उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में स्थित देश की प्रमुख और ऐतिहासिक चीनी मिलों में से एक, धामपुर शुगर मिल में प्रबंधन स्तर पर एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। मिल के सुचारू संचालन, भविष्य की रणनीतियों को मजबूत करने और उत्पादन नीतियों को और अधिक धार देने के उद्देश्य से अनुभवी अधिकारी आशीष शर्मा को मिल का नया यूनिट हेड (Unit Head) मनोनीत किया गया है। बुधवार को मिल परिसर में आयोजित एक औपचारिक और गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मिल के प्रबंध निदेशक (Managing Director) गौरव गोयल ने आशीष शर्मा को आधिकारिक तौर पर यूनिट हेड का कार्यभार ग्रहण कराया। पदभार ग्रहण करते ही नए यूनिट हेड ने अपनी कार्यशैली का परिचय देते हुए मिल के सभी विभागों की तत्काल बैठक बुलाई और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। READ ALSO:-छावनी में तब्दील हुआ मेरठ: 'महा-बंदी' से पहले 31 जोन और 14 सेक्टर में बंटा शहर, आसमान से ड्रोन और जमीन पर PAC का पहरा!
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पदभार ग्रहण समारोह और शीर्ष प्रबंधन की मौजूदगी

\r\n\r\n
नवनियुक्त यूनिट हेड के पदभार ग्रहण समारोह को मिल के प्रशासनिक भवन में बेहद सादगी, सकारात्मकता और उत्साह के साथ संपन्न किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर धामपुर शुगर मिल का पूरा शीर्ष प्रबंधन एक साथ मौजूद रहा। प्रबंध निदेशक गौरव गोयल ने आशीष शर्मा को उनकी इस नई और बड़ी जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस अहम समारोह में मिल के महाप्रबंधक (General Manager) ईशान गोयल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अक्षत कपूर और मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) सुशील मल्होत्रा सहित मिल के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियर और कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी आला अधिकारियों ने एक स्वर में आशीष शर्मा का मिल परिवार में स्वागत किया और उन्हें इस अहम जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। उपस्थित अधिकारियों ने यह गहरा विश्वास जताया कि आशीष शर्मा के लंबे अनुभव, तकनीकी ज्ञान और कुशल नेतृत्व में यह मिल सफलता की नई और ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छुएगी। [External link: source URL]
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आशीष शर्मा का विजन: उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर

\r\n\r\n
अपना कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद, आशीष शर्मा ने बिना कोई समय गंवाए 'एक्शन मोड' (Action Mode) में काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने धामपुर शुगर मिल की सभी सब-यूनिटों, तकनीकी विभागों, और प्रशासनिक प्रमुखों के साथ एक मैराथन बैठक (Meeting) की। इस परिचयात्मक और रणनीतिक बैठक का मुख्य एजेंडा मिल की वर्तमान उत्पादक क्षमता (Production Capacity) की गहन समीक्षा करना और उसे आगामी पेराई सत्रों की जरूरतों के हिसाब से बढ़ाना था।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
आशीष शर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि हमारा पहला और सर्वोपरि लक्ष्य मिल की पेराई क्षमता (Crushing capacity) को उसके अधिकतम स्तर पर ले जाना और आधुनिक तकनीकी सुधारों के माध्यम से उत्पादन लागत (Production Cost) को कम करना है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आपसी तालमेल और टीम वर्क (Team work) की भावना से काम करने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने चीनी की रिकवरी रेट बढ़ाने, मशीनों के रखरखाव (Maintenance) को दुरुस्त रखने और किसी भी प्रकार के तकनीकी ब्रेकडाउन (Breakdown) से बचने के लिए एडवांस प्लानिंग करने के निर्देश दिए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

धामपुर शुगर मिल का उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान

\r\n\r\n
धामपुर शुगर मिल का नाम न केवल बिजनौर जिले में बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और भारत के गन्ना उद्योग (Sugarcane Industry) में बड़े सम्मान और भरोसे के साथ लिया जाता है। यह मिल दशकों से इस क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ बनी हुई है। यह विशाल औद्योगिक इकाई हजारों स्थानीय युवाओं और कामगारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करती है। साथ ही, बिजनौर और आसपास के जिलों के लाखों गन्ना किसान अपनी नकदी फसल की बिक्री और अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से इसी मिल पर निर्भर हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मिल द्वारा समय पर गन्ने की पेराई का शुरू होना और सुचारू रूप से पेराई सत्र (Crushing Season) का संचालन क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति को सीधा प्रभावित करता है। इसके अलावा, राज्य और केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी (Ethanol Blending Policy) में भी यह मिल अपना बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। ऐसे में, एक ऊर्जावान और कुशल यूनिट हेड की नियुक्ति मिल के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए भी एक बड़ी और बेहद सकारात्मक खबर है। [Internal link to related article]
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

गन्ना किसानों के लिए नए नेतृत्व के क्या हैं मायने?

