उत्तर प्रदेश में रंगों का त्योहार होली हमेशा से ही एक विशेष महत्व रखता है। इस बार होलिका दहन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो चुका है, लेकिन इस वर्ष की होली पर चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) का साया भी है। चंद्रग्रहण और सूतक काल की वजह से भले ही लोग सुबह के समय ज्यादा रंग नहीं खेल रहे हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में मूड पूरी तरह से होली वाला है। हर गली, नुक्कड़ और मोहल्ले में यूपी होली जश्न (UP Holi Jashn) की खुमारी साफ देखी जा सकती है।READ ALSO:-बिजनौर में गुलदार का खौफ: खेत में काम कर रही महिला पर जानलेवा हमला, चीख-पुकार सुन दौड़े ग्रामीण, हालत नाजुक
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होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह गिले-शिकवे मिटाने, भाईचारे को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का भी पर्व है। उत्तर प्रदेश, जो अपनी 'ब्रज की होली' और 'अवध की होली' के लिए विश्व विख्यात है, वहां इस बार का यूपी होली जश्न सियासत के रंगों और प्रशासन की सख्त पहरेदारी के बीच मनाया जा रहा है। एक तरफ जहां राजनेता गुलाल उड़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस ने हुड़दंगियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बार उत्तर प्रदेश में होली का यह पावन पर्व किन खासियतों के साथ मनाया जा रहा है।
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बिजनौर में राजनीतिक होली: विधायक सुचि मौसम चौधरी का शानदार डांस
\r\n\r\nहोली का त्योहार आम जनता के साथ-साथ राजनेताओं के लिए भी अपने समर्थकों और जनता से जुड़ने का एक बड़ा अवसर होता है। यूपी होली जश्न में राजनेताओं के रंग भी खूब देखने को मिल रहे हैं। बिजनौर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक सुचि मौसम चौधरी ने इस बार की होली को बेहद खास अंदाज में मनाया।
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सुचि मौसम चौधरी ने अपने पति ऐश्वर्य चौधरी (मौसम) के साथ एक भव्य होली मिलन कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ जमकर होली खेली। उत्साह से लबरेज सुचि और उनके पति ने न केवल एक-दूसरे पर खूब गुलाल फेंका, बल्कि डीजे की धुनों पर जमकर डांस भी किया। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे पूरी तरह से होली की मस्ती में डूबी नजर आ रही हैं।
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कौन हैं सुचि मौसम चौधरी? सुचि मौसम चौधरी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-माना युवा चेहरा हैं। साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में जब उन्होंने बिजनौर सदर सीट से जीत हासिल की थी, तब वे यूपी की सबसे कम उम्र (महज 27 वर्ष) की विधायक बनी थीं। उनके पति ऐश्वर्य चौधरी भी एक कद्दावर नेता हैं। दोनों की जोड़ी क्षेत्र में काफी लोकप्रिय है और होली मिलन समारोह में उनके इस बेबाक और खुशमिजाज अंदाज ने स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया है। राजनेताओं का यह रूप जनता को यह संदेश देता है कि त्योहारों पर राजनीतिक दूरियां और पद की गरिमा से अलग, वे भी आम इंसानों की तरह खुशियां मनाना पसंद करते हैं।
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अखिलेश यादव की चुटकी: 'पुराना हमजोली है, बुरा न मानो होली है'
\r\n\r\nसियासत में होली के मौके पर राजनीतिक विरोधियों के बीच भी मीठी नोकझोंक देखने को मिलती है। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी यूपी होली जश्न में अपना रंग घोलते हुए एक दिलचस्प राजनीतिक तंज कसा।
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अखिलेश यादव ने अपने पुराने साथी और वर्तमान में दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी को बेहद ही खास 'होली स्टाइल' में शुभकामनाएं दीं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से मनोज तिवारी को विश करते हुए अपने संदेश के आखिर में लिखा- "पुराना हमजोली है, बुरा न मानो होली है।"
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यह वाक्य राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार रहे मनोज तिवारी का राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से ही शुरू हुआ था। साल 2009 के लोकसभा चुनाव में मनोज तिवारी ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर गोरखपुर से चुनाव लड़ा था, हालांकि बाद में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हो गए। अखिलेश यादव का यह ट्वीट उसी पुराने जुड़ाव की याद दिलाता है। होली के मौके पर इस तरह की स्वस्थ राजनीतिक बयानबाजी भारतीय लोकतंत्र की उस खूबसूरती को दर्शाती है, जहां वैचारिक मतभेद व्यक्तिगत मनभेद में नहीं बदलते।
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सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख: उपद्रवियों को कड़ी चेतावनी
