेकिन धमाके की गूंज ने पूरे इलाके को दहला दिया। थाना नहटौर क्षेत्र के आकू गांव (Aaku Village) स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री की छत के टीन शेड हवा में कागज की तरह उड़ गए और इसकी आवाज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। गनीमत रही कि हादसे के वक्त मजदूर फैक्ट्री के अंदर मौजूद नहीं थे, जिससे जनहानि नहीं हुई।READ ALSO:-बिजनौर को बाढ़ से बचाने का 'मेगा प्लान': 40 करोड़ से हाईटेक होगा रावली तटबंध; गंगा की लहरें अब नहीं मचा पाएंगी तबाही
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सुबह 8:30 बजे हुआ धमाका

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घटना गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे की है। आकू गांव के पास नहर किनारे चल रही इस पटाखा फैक्ट्री की 'लैब यूनिट' में अचानक आग लग गई। वहां रखे केमिकल के ड्रमों ने आग पकड़ ली, जिसके चलते एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, "आवाज इतनी तेज थी कि हमें लगा जैसे कोई भूकंप आ गया हो। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और फैक्ट्री की तरफ धुएं का गुबार उठता देखा।" विस्फोट के कारण फैक्ट्री की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और टीन की चादरें दूर खेतों में जाकर गिरीं।
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नियमों की अनदेखी और बार-बार हादसे

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जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही थी। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रिहायशी इलाकों के पास बारूद का इतना बड़ा जखीरा क्यों रखा गया है।
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स्थानीय निवासियों ने बताया कि बिजनौर पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट (Bijnor Firecracker Factory Blast) की यह पहली घटना नहीं है। पिछले 6 महीनों के भीतर इसी फैक्ट्री में यह दूसरी बार आग लगने और विस्फोट होने की घटना है। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे फैक्ट्री संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार ग्रामीणों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
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मौके पर मची अफरा-तफरी

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धमाके की आवाज सुनते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। शुरू में लोगों ने खुद ही पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन बारूद में रुक-रुक कर हो रहे धमाकों के कारण कोई पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
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सूचना मिलते ही नहटौर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने भीड़ को घटनास्थल से दूर हटाया ताकि किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके।
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पुलिस जांच में जुटी

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घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मजदूर नाश्ता करने के लिए बाहर गए हुए थे, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था या नहीं और क्या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम (Fire Safety Norms) किए गए थे।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया जा सकता है ताकि विस्फोट के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
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बिजनौर के नहटौर में हुआ यह हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। बार-बार हो रहे ऐसे विस्फोट यह बताते हैं कि सुरक्षा मानकों की किस कदर अनदेखी की जा रही है। अगर समय रहते फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर बाहर न गए होते, तो आज एक बड़ा मानवीय हादसा हो सकता था। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करते हैं।
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