बिजनौर (Bijnor News): जनपद बिजनौर में हाड़ कंपा देने वाली ठंड और सिंचाई के सीजन के बीच किसानों के लिए बड़ा सिरदर्द बने ट्यूबवैल मोटर चोरों के गिरोह पर पुलिस ने करारी चोट की है। स्योहारा थाना पुलिस (Syohara Police Station) ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसका नाम सुनते ही पुलिस महकमे में भी चर्चा शुरू हो गई है—नाम है नौशाद उर्फ 'खरगोश'।READ ALSO:-मेरठ में परिवहन क्रांति: अब गांव-गांव पहुंचेगी 'लाल बस', सीएम योगी की 'ग्रामीण बस सेवा' शुरू; किराए में 20% की भारी छूट
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इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने क्षेत्र में लगातार हो रही ट्यूबवैल चोरियों का न केवल खुलासा किया है, बल्कि यह भी संदेश दिया है कि अपराध करने वाला चाहे 'खरगोश' की तरह कितना भी तेज क्यों न हो, कानून के हाथ उसकी गर्दन तक पहुँच ही जाते हैं।
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स्योहारा पुलिस का 'ऑपरेशन रैबिट': कैसे कसा शिकंजा?

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बिजनौर पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक झा के निर्देश पर अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्योहारा पुलिस को यह सफलता मिली है। पिछले कुछ दिनों से स्योहारा क्षेत्र के किसान बेहद परेशान थे। वजह थी—रातों-रात खेतों से गायब होती पानी की मोटरें।
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11 फरवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि ट्यूबवैल चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाला शातिर अपराधी किसी नई घटना की फिराक में है। पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और नौशाद उर्फ खरगोश को दबोच लिया।
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इन दो घटनाओं ने पुलिस को किया था अलर्ट

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'खरगोश' की गिरफ्तारी के पीछे दो मुख्य घटनाएं थीं, जिन्होंने पुलिस को त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर किया:
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    08 फरवरी की रात: वादी जोगेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चोरों ने उनके, देवेन्द्र सिंह और छोटे सिंह के खेतों में लगे नलकूपों (Tubewells) से मोटर, स्टार्टर और केबल चोरी कर लिए हैं। एक ही रात में तीन किसानों का नुकसान हुआ था।
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    10 फरवरी की रात: ठीक दो दिन बाद, चोरों ने फिर धावा बोला। इस बार सुधीर कुमार और राजीव के खेतों को निशाना बनाया गया। तरीका (Modus Operandi) वही पुराना था—तार काटना और मोटर खोल ले जाना।
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कौन है नौशाद उर्फ 'खरगोश'?

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पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम नौशाद उर्फ खरगोश (पुत्र बुन्दू) बताया है। वह मूल रूप से स्योहारा के ग्राम ठाटजट का रहने वाला है और वर्तमान में फव्वारा चौक, कस्बा स्योहारा में रह रहा था।
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    उपनाम 'खरगोश' क्यों? पुलिस सूत्रों की मानें तो नौशाद खेतों के रास्तों और पगडंडियों से भागने में माहिर था और बहुत फुर्तीला था, शायद इसीलिए अपराध की दुनिया में उसे 'खरगोश' नाम मिला।
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    आपराधिक इतिहास: 'खरगोश' कोई नौसिखिया नहीं है। उस पर पहले से ही चोरी और नकबजनी के आधा दर्जन (6) मुकदमे दर्ज हैं। वह एक आदतन अपराधी (Habitual Offender) है।
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बरामदगी: 'खरगोश' की पोटली से क्या मिला?

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पुलिस ने जब नौशाद की निशानदेही पर छापेमारी की, तो चोरी का माल और औजार देखकर दंग रह गई। बरामद सामान इस प्रकार है:
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    3 बिजली की मोटरें: (एक मोटर बिल्कुल साबुत और दो मोटरें कटी हुई अवस्था में)।
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    मोटर के पार्ट्स: एक मोटर की बॉडी खुली हुई मिली।
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    साइकिल: घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 'एवन' कंपनी की साइकिल।
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    वारदात के औजार:
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      लोहा काटने वाला ग्लाइडर (Cutter Machine)
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      प्लास (Pliers), पेचकश, छैनी और हथौड़ा
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      पाना और चाबी का सेट
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नोट: कटी हुई मोटरें यह इशारा करती हैं कि नौशाद मोटर चोरी करने के बाद तुरंत उसका तांबा (Copper) और कीमती मेटल निकालकर कबाड़ियों को बेचने की फिराक में रहता था।
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कानूनी कार्रवाई: नई संहिता (BNS) का प्रयोग

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चूंकि यह मामला वर्ष 2026 का है, पुलिस ने पुरानी IPC की जगह नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया है।
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    धारा 303(2) BNS: चोरी (Theft) के लिए।
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    धारा 317(2) & 317(4) BNS: चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करने और छिपाने के लिए।
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किसानों के लिए क्यों बड़ी है यह खबर?

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फरवरी का महीना रबी की फसलों (विशेषकर गेहूं) के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस समय फसल को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। एक मोटर की कीमत 25 से 40 हजार रुपये होती है। अगर ऐसे समय में मोटर चोरी हो जाए, तो किसान पर दोहरी मार पड़ती है—एक तो नई मोटर का खर्चा और दूसरा सिंचाई न होने पर फसल सूखने का डर। स्योहारा पुलिस की इस कार्रवाई ने सैकड़ों किसानों को राहत दी है।
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इस टीम ने किया खुलासा

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इस गुडवर्क को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में शामिल थे:
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    निरीक्षक संजय कुमार (प्रभारी निरीक्षक, स्योहारा)
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  3. \r\n
    उ0नि0 प्रदीप कुमार
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  4. \r\n
  5. \r\n
    उ0नि0 अरुण कुमार
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  6. \r\n
  7. \r\n
    हेड कांस्टेबल नीटू राणा (297)
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  8. \r\n
  9. \r\n
    कांस्टेबल राहुल (2508)
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  10. \r\n
  11. \r\n
    कांस्टेबल सुदेर राणा (2460)
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  12. \r\n
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किसानों के लिए पुलिस की सलाह (Safety Tips)

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बिजनौर पुलिस ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी ट्यूबवैल की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें:
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    नंबर लिखवाएं: अपनी मोटर और स्टार्टर पर पेंट से या खुदवाकर अपना नाम और मोबाइल नंबर जरूर लिखें। इससे चोर इसे बेचने से डरते हैं।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    कोठरी मजबूत करें: ट्यूबवैल के कमरे में इंटरलॉकिंग या डबल लॉक का इस्तेमाल करें।
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  5. \r\n
    सूचना दें: अगर खेत के आसपास कोई अनजान व्यक्ति या कबाड़ी वाला संदिग्ध हालत में दिखे, तो तुरंत 112 नंबर या थाने पर सूचना दें।
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  6. \r\n
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(Disclaimer: यह रिपोर्ट पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और एफआईआर के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी का दोष न्यायालय में सिद्ध होना शेष है।)
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