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था (Law and Order) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख हमेशा से सख्त रहा है। यूपी होली जश्न के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सीएम योगी ने होली से पहले ही राज्य के आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक अहम रिव्यू मीटिंग की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि त्योहार की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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रिव्यू मीटिंग के मुख्य निर्देश:
\r\n\r\nसीएम योगी ने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत और कड़े निर्देश दिए हैं:
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- \r\n उपद्रवियों पर नजीर बनने वाली कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर किसी ने भी शरारतपूर्ण तरीके से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो उस पर ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए एक नजीर (उदाहरण) बने। होली के त्योहार पर ‘रंग में भंग’ डालने वालों से पुलिस पूरी सख्ती से निपटेगी।\r\n \r\n
- \r\n कानून-व्यवस्था से कोई खिलवाड़ नहीं: प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है। किसी भी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति को इसे नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं होगी।\r\n \r\n
- \r\n पिछले 5 सालों की घटनाओं की समीक्षा: पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे पिछले 5 वर्षों में होली के दौरान हुई घटनाओं और विवादों का गहन अध्ययन करें। जिन इलाकों में पहले विवाद हो चुके हैं, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए और उन घटनाओं से सीख लेते हुए प्रभावी सुरक्षा प्रबंध किए जाएं।\r\n \r\n
- \r\n अभद्र गीत-संगीत और डीजे पर रोक: होली के नाम पर अक्सर फूहड़ और अभद्र गाने बजाए जाते हैं, जिससे महिलाओं और आम जनमानस को असहजता होती है। सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि होली के अवसर पर कहीं भी अभद्र गीत-संगीत नहीं बजना चाहिए। इसके अलावा, कानफोड़ू आवाज वाले लाउडस्पीकरों और अवैध डीजे को तुरंत हटाया जाए।\r\n \r\n
- \r\n निर्बाध विद्युत आपूर्ति (Power Supply): त्योहारों के दौरान बिजली की भारी आवश्यकता होती है, खासकर होली में जब लोग रंग खेलने के बाद नहाने के लिए पानी की मोटरों का इस्तेमाल करते हैं। सीएम योगी ने ऊर्जा विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि पर्व को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की रोस्टरिंग (बिजली कटौती) न हो।\r\n \r\n
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पश्चिमी यूपी में संवेदनशीलता: मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा (Western UP) हमेशा से ही सांप्रदायिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। होली के त्योहार में अक्सर ऐसा होता है कि उड़ता हुआ रंग या गुलाल गलती से किसी धार्मिक स्थल पर गिर जाता है, जिसे लेकर कई बार दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो जाती है। इस यूपी होली जश्न को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बेहद ही परिपक्व और एहतियाती कदम उठाया है।
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संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद समेत पश्चिमी यूपी (मुरादाबाद, अलीगढ़, मेरठ आदि) की ज्यादातर मस्जिदों को पुलिस और प्रशासन की देखरेख में तिरपाल (Tarpaulin) और प्लास्टिक कवर से ढक दिया गया है।
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यह कदम क्यों उठाया गया? यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि होली खेलने के दौरान रंग, गुलाल या पानी के गुब्बारे गलती से भी मस्जिदों की दीवारों या परिसरों पर न पड़ें। स्थानीय मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं और मस्जिद कमेटियों ने भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। यह आपसी समन्वय और प्रशासन की दूरदर्शिता का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो यह सुनिश्चित करता है कि बहुसंख्यक समुदाय अपना त्योहार बिना किसी रोक-टोक के मना सके और अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को भी कोई ठेस न पहुंचे। प्रशासन का मानना है कि प्रिवेंशन (रोकथाम) हमेशा इलाज से बेहतर होता है।
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फिरोजाबाद में पुलिस का फ्लैग मार्च: 'हुड़दंग किया तो एक्शन लेंगे'
\r\n\r\nकानून-व्यवस्था को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए यूपी पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। सुहागनगरी के नाम से मशहूर फिरोजाबाद जिले में पुलिस ने आम जनता को सुरक्षा का एहसास कराने और हुड़दंगियों में खौफ पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर फ्लैग मार्च निकाला।
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फिरोजाबाद के चर्चित अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनुज चौधरी ने भारी पुलिस फोर्स, पीएसी (PAC) जवानों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के साथ शहर के संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने लाउडस्पीकर के माध्यम से सीधे तौर पर चेतावनी दी।
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ASP अनुज चौधरी ने सख्त लहजे में कहा, "त्योहार को त्योहार की तरह मनाएं। किसी पर जबरन रंग न डालें और शराब पीकर वाहन न चलाएं। हुड़दंग मत कीजिएगा, वरना पुलिस तुरंत और सख्त एक्शन लेगी।" इस तरह के फ्लैग मार्च केवल फिरोजाबाद ही नहीं, बल्कि लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, और गोरखपुर सहित प्रदेश के लगभग सभी छोटे-बड़े शहरों में निकाले गए हैं। पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए लगातार गश्त कर रही हैं, जिससे आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और असामाजिक तत्वों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना हुआ है।
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डीजीपी राजीव कृष्ण की अपील: पुलिस अलर्ट मोड पर
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने यूपी होली जश्न के मौके पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पुलिस की तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उनका संदेश इस बात पर केंद्रित था कि होली उल्लास का पर्व है, इसे किसी के लिए परेशानी का सबब न बनने दें।
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डीजीपी का आधिकारिक बयान:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"रंग-उमंग और आपसी विश्वास के इस पावन पर्व होली पर आप सभी को बहुत शुभकामनाएं। होली एक त्योहार के साथ-साथ प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरस्ता का प्रतीक भी है। यह एक उत्सव है। उत्तर प्रदेश पुलिस आपके सुरक्षित और शांतिपूर्ण उत्सव के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और अलर्ट मोड पर है।"\r\n
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सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी: डीजीपी ने जानकारी दी कि पूरे प्रदेश भर में पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। सभी थानों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। चौराहों पर बैरिकेडिंग लगाकर शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों (Drunk and Drive) की ब्रेथ एनालाइजर से चेकिंग की जा रही है। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी (ईव-टीजिंग) की घटनाओं पर तुरंत लगाम लगाई जा सके।
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नागरिकों से आग्रह: डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रदेश की जनता से तीन महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:
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- \r\n प्राकृतिक रंगों का प्रयोग: केमिकल युक्त पक्के रंगों के बजाय प्राकृतिक और हर्बल रंगों (सुरक्षित रंगों) का उपयोग करें, ताकि किसी की त्वचा या आंखों को नुकसान न पहुंचे।\r\n \r\n
- \r\n सहमति का सम्मान: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी की भी इच्छा के खिलाफ उस पर रंग या पानी न डालें। यदि कोई व्यक्ति रंग नहीं खेलना चाहता (चाहे वह बीमार हो, या व्यक्तिगत कारणों से), तो उसकी निजता का सम्मान करें।\r\n \r\n
- \r\n यातायात नियमों का पालन: होली के दिन अक्सर युवा बाइकों पर तीन सवारी बैठाकर या बिना हेलमेट के तेज रफ्तार में हुड़दंग करते हैं। डीजीपी ने सख्त हिदायत दी है कि यातायात के नियमों का हर हाल में पालन किया जाए। संयम और जिम्मेदारी के साथ उत्सव मनाएं।\r\n \r\n
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का संदेश: खुशियों की कामना
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी प्रदेश की जनता को इस हर्षोल्लास के पर्व पर अपना बधाई संदेश प्रेषित किया। स्वास्थ्य महकमे की जिम्मेदारी संभालने वाले ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति (जैसे रंग से एलर्जी, सड़क दुर्घटना या फूड पॉइजनिंग) से तुरंत निपटा जा सके।
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उपमुख्यमंत्री का संदेश:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"होली के पावन पर्व पर मैं प्रदेशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाईयां देता हूं। होली रंगों को त्योहार है। यह त्योहार हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नई उमंग और नए रंग लेकर आए। सबके जीवन में खुशियां आएं, प्रदेश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़े, ऐसी मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।"\r\n
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उन्होंने आम जनमानस से यह भी अपील की कि वे मिलावटी मिठाइयों, विशेषकर मावा और खोये से बनी गुझिया खरीदते समय सावधानी बरतें। खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की टीमें लगातार मिठाइयों की दुकानों पर छापेमारी कर रही हैं ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
