उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल आपराधिक और राजनीतिक विवाद गरमाया हुआ है। बिजनौर ब्लैकमेलिंग मामला ने न केवल स्थानीय राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला चिकित्सक (BAMS) द्वारा ब्लैकमेलिंग और अश्लील वीडियो बनाने की एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पूर्व जिला मंत्री प्रभात यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया। लेकिन अब इस मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। निष्कासन के बाद प्रभात यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताया है और जिले के ही एक अन्य भाजपा नेता केशव चौधरी पर गंभीर राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाया है। इस पूरे विवाद ने बिजनौर की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है।READ ALSO:-मेरठ: भीषण गर्मी में बेगमपुल व्यापार संघ बना मसीहा, 3 घंटे तक चला मीठे जल और दूध का महा-वितरण, उमड़ा पूरा शहर
\r\n\r\n\r\n\r\n
महिला डॉक्टर के आरोप और बिजनौर ब्लैकमेलिंग मामला की शुरुआत
\r\n\r\nइस पूरे विवाद की जड़ बिजनौर के चांदपुर स्थित मेदर केयर हॉस्पिटल (Mother Care Hospital) से जुड़ी है। यह अस्पताल एक BAMS महिला डॉक्टर द्वारा अपने डॉक्टर ससुर के साथ मिलकर संचालित किया जाता है। पुलिस को दी गई शिकायत में महिला डॉक्टर ने अपनी दर्दनाक आपबीती साझा की है। पीड़िता के अनुसार, 29 जुलाई, 2025 को उनके पति का दुखद निधन हो गया था। इस मुश्किल दौर में, उनके अस्पताल में अक्सर आने वाले रोहनिया गांव निवासी तत्कालीन भाजपा नेता प्रभात यादव ने उनसे हमदर्दी जतानी शुरू की।
\r\n\r\n\r\n\r\n
शुरुआत में प्रभात यादव अपनी पत्नी के साथ अस्पताल आते थे, जिससे दोनों परिवारों के बीच जान-पहचान बढ़ गई। पति की मौत के बाद प्रभात ने संवेदना और सपोर्ट दिखाने का दिखावा किया, लेकिन जल्द ही उनकी नीयत बदल गई। डॉक्टर को जब प्रभात की हरकतें और इरादे गलत लगे, तो उन्होंने उसे अपने घर और अस्पताल आने से साफ मना कर दिया, लेकिन प्रभात ने उनकी एक न सुनी।
\r\n\r\nनशीला पदार्थ खिलाकर वीडियो बनाने का गंभीर आरोप
\r\n\r\nडॉक्टर द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, यह बिजनौर ब्लैकमेलिंग मामला तब अपने चरम पर पहुंचा जब करीब 3 महीने पहले प्रभात यादव जबरन अस्पताल आया। आरोप है कि उसने महिला डॉक्टर को खाने-पीने की चीजों में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। नशीला पदार्थ खाने के बाद डॉक्टर बेहोश हो गईं। पीड़िता का आरोप है कि इसी बेहोशी की हालत का फायदा उठाकर प्रभात ने उनके आपत्तिजनक और अश्लील फोटो तथा वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जब डॉक्टर को होश आया तो वह कमरे में अकेली थीं। कुछ दिन बाद, प्रभात यादव ने वही अश्लील फोटो और वीडियो डॉक्टर के मोबाइल पर भेजे और उन्हें इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देने लगा। वीडियो डिलीट करने की एवज में वह लगातार पैसों की मांग (Extortion) करने लगा। पीड़िता ने बताया कि इस धमकी और दबाव के कारण वह पिछले कई महीनों से मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से भयंकर प्रताड़ना का शिकार हो रही थीं।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
निष्कासित भाजपा नेता प्रभात यादव का पलटवार
\r\n\r\nजैसे ही यह मामला पुलिस तक पहुंचा और एफआईआर दर्ज हुई, भाजपा नेतृत्व ने छवि खराब होने के डर से प्रभात यादव को तुरंत पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। लेकिन, निष्कासन के बाद प्रभात यादव चुप नहीं बैठे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपना एक वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने भाजपा के ही एक अन्य जिला मंत्री केशव चौधरी पर सीधे तौर पर निशाना साधा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
