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\r\n\r\n(सोमवार, 16 फरवरी 2026 | स्थान: नूरपुर, बिजनौर | रिपोर्टर: शकील अहमद)
\r\n\r\nपश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम की आंख-मिचौली जारी है। सोमवार की सुबह जब बिजनौर के लोग सोकर उठे, तो पूरा जिला घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा हुआ था। लेकिन यह कोहरा अपने साथ हादसों का पैगाम लेकर आया। नूरपुर-बिजनौर स्टेट हाईवे (Nurpur-Bijnor State Highway), जो क्षेत्र की जीवन रेखा माना जाता है, आज वाहनों के मलबे और पुलिस के सायरन से गूंज उठा।
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\r\n\r\nग्राम अहीरपुरा के पास विजिबिलिटी (Visibility) इतनी कम थी कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। इसी दौरान एक के बाद एक तीन भारी वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए और हाईवे पर लंबा जाम लग गया। गनीमत रही कि इस भीषण दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दो चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
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हादसा कैसे हुआ? (The Sequence of Events)
\r\n\r\nसोमवार सुबह करीब 8:00 बजे का वक्त था। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोहरा इतना घना था कि 10 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो रहा था।
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चेन रिएक्शन (Chain Reaction):
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- \r\n विजिबिलिटी जीरो: सड़क पर चल रहे वाहनों की रफ्तार धीमी थी, लेकिन अचानक कोहरे की एक मोटी परत सामने आ गई।\r\n \r\n
- \r\n अनियंत्रित ट्रक: एक तेज रफ्तार ट्रक कोहरे के कारण सामने का अंदाजा नहीं लगा पाया और उसने आगे चल रही एक डीसीएम (DCM - Light Commercial Vehicle) को जोरदार टक्कर मार दी।\r\n \r\n
- \r\n ट्रैक्टर की चपेट: टक्कर लगते ही डीसीएम अनियंत्रित हो गई और पास से गुजर रहे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा भिड़ी।\r\n \r\n
- \r\n तेज धमाका: टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और अहीरपुरा गांव के लोग हाईवे की तरफ दौड़ पड़े।\r\n \r\n
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वाहनों का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। कांच के टुकड़े और लोहे की बॉडी सड़क पर बिखर गई थी।
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घायलों की पहचान और स्थिति
\r\n\r\nइस हादसे में वाहनों के ड्राइवरों को चोटें आईं। टक्कर के कारण वे स्टीयरिंग और डैशबोर्ड के बीच फंस गए थे। ग्रामीणों और राहगीरों ने मशक्कत कर उन्हें बाहर निकाला।
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घायल चालकों का विवरण:
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- \r\n अशोक कुमार (ट्रक चालक):\r\n\r\n
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- \r\n निवासी: पूरनपुर, जिला पीलीभीत।\r\n \r\n
- \r\n स्थिति: सिर और पैरों में चोटें आईं।\r\n \r\n
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- \r\n योगेंद्र सिंह (डीसीएम चालक):\r\n\r\n
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- \r\n निवासी: जानसठ, जिला मुजफ्फरनगर।\r\n \r\n
- \r\n स्थिति: सीने और हाथ में चोट।\r\n \r\n
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दोनों घायलों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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पुलिस की तत्परता— 'लेडी सिंघम' ने संभाला मोर्चा
\r\n\r\nहादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। नूरपुर थाने की उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) वर्षा यादव अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं।
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रेस्क्यू ऑपरेशन:
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- \r\n एंबुलेंस की व्यवस्था: एसआई वर्षा यादव ने बिना समय गंवाए एंबुलेंस को कॉल किया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नूरपुर भिजवाया।\r\n \r\n
- \r\n प्राथमिक उपचार: डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल लाने से दोनों की जान बच गई। प्राथमिक उपचार और मेडिकल चेकअप के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n जाम खुलवाया: दुर्घटना के कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। पुलिस टीम ने क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे करवाया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू (Restore) किया।\r\n \r\n
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कोहरा और लापरवाही— एक जानलेवा कॉकटेल
\r\n\r\nयह हादसा एक चेतावनी है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के महीने में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण अचानक मौसम बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी घना कोहरा छाया रहता है।
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हादसे के मुख्य कारण:
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- \r\n तेज रफ्तार: कोहरे के बावजूद भारी वाहन चालक गति सीमा (Speed Limit) का पालन नहीं कर रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n फॉग लाइट्स का अभाव: कई वाहनों में पीली फॉग लाइट्स नहीं थीं, जिससे सामने का रास्ता साफ नहीं दिख रहा था।\r\n \r\n
- \r\n लेन ड्राइविंग: हाईवे पर लेन अनुशासन का पालन न करना भी भिड़ंत की वजह बना।\r\n \r\n
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प्रशासन की अपील और एडवाइजरी
\r\n\r\nइस घटना के बाद बिजनौर पुलिस और यातायात विभाग ने वाहन चालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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- \r\n फॉग लाइट का प्रयोग: कोहरे में लो-बीम और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल जरूर करें।\r\n \r\n
- \r\n धीरे चलें: विजिबिलिटी कम होने पर गाड़ी की रफ्तार 30-40 किमी/घंटा से ज्यादा न रखें।\r\n \r\n
- \r\n पार्किंग लाइट (Hazard Lights): गाड़ी चलाते समय पार्किंग लाइट (चारों इंडिकेटर) जलाकर रखें ताकि पीछे आने वाले वाहन को आप दिख सकें।\r\n \r\n
- \r\n दूरी बनाए रखें: आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी (Safe Distance) बनाकर चलें।\r\n \r\n
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तथ्यों का सारांश (Fact File)
\r\n\r\n| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n जानकारी \r\n | \r\n
| \r\n घटना स्थल \r\n | \r\n \r\n ग्राम अहीरपुरा के पास, नूरपुर-बिजनौर स्टेट हाईवे \r\n | \r\n
| \r\n समय \r\n | \r\n \r\n सोमवार सुबह (16 फरवरी 2026) \r\n | \r\n
| \r\n शामिल वाहन \r\n | \r\n \r\n ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर \r\n | \r\n
| \r\n कारण \r\n | \r\n \r\n घना कोहरा (Dense Fog) और कम विजिबिलिटी \r\n | \r\n
| \r\n घायल \r\n | \r\n \r\n 2 (अशोक कुमार, योगेंद्र सिंह) \r\n | \r\n
| \r\n पुलिस अधिकारी \r\n | \r\n \r\n एसआई वर्षा यादव (नूरपुर थाना) \r\n | \r\n
| \r\n वर्तमान स्थिति \r\n | \r\n \r\n यातायात सामान्य, घायल डिस्चार्ज \r\n | \r\n
बिजनौर का यह हादसा टल सकता था अगर थोड़ी सावधानी बरती जाती। गनीमत रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया। 'Gemini News' अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें, क्योंकि घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।
\r\n\r\n(रिपोर्ट: शकील अहमद, बिजनौर)
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Sabse pehle comment karne wale banein.