उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का चांदपुर क्षेत्र शुक्रवार की सुबह एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात का गवाह बना। यह घटना इस बात का जीता-जागता और खौफनाक उदाहरण है कि कैसे पारिवारिक विवाद और छोटी-छोटी बातें इंसान को किस कदर हैवान बना सकती हैं। जिस जीवनसाथी के साथ महिला ने सात फेरे लेकर जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाई थीं, उसी पति ने एक बेहद मामूली सी बात पर अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारने की कोशिश की। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस क्रूरता को देखकर हैरान हैं।READ ALSO:-गाजियाबाद के होटल में खौफनाक वारदात: मुस्लिम युवक के साथ रुकी 23 साल की रश्मि की फंदे से लटकती मिली लाश, बंद कमरे से आती रही आवाज़- 'नदीम को बुला दो'
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वारदात की पृष्ठभूमि: चांदपुर का रहने वाला है परिवार

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पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी और पीड़िता के बयानों के अनुसार, यह घटना बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र से जुड़ी है। पीड़िता का नाम रुकसार है। रुकसार अपने पति नासिर और तीन मासूम बच्चों के साथ चांदपुर के मोहल्ला शाहचंदन में एक किराए के मकान में रहकर अपना जीवन यापन कर रही थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच अक्सर छोटे-मोटे घरेलू विवाद होते रहते थे। हालांकि, किसी ने यह सपने में भी नहीं सोचा था कि यह विवाद एक दिन इतना खौफनाक रूप ले लेगा कि नासिर अपनी पत्नी की जान का दुश्मन बन जाएगा।
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मेरठ का सफर और विवाद की असली जड़

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इस खौफनाक वारदात की पटकथा बिजनौर में नहीं, बल्कि मेरठ के सफर के दौरान लिखी गई। दरअसल, कुछ दिन पहले रुकसार अपने पति नासिर के साथ मेरठ में रहने वाले किसी रिश्तेदार के यहां गई हुई थी। इसी दौरान नासिर चाहता था कि उसकी पत्नी रुकसार उसकी फूफो (बुआ/फूफी) के घर भी जाए और उनसे मुलाकात करे।
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किसी कारणवश रुकसार ने फूफो के घर जाने से इनकार कर दिया। यही वह बिंदु था जहां से विवाद ने तूल पकड़ना शुरू किया। नासिर को अपनी पत्नी का यह इनकार अपनी तौहीन लगा। उसे लगा कि उसकी पत्नी उसकी बात नहीं मानकर उसकी रिश्तेदारी में उसकी बेइज्जती कर रही है। दोनों के बीच इस बात को लेकर मेरठ में ही कहासुनी हुई, लेकिन रुकसार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसके पति के दिमाग में कोई खौफनाक साजिश जन्म ले रही है।
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खौफनाक रात: जंगल के रास्ते में जानलेवा हमला

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मेरठ से अपनी रिश्तेदारी का काम निपटाने के बाद दोनों पति-पत्नी वापस अपने घर बिजनौर (चांदपुर) के लिए लौट रहे थे। जब वे लौट रहे थे, तब तक काफी रात हो चुकी थी। नासिर के दिमाग में फूफो के घर न जाने वाली बात लगातार गूंज रही थी और उसका गुस्सा चरम पर पहुंच चुका था।
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चांदपुर क्षेत्र के करीब पहुंचने पर, नासिर ने जानबूझकर मुख्य सड़क के बजाय जंगल से गुजरने वाले एक सुनसान और कच्चे रास्ते का चुनाव किया। रात का घना अंधेरा था और आसपास कोई दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा था। इसी सन्नाटे का फायदा उठाते हुए नासिर ने अचानक अपना असली और भयानक रूप दिखाया।
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इससे पहले कि रुकसार कुछ समझ पाती या अपना बचाव कर पाती, नासिर ने अपने पास छिपाकर रखा हुआ एक धारदार चाकू निकाला और अपनी पत्नी की गर्दन पर जोरदार वार कर दिया। रुकसार चीखती रही, तड़पती रही और रहम की भीख मांगती रही, लेकिन सनक में अंधे हो चुके पति ने एक न सुनी। उसने चाकू से वार कर पत्नी की गर्दन को बुरी तरह रेत दिया। इसके बाद, नासिर अपनी पत्नी को खून से लथपथ और मरणासन्न हालत में उसी घने जंगल में तड़पता हुआ छोड़कर वहां से फरार हो गया।
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खून से लथपथ घर पहुंची पीड़िता: जिंदगी बचने की एक अद्भुत मिसाल