प्रभात यादव ने वीडियो में चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अगर मैं और मेरी पत्नी इस प्रताड़ना से तंग आकर कोई गलत कदम (आत्महत्या) उठाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ केशव चौधरी की होगी।” प्रभात का दावा है कि उन्हें एक गहरी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और केशव चौधरी इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य सूत्रधार हैं।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
'मुझे AI और फर्जी वीडियो के जरिए फंसाया गया'
\r\n\r\nअपने बचाव में प्रभात यादव ने एक बेहद चौंकाने वाला तकनीकी दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो वीडियो ब्लैकमेलिंग का आधार बताया जा रहा है, वह असल में पूरी तरह से फर्जी है। प्रभात का कहना है कि उस अश्लील वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके एडिट किया गया है ताकि उनकी राजनीतिक और सामाजिक हत्या की जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उन्होंने पुलिस और जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। प्रभात ने खुद चुनौती दी है कि अगर उनके या उनके परिवार के बैंक खातों में महिला डॉक्टर के खाते से एक भी रुपये का लेन-देन (ट्रांजेक्शन) साबित हो जाता है, तो वह फांसी के फंदे पर लटकने को तैयार हैं। उन्होंने महिला चिकित्सक और उनके दिवंगत पति के बैंक खातों की भी गहन जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
राजनीतिक साजिश और पार्टी पदाधिकारियों पर सवाल
\r\n\r\nइस विवाद ने भाजपा के अंदरूनी कलह को भी सतह पर ला दिया है। प्रभात यादव ने अपने वीडियो में केवल केशव चौधरी को ही नहीं घेरा, बल्कि जिले के वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों पर भी एकतरफा और जल्दबाजी में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पूर्व जिला मंत्री का कहना है कि पार्टी के कुछ लोग शुरू से ही उन्हें जिला कार्यकारिणी में नहीं देखना चाहते थे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि निष्कासन जैसी बड़ी कार्रवाई करने से पहले पार्टी नेतृत्व ने न तो उनका पक्ष जानने की कोशिश की और न ही उनसे कोई पूछताछ की गई। प्रभात ने उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाने की अपील की है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वर्तमान परिदृश्य में, बिजनौर ब्लैकमेलिंग मामला दो बिल्कुल अलग-अलग दावों के बीच उलझ गया है। एक तरफ एक बेबस महिला चिकित्सक है, जो पति की मौत के बाद ब्लैकमेलिंग और शोषण का आरोप लगा रही है; वहीं दूसरी तरफ एक निष्कासित नेता है, जो इसे AI तकनीक और पार्टी की गुटबाजी का परिणाम बता रहा है। अब यह पूरी तरह से पुलिस की जांच, साइबर सेल की फोरेंसिक रिपोर्ट और बैंक खातों की डिटेल पर निर्भर करता है कि इस मामले में सच्चाई क्या है। इस विवाद ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक तकनीक (जैसे AI) का इस्तेमाल अब अपराध और राजनीति में किस कदर भ्रम पैदा करने के लिए किया जा सकता है। पुलिस को इस मामले की जल्द से जल्द और निष्पक्ष जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बिजनौर के चांदपुर में एक महिला चिकित्सक ने पूर्व भाजपा नेता प्रभात यादव पर नशीला पदार्थ खिलाकर अश्लील वीडियो बनाने और ब्लैकमेल करने का मुकदमा दर्ज कराया है। एफआईआर के बाद भाजपा से निष्कासित हुए प्रभात यादव ने एक वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता केशव चौधरी ने राजनीतिक साजिश के तहत AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से फर्जी वीडियो बनाकर उन्हें फंसाया है। प्रभात ने बैंक खातों की जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि उन पर आरोप सिद्ध होते हैं तो वह फांसी चढ़ने को तैयार हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

Sabse pehle comment karne wale banein.