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यूपी होली जश्न: एक सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टिकोण
\r\n\r\nयूपी होली जश्न केवल एक दिन का त्योहार नहीं है; यह एक पूरा मौसम है जो वसंत के आगमन के साथ शुरू हो जाता है।
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सांस्कृतिक विविधता: उत्तर प्रदेश में होली मनाने के कई रूप हैं। मथुरा-वृंदावन में 40 दिन लंबी होली चलती है, जिसमें बरसाने की लट्ठमार होली, नंदगांव की होली, और बांके बिहारी मंदिर की फूलों की होली पूरी दुनिया से पर्यटकों को आकर्षित करती है। वहीं, काशी (वाराणसी) में मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं की भस्म (राख) से खेली जाने वाली 'मसान की होली' जीवन और मृत्यु के बीच के अद्भुत दर्शन को प्रस्तुत करती है। अवध (लखनऊ) में नवाबों के समय से चली आ रही 'गंगा-जमुनी तहजीब' की होली आज भी प्रेम का संदेश देती है।
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चंद्रग्रहण का प्रभाव: इस वर्ष यूपी होली जश्न पर चंद्रग्रहण का भी प्रभाव देखने को मिल रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रग्रहण के सूतक काल में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। यही कारण है कि इस बार होलिका दहन के समय में कुछ बदलाव देखने को मिले और लोग ग्रहण की अवधि के दौरान बाहर निकलकर रंग खेलने से बच रहे हैं। हालांकि, ग्रहण खत्म होने और स्नान-दान के बाद लोग दोगुनी ऊर्जा के साथ गुलाल उड़ाने के लिए तैयार हैं।
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आर्थिक प्रभाव: होली का यह त्योहार यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा बूस्टर है। रंग, गुलाल, पिचकारी, कपड़े, और मिठाइयों (विशेष रूप से गुझिया और पापड़) के बाजार गुलजार हैं। स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को इस त्योहार से बड़ी आर्थिक राहत मिलती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'लोकल फॉर वॉयल' और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के आह्वान के बाद से चीनी पिचकारियों और रासायनिक रंगों की बिक्री में भारी गिरावट आई है, और स्थानीय स्तर पर बने हर्बल रंगों और पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी है।
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निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि इस वर्ष का यूपी होली जश्न (UP Holi Jashn) परंपरा, सतर्कता और आधुनिक प्रशासन का एक बेहतरीन संगम है। जहां एक ओर चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना ने लोगों के जश्न मनाने के समय में थोड़ा बदलाव किया है, वहीं दूसरी ओर राजनेताओं का उत्साह, जैसे बिजनौर विधायक सुचि मौसम चौधरी का शानदार डांस और अखिलेश यादव की राजनीतिक चुटकियां, त्योहार के मजे को दोगुना कर रही हैं।
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सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त कानून-व्यवस्था नीति और यूपी पुलिस (डीजीपी और एएसपी स्तर तक) की जमीन पर मुस्तैदी ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि यह त्योहार शांति, सुरक्षा और सौहार्द के वातावरण में मनाया जाए। पश्चिमी यूपी में मस्जिदों को ढंकने जैसी प्रशासनिक दूरदर्शिता इस बात का प्रमाण है कि सरकार 'रंग में भंग' डालने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी। उत्तर प्रदेश के नागरिक इस बार पूरी जिम्मेदारी, सुरक्षा और भाईचारे के साथ अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक होली का आनंद ले रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश में चंद्रग्रहण के प्रभाव के बावजूद यूपी होली जश्न पूरे चरम पर है। बिजनौर से भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी ने पति ऐश्वर्य के साथ डांस कर होली मनाई, वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूर्व सहयोगी व भाजपा सांसद मनोज तिवारी को 'बुरा न मानो होली है' कहकर विश किया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी समीक्षा बैठक की, जिसमें उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई, डीजे पर अश्लील गानों पर रोक और निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए गए। डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्राकृतिक रंगों के इस्तेमाल और सहमति से रंग खेलने की अपील की है। सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पश्चिमी यूपी में मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया है और फिरोजाबाद सहित कई शहरों में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर हुड़दंगियों को सख्त चेतावनी दी है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी को होली की शुभकामनाएं दी हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.