बिजनौर। जनपद में आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता और क्षमता विकास को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह के निर्देश पर राम का चौराहा स्थित सिटी बैंक्विट हॉल में सोमवार (5 अक्टूबर 2026) को तीन दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 7 अक्टूबर तक चलेगा।

​महिलाओं को मिला आपदा से निपटने का प्रशिक्षण

इस कार्यशाला के मुख्य फोकस में स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं हैं। कार्यशाला के पहले दिन इन महिलाओं को आपदा से पूर्व की तैयारियों और उस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया। स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन विभाग के मास्टर ट्रेनर्स ने महिलाओं को विभिन्न प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं—जैसे भूकंप, बाढ़, अग्निकांड और आकाशीय बिजली—से सुरक्षित रहने के गुर सिखाए।

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​व्यावहारिक जानकारी और फर्स्ट एड पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने आपात स्थिति में स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल की जानकारी दी। महिलाओं को प्राथमिक उपचार (First Aid) और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

​समुदाय को सशक्त बनाने की पहल

इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सामुदायिक स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में सक्रिय भागीदार बनाना है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने इस कार्यशाला को बेहद उपयोगी बताया। उनका कहना है कि सीखी गई बातें उनके दैनिक जीवन और कार्यों में मददगार साबित होंगी।

​वहीं, जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि किसी भी आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्क रहें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस अवसर पर आपदा विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. प्रतीक, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। अगले दो दिनों में भी विभिन्न अहम विषयों पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे, ताकि ये महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता का संदेश पहुंचा सकें।

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