\r\n\r\n
किसी भी शुगर मिल की असली सफलता और उसका मुनाफा वहां के गन्ना किसानों की पूर्ण संतुष्टि पर निर्भर करता है। आशीष शर्मा की इस नई नियुक्ति को क्षेत्र के मेहनतकश गन्ना किसानों के लिए भी एक नई उम्मीद और राहत के तौर पर देखा जा रहा है। पेराई सत्र के दौरान किसानों को अक्सर तौल केंद्रों (Weighing centers) पर लंबी कतारों, गन्ना पर्ची (Sugarcane slip) मिलने में होने वाली देरी, और सुचारू यातायात प्रबंधन जैसी जमीनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आसपास के ग्रामीण अंचलों में यह उम्मीद की जा रही है कि नए यूनिट हेड आशीष शर्मा इन सभी जमीनी समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान निकालेंगे। उन्होंने अपनी पहली आधिकारिक बैठक में ही यह साफ संकेत दे दिया है कि मिल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को गन्ने की आपूर्ति में कोई असुविधा न हो, यह मिल प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी। यदि मिल बिना किसी तकनीकी बाधा के अपनी पूरी क्षमता से गन्ने की पेराई करेगी, तो किसानों का गन्ना समय से खेतों से उठ सकेगा, जिससे वे अपनी अगली फसल (जैसे गेहूं या सरसों) की बुवाई सही समय पर कर सकेंगे। 
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भविष्य की चुनौतियां और सह-उत्पादों (By-products) का विस्तार

\r\n\r\n
भारतीय चीनी उद्योग वर्तमान में कई वैश्विक और स्थानीय चुनौतियों से गुजर रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में अचानक बदलाव, गन्ने की पैदावार और रिकवरी में उतार-चढ़ाव, और चीनी के अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव जैसे कारक मिलों के समग्र मुनाफे को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। धामपुर शुगर मिल के सामने भी इस समय तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण (Modernization) और सरकार के सख्त पर्यावरण मानकों (Environmental Standards) को बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आशीष शर्मा को इन सभी चुनौतियों से कुशलतापूर्वक पार पाते हुए मिल को एक नई और सुरक्षित दिशा देनी होगी। आज के आधुनिक दौर में कोई भी शुगर मिल सिर्फ चीनी बनाकर मुनाफे में नहीं रह सकती। इसलिए, आशीष शर्मा ने बैठक में चीनी उत्पादन के साथ-साथ मिल में बनने वाले सह-उत्पादों (By-products) जैसे इथेनॉल (Ethanol), शीरा (Molasses), खोई (Bagasse) और को-जनरेशन प्लांट के जरिए होने वाले बिजली उत्पादन की क्षमता को भी पूरी तरह से इस्तेमाल करने पर विशेष जोर दिया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मिल के सीईओ अक्षत कपूर और सीएफओ सुशील मल्होत्रा जैसे अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों का साथ आशीष शर्मा को वित्तीय और तकनीकी रूप से मजबूत निर्णय लेने में बड़ी मदद करेगा। प्रबंधन की यह एकजुटता मिल के सुनहरे भविष्य की गारंटी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विस्तृत विश्लेषण के बाद निष्कर्ष के तौर पर यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि आशीष शर्मा को धामपुर शुगर मिल का नया यूनिट हेड बनाया जाना प्रबंधन की एक सोची-समझी, दूरदर्शी और सकारात्मक पहल है। प्रबंध निदेशक गौरव गोयल और पूरे शीर्ष प्रबंधन द्वारा उन पर जताया गया अटूट भरोसा इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि वे इस भारी-भरकम जिम्मेदारी के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार हैं। कार्यभार संभालते ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने और टीम वर्क पर उनका विशेष जोर यह दर्शाता है कि वे इस ऐतिहासिक मिल को उद्योग में नंबर वन बनाने के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सारांश संक्षेप में, बिजनौर की प्रतिष्ठित धामपुर शुगर मिल में आशीष शर्मा को प्रबंध निदेशक गौरव गोयल द्वारा नया यूनिट हेड नियुक्त किया गया है। उनके पदभार ग्रहण समारोह में मिल के महाप्रबंधक ईशान गोयल, सीईओ अक्षत कपूर और सीएफओ सुशील मल्होत्रा सहित पूरा शीर्ष प्रबंधन उपस्थित रहा। अपना पदभार संभालते ही एक्शन मोड में आए आशीष शर्मा ने सभी विभागों के प्रमुखों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने मिल की समग्र उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, सह-उत्पादों का बेहतर इस्तेमाल करने और गन्ना किसानों के हितों को सर्वोपरि रखने पर विशेष जोर दिया। यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव मिल के भविष्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें