बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से एक ऐसा सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। रोजगार की तलाश और हेयर कटिंग (सैलून) का काम सीखने के लिए तीन साल पहले जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) गए एक 16 वर्षीय नाबालिग हिंदू लड़के का ब्रेनवॉश कर उसका धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) करा दिया गया।READ ALSO:-बकरीद को लेकर प्रशासन फुल अलर्ट मोड पर: DM ने जारी की सख्त एडवाइजरी, सड़क पर नमाज और नई परंपराओं पर पूर्ण प्रतिबंध; पढ़ें पूरी गाइडलाइंस
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित परिवार के मोबाइल पर एक इंस्टाग्राम (Instagram) वीडियो पहुंचा, जिसमें उनका बेटा मस्जिद में मौलवी के सामने कलमा पढ़ता और 'मोहम्मद हमजा' के नाम से अपनी नई पहचान कबूल करता नजर आ रहा था। पिता की लिखित शिकायत और क्षेत्रीय विधायक के कड़े हस्तक्षेप के बाद, बिजनौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कश्मीर से किशोर और उसे बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी युवक को सकुशल बरामद कर लिया है। गुरुवार को लंबी पूछताछ के बाद लड़के को उसके परिजनों को सौंप दिया गया, जहां उसका वैदिक रीति-रिवाजों से शुद्धिकरण कराया गया।
\r\n\r\n

 वसीम ने नौकरी का झांसा देकर Kashmir में ...

\r\n\r\n

कैसे शुरू हुआ यह खेल? (तीन साल पहले का कश्मीर कनेक्शन)

\r\n\r\n
इस पूरी खौफनाक साजिश की पटकथा आज से तीन साल पहले लिखी गई थी। बिजनौर के खानजहांपुर बहादर गांव के रहने वाले पीड़ित पिता कृष्ण कुमार, जो पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर हैं, ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    काम की तलाश: कृष्ण कुमार के बेटे (जिसकी हाईस्कूल की मार्कशीट के अनुसार उम्र 17 साल 4 महीने है) ने तीन साल पहले 10वीं की परीक्षा पास की थी। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह रोजगार की तलाश में था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आरोपी की एंट्री: इसी दौरान उसकी जान-पहचान पास के ही गांव काजीवाला के रहने वाले वसीम (पुत्र लियाकत) से हुई। वसीम का भाई पहले से ही कश्मीर में काम करता था। अच्छी कमाई और सैलून का काम सिखाने का झांसा देकर वसीम का भाई तीन साल पहले इस नाबालिग को अपने साथ जम्मू-कश्मीर ले गया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    कुपवाड़ा में साझेदारी: कश्मीर पहुंचने के बाद शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा। किशोर ने वहां सैलून का काम सीखा और कुछ समय बाद कुपवाड़ा जिले में बिलाल पठान नाम के एक स्थानीय व्यक्ति के साथ साझेदारी (Partnership) में अपना खुद का सैलून खोल लिया। वह नियमित रूप से अपने परिवार को पैसे भी भेजता था।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

बर्ताव में बदलाव और साजिश की आहट

\r\n\r\n
पिता कृष्ण कुमार के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से उनके बेटे के व्यवहार में अचानक और अजीबोगरीब बदलाव आने लगा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
"उसने घर पर पैसे भेजना बिल्कुल बंद कर दिया था। जब भी हम फोन पर बात करते, तो वह छोटी-छोटी बातों पर उग्र हो जाता और झगड़ा करने लगता था। हमें तब समझ नहीं आया कि उसका ब्रेनवॉश किया जा रहा है।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मई महीने का वह घटनाक्रम जिसने पूरी कहानी बदल दी

\r\n\r\n
इस पूरे प्रकरण में मई 2026 का पहला और दूसरा हफ्ता सबसे महत्वपूर्ण रहा। नीचे दी गई टाइमलाइन से समझिए कि कैसे एक हफ्ते के भीतर पूरी साजिश को अंजाम दिया गया:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
तारीख (मई 2026)
\r\n
\r\n
मुख्य घटनाक्रम
\r\n
\r\n
5 मई
\r\n
\r\n
किशोर कश्मीर से छुट्टियां लेकर अपने गांव (बिजनौर) वापस आया।
\r\n
\r\n
6 मई
\r\n
\r\n
परिजनों ने उसकी शादी की बात चलाई। वह परिवार के साथ एक लड़की देखने गया और उसे लड़की पसंद भी आ गई। रिश्ता तय होने की कगार पर था।
\r\n
\r\n
7 मई
\r\n
\r\n
अचानक बिना कोई ठोस कारण बताए, वह जल्दबाजी में वापस जम्मू-कश्मीर लौट गया।
\r\n
\r\n
8 मई
\r\n
\r\n
कश्मीर पहुंचते ही उसने घर पर फोन किया और साफ शब्दों में शादी करने से इनकार कर दिया, जिससे परिवार सकते में आ गया।
\r\n
\r\n
15 मई
\r\n
\r\n
कश्मीर में उसका आधिकारिक रूप से धर्म परिवर्तन कराया गया।
\r\n
\r\n
18 मई
\r\n
\r\n
पिता ने शहर कोतवाली (बिजनौर) में आरोपी वसीम और अन्य के खिलाफ धर्म परिवर्तन की रिपोर्ट दर्ज कराई।
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इंस्टाग्राम वीडियो से खुला 'मोहम्मद हमजा' बनने का राज

