बिजनौर (Bijnor News): आज के डिजिटल युग में जहां इंटरनेट ने हमारे जीवन को बेहद आसान बना दिया है, वहीं इसके साथ-साथ साइबर ठगी और डेटा चोरी जैसे खतरे भी तेजी से पैर पसार रहे हैं. इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए, बिजनौर के महात्मा विदुर सभागार (Mahatma Vidur Auditorium) में एक बेहद महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया.READ ALSO:-मेरठ में 'लव मैरिज' पर 'धर्मयुद्ध': 13 फरवरी को बजनी थी शहनाई, अब थाने पहुंची बात; चाचा ने दर्ज कराया धर्मांतरण का मुकदमा
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इस कार्यशाला की अध्यक्षता जिले की जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर ने की. बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता को बढ़ते हुए साइबर अपराधों (Cyber Crimes) के प्रति जागरूक करना और उनसे बचाव के तरीकों पर चर्चा करना था. इस दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन साइबर सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है और जिले के हर थाने में साइबर सेल (Cyber Cell) की स्थापना की गई है ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके.
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डिजिटल युग: सुविधा के साथ सतर्कता भी जरूरी
\r\n\r\nकार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएम जसजीत कौर ने कहा कि आज के दौर में हम इंटरनेट से अछूते नहीं रह सकते. बैंकिंग से लेकर पढ़ाई और खरीदारी तक, सब कुछ ऑनलाइन हो चुका है. लेकिन, तकनीकी सुविधाओं के साथ-साथ जोखिम भी बढ़े हैं.
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डीएम ने कहा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"आज डिजिटल युग में इंटरनेट जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है. यह हमारी प्रगति के लिए जरूरी है, लेकिन थोड़ी सी असावधानी किसी के भी जान-माल की हानि का कारण बन सकती है. साइबर अपराधी नित नए तरीके खोज रहे हैं, ऐसे में हमारी जागरूकता ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है."\r\n
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उन्होंने जोर देकर कहा कि लोग अपने पासवर्ड, ओटीपी (OTP) और व्यक्तिगत डेटा को किसी के साथ साझा न करें. अक्सर देखा गया है कि पढ़े-लिखे लोग भी जरा सी चूक के कारण लाखों की ठगी का शिकार हो जाते हैं.
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जिले के सभी थानों में 'साइबर सेल' की स्थापना
\r\n\r\nसाइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए सख्त कदमों की जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि अब पीड़ितों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
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- \r\n हर थाने में डेस्क: जिले के सभी थानों में विशेष साइबर सेल (Cyber Cell) और हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है.\r\n \r\n
- \r\n त्वरित कार्रवाई: इन सेल्स में तैनात पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है.\r\n \r\n
- \r\n जागरूकता: यह सेल न केवल अपराधों की जांच करेगी, बल्कि अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक भी करेगी.\r\n \r\n
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तकनीकी विशेषज्ञों ने दिए सुरक्षा के टिप्स
\r\n\r\nकार्यशाला में एनआईसी (NIC) और पुलिस साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया. उन्होंने प्रोजेक्टर और प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि हैकर्स किस तरह से लोगों के मोबाइल और कंप्यूटर में सेंध लगाते हैं.
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जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (District Informatics Officer) ने कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को डेटा सुरक्षा (Data Security) के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि सरकारी कामकाज में भी डिजिटल माध्यमों का प्रयोग बढ़ रहा है, इसलिए विभागीय डेटा को सुरक्षित रखना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है.
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विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा:
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- \r\n मजबूत पासवर्ड: हमेशा अल्फान्यूमेरिक (अक्षर, अंक और सिंबल) पासवर्ड का उपयोग करें.\r\n \r\n
- \r\n फिशिंग लिंक: अनजान नंबरों या ईमेल से आए लिंक पर कभी क्लिक न करें.\r\n \r\n
- \r\n ऐप परमिशन: मोबाइल में कोई भी ऐप डाउनलोड करते समय यह जरूर देखें कि वह कौन-कौन सी परमिशन मांग रहा है.\r\n \r\n
- \r\n अपडेट: अपने मोबाइल और कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें.\r\n \r\n
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बढ़ते खतरे और प्रशासन की तैयारी
\r\n\r\nरिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 में भारत में साइबर हमलों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है. ऐसे में जिला स्तर पर इस तरह की कार्यशाला का आयोजन समय की मांग है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 'जामताड़ा मॉडल' और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए तरीकों से लोगों को डराकर पैसे वसूले जा रहे हैं.
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बिजनौर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि साइबर सेल 24x7 काम कर रही है. किसी भी तरह की वित्तीय ठगी होने पर 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती 1-2 घंटे) में शिकायत दर्ज कराने से पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है. इसके लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है.
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महात्मा विदुर सभागार में आयोजित यह कार्यशाला इस बात का प्रमाण है कि बिजनौर प्रशासन नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है. डीएम जसजीत कौर का यह संदेश—"सतर्कता ही सुरक्षा है"—हर नागरिक तक पहुंचना जरूरी है. यह कार्यशाला न केवल अधिकारियों के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए एक 'वेक-अप कॉल' साबित होगी. उम्मीद है कि प्रशासन की इस पहल और पुलिस की सक्रियता से जिले में साइबर अपराधों के ग्राफ में कमी आएगी.
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बिजनौर के महात्मा विदुर सभागार में डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में साइबर जागरूकता कार्यशाला संपन्न हुई. डीएम ने इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि जिले के सभी थानों में साइबर सेल स्थापित कर दी गई है. एनआईसी और पुलिस अधिकारियों ने डेटा चोरी और ऑनलाइन ठगी से बचने के तकनीकी उपाय साझा किए.
Sabse pehle comment karne wale banein.