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नासिर को लगा था कि उसने अपनी पत्नी का काम तमाम कर दिया है और वह अब जिंदा नहीं बचेगी। लेकिन रुकसार की जिंदगी अभी बाकी थी। गर्दन कटने के बावजूद और शरीर से भारी मात्रा में खून बह जाने के बाद भी, उस महिला ने गजब की हिम्मत दिखाई। वह अपनी कटी हुई गर्दन को हाथ से दबाकर, दर्द से कराहती और लड़खड़ाती हुई किसी तरह जंगल के उस खौफनाक रास्ते से बाहर निकली।
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वह अपनी जान बचाते हुए खून से लथपथ हालत में अपने घर तक पहुंचने में कामयाब रही। घर पहुंचते ही जब परिजनों ने रुकसार को इस खौफनाक और लहूलुहान अवस्था में देखा, तो उनके होश उड़ गए। घर में चीख-पुकार मच गई। रुकसार ने किसी तरह टूटे हुए शब्दों में अपने परिजनों को उस खौफनाक हमले की पूरी कहानी बताई और यह भी बताया कि इस जानलेवा हमले को किसी और ने नहीं, बल्कि उसके अपने पति नासिर ने अंजाम दिया है।
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अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग: हालत बेहद गंभीर

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परिजनों ने एक पल की भी देरी किए बिना, रात के उसी पहर में रुकसार को तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी - CHC), स्याऊ पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने जब महिला की कटी हुई गर्दन और बहते हुए खून को देखा, तो वे भी सिहर उठे।
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सीएचसी के डॉक्टरों ने तुरंत प्राथमिक उपचार देकर खून को रोकने की कोशिश की, लेकिन घाव इतना गहरा था और खून का रिसाव इतना अधिक हो चुका था कि महिला की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उसकी नब्ज कमजोर पड़ रही थी। स्थिति की गंभीरता और नाजुकता को देखते हुए, सीएचसी के डॉक्टरों ने उसे तुरंत बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए हायर सेंटर (बड़े अस्पताल) के लिए रेफर कर दिया। वर्तमान में रुकसार अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। उसके गले पर गहरे घाव हैं और डॉक्टर उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की तलाश

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इस खौफनाक घटना की सूचना मिलते ही चांदपुर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। थाना चांदपुर के प्रभारी निरीक्षक (SHO) राहुल सिंह ने इस पूरी घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।
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पुलिस जांच के मुख्य बिंदु:

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    मेडिकल परीक्षण: पुलिस के अनुसार, पीड़िता रुकसार का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट में गर्दन पर धारदार हथियार से किए गए गहरे वार की पुष्टि हुई है, जो हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के सीधे सबूत के रूप में काम करेगी।
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    तहरीर का इंतजार: पुलिस फिलहाल पीड़िता के परिजनों की ओर से औपचारिक लिखित शिकायत (तहरीर) का इंतजार कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर मिलते ही आरोपी पति नासिर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित और सख्त धाराओं (जैसे हत्या का प्रयास आदि) के तहत नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।
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    छापेमारी और तलाश: आरोपी नासिर वारदात को अंजाम देने के बाद से ही फरार है। पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं जो नासिर के संभावित ठिकानों, उसके रिश्तेदारों के घरों (विशेषकर मेरठ और उसके आसपास के इलाकों) में दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल और समाज के लिए एक बड़ा सवाल

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इस पूरी दर्दनाक घटना में सबसे ज्यादा अगर किसी का नुकसान हुआ है, तो वे हैं रुकसार और नासिर के तीन मासूम बच्चे। एक तरफ उनकी मां अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है, तो दूसरी तरफ उनका पिता एक क्रूर अपराधी बनकर पुलिस से भाग रहा है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका भविष्य अचानक एक अंधेरी खाई में चला गया है।
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यह घटना हमारे समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या हमारे समाज में रिश्तों की अहमियत इतनी खत्म हो गई है कि महज एक रिश्तेदार के घर न जाने जैसी छोटी सी बात पर कोई इंसान इतना हिंसक हो सकता है कि वह अपनी ही पत्नी का गला रेत दे? घरेलू हिंसा (Domestic Violence) के मामलों में अक्सर देखा जाता है कि छोटे विवाद बड़े अपराधों में बदल जाते हैं। यह घटना एक कड़ा संदेश देती है कि समाज में क्रोध प्रबंधन (Anger Management) और रिश्तों में संवाद की कितनी भारी कमी है।
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फिलहाल, बिजनौर पुलिस आरोपी पति की सरगर्मी से तलाश कर रही है और पूरे इलाके के लोग बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि रुकसार किसी तरह यह जंग जीत ले और मौत को मात देकर अपने मासूम बच्चों के पास सुरक्षित लौट आए। पुलिस प्रशासन भी इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहा है ताकि भविष्य में ऐसी खौफनाक वारदातों पर लगाम लगाई जा सके।
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