\r\n\r\n
परिवार अभी बेटे के शादी से इनकार करने के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि दो दिन पहले उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। किशोर के चाचा के मोबाइल पर किसी ने इंस्टाग्राम के कुछ वीडियो लिंक भेजे।
\r\n\r\n

 एक वीडियो में बच्चे को कलमा पढ़वाते दिखाया गया।

\r\n\r\n
इन वायरल वीडियो में कश्मीर के गांदरबल जिले की मरकजी जामिया मस्जिद का दृश्य था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पहला वीडियो: इसमें एक मौलवी लड़के को कलमा पढ़वाते हुए दिखाई दे रहा है। मौलवी भरे मजमे में उसका हिंदू नाम बदलकर नया इस्लामी नाम 'मोहम्मद हमजा' रख रहा है। वीडियो में लड़का यह कहता सुनाई दे रहा है कि, "मैंने अपनी इच्छा से धर्म बदला है। अब मेरा नाम हमजा है और मैं आप लोगों से बहुत दूर जा रहा हूं।"
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दूसरा वीडियो: इस वीडियो में लड़का (अब हमजा) मस्जिद से बाहर निकलता दिखाई दे रहा है। उसके गले में जश्न की फूल-मालाएं पड़ी हैं और उसके साथ चलने वाले स्थानीय लोग हंसते और जश्न मनाते हुए नजर आ रहे हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
परिजनों का सीधा आरोप है कि यह वीडियो कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि उनके बेटे पर मानसिक दबाव बनाने और परिवार को डराने के लिए जानबूझकर इसे सोशल मीडिया पर अपलोड और वायरल किया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

बिजनौर पुलिस का एक्शन: 19 घंटे की पूछताछ और 'घर वापसी'

\r\n\r\n
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। स्थानीय क्षेत्रीय विधायक और हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया। पिता की तहरीर पर एसपी बिजनौर के निर्देशानुसार शहर कोतवाली पुलिस हरकत में आई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बुधवार देर शाम बिजनौर पुलिस की एक विशेष टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के समन्वय से गांदरबल/कुपवाड़ा इलाके में दबिश दी और किशोर के साथ-साथ उसे बहला-फुसलाकर ले जाने वाले मुख्य आरोपी वसीम को हिरासत में ले लिया। दोनों को तुरंत बिजनौर लाया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बिजनौर पुलिस लाइंस में दोनों से लगातार 19 घंटे तक मैराथन पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद गुरुवार को किशोर को उसके बदहवास परिजनों को सौंप दिया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ढोल-नगाड़ों से स्वागत और मंदिर में हुआ 'शुद्धिकरण'

\r\n\r\n
गुरुवार को जब किशोर अपने गांव पहुंचा, तो वहां का माहौल पूरी तरह से भावुक और जश्न से भरा था। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने ढोल-नगाड़े बजाकर और फूल बरसाकर उसकी 'घर वापसी' का स्वागत किया। इसके तुरंत बाद, परिवार के लोग उसे स्थानीय शिव मंदिर ले गए, जहां पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार और गंगाजल के साथ उसका वैदिक 'शुद्धिकरण' (Sanctification) कराया गया और उसे वापस उसके मूल धर्म में शामिल किया गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस और राजनेताओं के बयान: क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है?

\r\n\r\n
इस मामले ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अवैध धर्मांतरण विरोधी कानून (Anti-Conversion Law) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एसपी बिजनौर, अभिषेक झा का आधिकारिक बयान:

\r\n\r\n
\r\n
"18 मई को एक व्यक्ति ने शहर कोतवाली में अपने बेटे को जम्मू-कश्मीर ले जाकर धर्म परिवर्तन कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित युवक को जम्मू-कश्मीर से सकुशल बरामद कर लिया है। किशोर और आरोपी युवक वसीम के बयानों में कई नई बातें सामने आई हैं। पुलिस अब इस एंगल से गहन जांच कर रही है कि किशोर ने स्वेच्छा से धर्म बदला था या किसी के बहकावे, लालच (Allurement), या दबाव (Coercion) में आकर यह कदम उठाया। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
'इसके पीछे कोई पॉवरफुल नेटवर्क है': भाजपा नेता क्षेत्रीय विधायक के पति और वरिष्ठ भाजपा नेता मौसम चौधरी ने इस घटना को एक गहरी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, "इस पूरे प्रकरण में कोई बहुत ही 'पॉवरफुल नेटवर्क' और सिंडिकेट काम कर रहा है। इसके पीछे बड़े और सफेदपोश लोग शामिल हैं जो हमारे भोले-भाले गरीब बच्चों को रोजगार का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाते हैं और फिर उनका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराते हैं। अगर जांच में यह साबित होता है कि लड़के को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया गया है, तो ऐसे लोगों और इस पूरे गिरोह के खिलाफ रासुका (NSA) के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बिजनौर का यह मामला केवल एक किशोर के धर्म परिवर्तन का नहीं है, बल्कि यह उन गरीब परिवारों के लिए एक चेतावनी भी है जो रोजगार की चाह में अपने नाबालिग बच्चों को बिना पूरी जानकारी के दूर-दराज के राज्यों में भेज देते हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस 'कश्मीर-बिजनौर धर्मांतरण नेक्सस' से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें